#घाघरा #विधानसभा_मार्च : किसान नेता कहरु मुंडा की अध्यक्षता में हुई बैठक में भ्रष्टाचार व ननबैंकिंग कंपनियों के भुगतान मुद्दे पर गोलबंदी का आह्वान।
गुमला जिले के घाघरा प्रखंड में झारखंड नवनिर्माण दल एवं ननबैंकिंग कंपनी पीड़ित मंच की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में 21 फरवरी 2026 को रांची में होने वाले कैडर कन्वेंशन और विधानसभा मार्च की तैयारी पर विस्तार से चर्चा हुई। किसान नेता कहरु मुंडा की अध्यक्षता में प्रमुख कार्यकर्ताओं ने रणनीति तय की।
- किसान नेता कहरू मुंडा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक।
- केंद्रीय संयोजक विजय सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता पर दिया जोर।
- 21 फरवरी 2026 को रांची में कैडर कन्वेंशन में भागीदारी का आह्वान।
- सहारा इंडिया, एपीलाइन, साईं प्रकाश, विश्वामित्र सहित कंपनियों के भुगतान की मांग।
- 16 फरवरी 2026 को घाघरा में बैठक सह शिविर आयोजित करने का निर्णय।
गुमला जिले के घाघरा प्रखंड मुख्यालय के पास झारखंड नवनिर्माण दल एवं ननबैंकिंग कंपनी पीड़ित मंच की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक आगामी विधानसभा सत्र के दौरान प्रस्तावित विधानसभा मार्च तथा 21 फरवरी 2026 को रांची में आयोजित कैडर कन्वेंशन की तैयारी को लेकर बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता किसान नेता कहरु मुंडा ने की।
बैठक में मुख्य रूप से आईपीएफ के प्रभारी सह झारखंड नवनिर्माण दल के केंद्रीय संयोजक विजय सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई और जन समस्याओं के समाधान के लिए हजारों की संख्या में लोगों को एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संगठित प्रयास से ही सरकार प्रायोजित जनविरोधी कार्यों का मुकाबला किया जा सकता है।
21 फरवरी रांची कन्वेंशन को लेकर अपील
विजय सिंह ने रांची में 21 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले कैडर कन्वेंशन में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सहारा इंडिया, एपीलाइन, साईं प्रकाश, विश्वामित्र सहित अन्य ननबैंकिंग कंपनियों में जमा आम लोगों के मेहनत की कमाई की राशि के शीघ्र भुगतान की मांग को लेकर विधानसभा मार्च किया जाएगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि अभी से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें और जमाकर्ताओं को अभियान से जोड़ें। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 16 फरवरी 2026 को घाघरा में एक बैठक सह शिविर आयोजित कर आंदोलन की रूपरेखा को और मजबूत किया जाएगा।
मनरेगा और जन समस्याओं पर चर्चा
बैठक के दौरान किसानों ने मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार और कथित घोटाले की शिकायत उठाई। कई ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर की अन्य जन समस्याएं भी सामने रखीं। इन मुद्दों को लेकर संगठन ने आगामी आंदोलन में इन्हें प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया।
बैठक में संगठन की मजबूती के लिए मजदूरों और किसानों की व्यापक गोलबंदी पर बल दिया गया। निर्णय लिया गया कि भुगतान की मांग को लेकर चल रहे अभियान को और तेज किया जाएगा तथा अधिक से अधिक पीड़ित जमाकर्ताओं को जोड़ा जाएगा।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे उपस्थित
बैठक में शिव प्रसाद साहू, जीवन भगत, प्रीतम केवट, सुखराम लोहरा, वीरेंद्र गोप, सिरू उरांव, नंदू उरांव, बंदे मुंडा, महेंद्र यादव, अजीत असुर, सुकरा उरांव, जगना उरांव, बिलो भगत, सुमित्रा देवी, विमला देवी, कौशल्या देवी सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने और रांची में होने वाले कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: जन मुद्दों पर संगठित होने की तैयारी
घाघरा की यह बैठक केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन मुद्दों को लेकर व्यापक गोलबंदी की शुरुआत मानी जा रही है। ननबैंकिंग कंपनियों में फंसी राशि और स्थानीय भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर आंदोलन की दिशा और तेज हो सकती है।
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