#सिमडेगा #महंगाई_विरोध : झामुमो नेताओं ने गैस सिलेंडर और जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर जताया विरोध।
सिमडेगा जिला मुख्यालय में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बढ़ती महंगाई और रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष अनिल कंडुलना ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और महिला मोर्चा की सदस्याएं शामिल हुईं। नेताओं ने केंद्र सरकार पर आम जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने की मांग की।
- अनिल कंडुलना के नेतृत्व में झामुमो का एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन।
- रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के खिलाफ नारेबाजी।
- मो सफीक खान और रोस प्रतिमा सोरेंग ने केंद्र सरकार को घेरा।
- महंगाई से गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग पर बढ़ते बोझ का मुद्दा उठा।
- गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि को बताया आम जनता पर हमला।
- कीमतें वापस नहीं लेने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
सिमडेगा जिला मुख्यालय में बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से बढ़ती महंगाई और रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो जिला अध्यक्ष अनिल कंडुलना ने किया।
धरना-प्रदर्शन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, महिला मोर्चा की सदस्याएं, युवा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंगाई पर नियंत्रण की मांग की।
महंगाई को लेकर जताया आक्रोश
प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रसोई गैस, खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम लोगों का घर चलाना मुश्किल हो गया है।
अनिल कंडुलना ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
धरना को संबोधित करते हुए झामुमो जिला अध्यक्ष अनिल कंडुलना ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
अनिल कंडुलना ने कहा: “सरकार को गरीबों और आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं रह गया है। गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि कर छोटे व्यापारियों और मेहनतकश लोगों की कमर तोड़ दी गई है।”
उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी और महंगाई दोनों चरम पर हैं, लेकिन केंद्र सरकार जनता को राहत देने के बजाय बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी हुई है।
मो सफीक खान ने बताया जनता की जेब पर हमला
झामुमो जिला सचिव मो सफीक खान ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल मूल्य वृद्धि नहीं, बल्कि आम जनता की जेब पर सीधा हमला है।
मो सफीक खान ने कहा: “रसोई गैस, खाद्य तेल, दाल और पेट्रोल-डीजल जैसी आवश्यक चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इससे गरीब परिवारों के लिए घर चलाना कठिन हो गया है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बढ़ी हुई कीमतें वापस नहीं ली गईं, तो झामुमो आंदोलन को और तेज करेगा।
महिला मोर्चा ने महिलाओं की परेशानियां उठाईं
धरना-प्रदर्शन के दौरान झामुमो महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग ने भी महंगाई के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई की सबसे अधिक मार महिलाओं पर पड़ रही है, क्योंकि हर घर की रसोई का बजट प्रभावित हो चुका है।
रोस प्रतिमा सोरेंग ने कहा: “गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाकर सरकार ने सीधे महिलाओं के चूल्हे पर प्रहार किया है।”
उन्होंने कहा कि घरेलू खर्च संभालना अब पहले की तुलना में काफी कठिन हो गया है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में झामुमो जिला अध्यक्ष अनिल कंडुलना, जिला सचिव मो सफीक खान, जिला उपाध्यक्ष रितेश बड़ाईक, ओसकर डांग, मो सेराजूदिन, केंद्रीय सदस्य नोवास केरकेट्टा, रोस प्रतिमा सोरेंग, फिरोज अली, सुनील खेस, नुसरत खातून, मो इरशाद, प्रफुलित डूंग डूंग, धारामदास तोपनो, संगठन सचिव वकील खान, किशोर डांग, मो शहीद, नगर अध्यक्ष अनस आलम, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मोहम्मद शकील अहमद, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष विनोद तिर्की, छात्र मोर्चा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र बड़ा, सिमडेगा प्रखंड सचिव मिन्हाज राजन, बोलबा प्रखंड सचिव जैनुल अनसारी, कोलेबिरा प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश बागे, कोलेबिरा प्रखंड सचिव ब्रिश दुंग दुंग, बानो प्रखंड उपाध्यक्ष तनवीर आलम सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
कार्यक्रम के अंत में झामुमो नेताओं ने केंद्र सरकार से बढ़ी हुई कीमतों को अविलंब वापस लेने की मांग की।
नेताओं ने कहा कि यदि आम जनता को राहत नहीं दी गई तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रखेगी।

न्यूज़ देखो: महंगाई का मुद्दा आम जनता की सबसे बड़ी चिंता
महंगाई आज देश के हर परिवार को प्रभावित कर रही है। रसोई गैस और जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। राजनीतिक दलों द्वारा इस मुद्दे को उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन सबसे जरूरी यह है कि जनता को वास्तविक राहत मिले। आने वाले समय में सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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रोजमर्रा की बढ़ती कीमतों का असर हर घर और हर परिवार पर पड़ता है।
जनसमस्याओं को लेकर जागरूक रहना लोकतंत्र की ताकत है।
समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि आम लोगों को राहत मिले।
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