पावापुरी में असंगठित मजदूर मोर्चा की संयुक्त बैठक संपन्न, राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी तेज

पावापुरी में असंगठित मजदूर मोर्चा की संयुक्त बैठक संपन्न, राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी तेज

author News देखो Team
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#पावापुरी #मजदूर_सम्मेलन : संयुक्त बैठक में राष्ट्रीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए तैयारी समिति का गठन किया गया।

बिहार के पावापुरी में असंगठित मजदूर मोर्चा एवं झारखंड-बिहार धार्मिक कोठी प्रतिष्ठान महासंघ की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 31 मई 2026 को राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन की तैयारियों को लेकर ग्यारह सदस्यीय तैयारी समिति का गठन किया गया। नेताओं ने कहा कि सम्मेलन में हजारों प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।

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  • पावापुरी, बिहार में असंगठित मजदूर मोर्चा की संयुक्त बैठक आयोजित।
  • 31 मई 2026 को राष्ट्रीय सम्मेलन कराने का लिया गया निर्णय।
  • सम्मेलन तैयारी के लिए 11 सदस्यीय समिति का गठन।
  • बैठक की अध्यक्षता रामबिलास सिंह ने की।
  • संचालन कामरेड कन्हाई पाण्डेय ने किया।
  • हजारों प्रतिनिधियों की भागीदारी का दावा।

बिहार के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल पावापुरी में असंगठित मजदूर मोर्चा एवं झारखंड-बिहार धार्मिक कोठी प्रतिष्ठान महासंघ की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में मजदूर संगठन के विस्तार, राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान 31 मई 2026 को पावापुरी में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ नेता रामबिलास सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन कामरेड कन्हाई पाण्डेय ने किया। बैठक में उपस्थित नेताओं और प्रतिनिधियों ने सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक तैयारी करने पर जोर दिया।

राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी पर बनी रणनीति

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य असंगठित मजदूरों की समस्याओं, अधिकारों और संगठन विस्तार के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना बताया गया।

नेताओं ने कहा कि मजदूरों, किसानों और वंचित वर्गों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष की जरूरत है। इसके लिए मजबूत संगठन और साझा मंच की आवश्यकता है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी आवाज उठाई जा सके।

11 सदस्यीय तैयारी समिति का गठन

सम्मेलन को सफल बनाने के लिए बैठक में ग्यारह सदस्यीय तैयारी समिति का गठन किया गया। समिति को सम्मेलन की रूपरेखा तैयार करने, प्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित करने, प्रचार-प्रसार और आयोजन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकें कर लोगों को सम्मेलन से जोड़ा जाएगा। संगठन के कार्यकर्ता गांवों और कस्बों में जाकर मजदूरों और आम लोगों से संपर्क करेंगे।

नेताओं ने रखे अपने विचार

बैठक के दौरान नेताओं ने संगठन की मजबूती और मजदूर हितों की रक्षा पर जोर दिया।

कामरेड कन्हाई पाण्डेय ने कहा: “असंगठित मजदूरों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए मजबूत एकजुटता जरूरी है।”

वहीं वरिष्ठ नेता पूरन महतो ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियां जल्द पूरी कर ली जाएंगी और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का अभियान तेज किया जाएगा।

पूरन महतो ने कहा: “सम्मेलन मजदूरों और वंचित वर्गों की आवाज को नई दिशा देने का काम करेगा।”

हजारों प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद

बैठक की अध्यक्षता कर रहे रामबिलास सिंह ने कहा कि पावापुरी में आयोजित होने वाले सम्मेलन में हजारों प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से मजदूर हितों, सामाजिक न्याय और संगठन विस्तार के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ काम करें और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें।

संगठन विस्तार पर भी हुई चर्चा

बैठक में झारखंड और बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में संगठन विस्तार को लेकर भी चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि मजदूरों और गरीब तबके की समस्याओं को लेकर निरंतर आंदोलन और जनसंपर्क अभियान चलाने की जरूरत है।

कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनें और संगठन के माध्यम से उन्हें प्रशासन तक पहुंचाने का काम करें।

न्यूज़ देखो: मजदूर एकजुटता से मजबूत होगी आवाज

पावापुरी में आयोजित यह बैठक असंगठित मजदूरों की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है। मजदूरों और वंचित वर्गों के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। अब देखना होगा कि प्रस्तावित राष्ट्रीय सम्मेलन मजदूर हितों की लड़ाई को कितनी नई दिशा दे पाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संगठन की ताकत से बदलेगी मजदूरों की तस्वीर

जब मजदूर, किसान और आम लोग एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करते हैं, तभी बड़े बदलाव संभव होते हैं।
संगठन केवल आंदोलन नहीं, बल्कि अधिकारों और सम्मान की लड़ाई का मजबूत माध्यम होता है।
अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाइए और जागरूक समाज निर्माण में भागीदारी निभाइए।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, खबर को साझा करें और मजदूर एकता की आवाज को मजबूत बनाएं।

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