जयत्री नदी किनारे बाजार टांड़ क्षेत्र में अवैध कबजे का आरोप, जेसीबी से नाला भरने पर बवाल

जयत्री नदी किनारे बाजार टांड़ क्षेत्र में अवैध कबजे का आरोप, जेसीबी से नाला भरने पर बवाल

author News देखो Team
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#लातेहार #भूमिविवादमामला : जयत्री नदी क्षेत्र में अवैध कब्जे और जेसीबी से भूमि क्षति का गंभीर आरोप।

लातेहार जिले के बाजार टांड़ स्थित जयत्री नदी क्षेत्र में भूमि माफियाओं द्वारा रैयती जमीन और नाले पर जेसीबी मशीन से अवैध खुदाई एवं भराई करने का गंभीर आरोप सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों ने खाता संख्या 52 और प्लॉट संख्या 341 की जमीन को नुकसान पहुंचाने तथा नदी के प्राकृतिक बहाव को बाधित करने की शिकायत की है। मामले में प्रशासन और अंचल कार्यालय की चुप्पी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई है।

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  • जयत्री नदी और बाजार टांड़ क्षेत्र में अवैध कब्जे का आरोप।
  • खाता संख्या 52 व प्लॉट संख्या 341 की जमीन पर नुकसान का दावा।
  • जेसीबी मशीन (JH01TC-1938) से खुदाई व नाला भरने का आरोप।
  • प्रदीप पाठक, गिरधारी पाठक उर्फ नागेंद्र पाठक पर गंभीर आरोप।
  • राजा प्रसाद पर मिलीभगत का उल्लेख शिकायत में किया गया।
  • प्रशासन और नगर निकाय पर अनदेखी का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश।

लातेहार जिले के बाजार टांड़ क्षेत्र स्थित जयत्री नदी के आसपास भूमि विवाद और अवैध कब्जे का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ भूमि माफियाओं द्वारा रैयती जमीन और नदी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र में जेसीबी मशीन लगाकर अवैध तरीके से खुदाई की जा रही है और नाले को भरकर सड़क निर्माण जैसा कार्य किया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा मामला न केवल भूमि विवाद का है, बल्कि प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। इससे आने वाले समय में बाढ़ और जलजमाव जैसी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।

रैयती जमीन और नदी क्षेत्र पर कब्जे का आरोप

प्राप्त शिकायत के अनुसार खाता संख्या 52 और प्लॉट संख्या 341 की भूमि पर अवैध गतिविधियां की जा रही हैं। आरोप है कि जेसीबी मशीन नंबर JH01TC-1938 के माध्यम से भूमि की खुदाई कर उसे बर्बाद किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने दावा किया है कि यह जमीन उनके उपयोग की रैयती भूमि है, जिसे बिना अनुमति के नष्ट किया जा रहा है। साथ ही जयत्री नदी के प्रवाह को बाधित कर नाले को मिट्टी से भर दिया गया है, जिससे जल प्रवाह पर सीधा असर पड़ा है।

भूमि माफियाओं पर गंभीर आरोप

इस मामले में स्थानीय लोगों ने प्रदीप पाठक, उनके पिता गिरधारी पाठक उर्फ नागेंद्र पाठक और अन्य लोगों पर भूमि माफिया गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि राजा प्रसाद नामक व्यक्ति की कथित मिलीभगत से यह कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सभी लोग मिलकर अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

ग्रामीणों ने नगर पंचायत और अंचल कार्यालय की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

लोगों का आरोप है कि प्रशासन की चुप्पी के कारण माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम जेसीबी मशीन से काम कर रहे हैं।

एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा:

“हमने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में बड़ा विवाद हो सकता है।”

तनाव और संघर्ष की आशंका

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही इस मामले पर रोक नहीं लगाई गई तो ग्रामीणों और भूमि माफियाओं के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था की समस्या भी पैदा हो सकती है।

लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत

इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक लातेहार को लिखित शिकायत भी सौंपी गई है, जिसमें अवैध कार्य पर तत्काल रोक लगाने और भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित स्थान की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से निम्न मांगें रखी हैं—

  • अवैध जेसीबी कार्य पर तत्काल रोक
  • नदी और नाले की संरचना को सुरक्षित किया जाए
  • भूमि माफियाओं पर कानूनी कार्रवाई
  • रैयती जमीन की स्पष्ट सीमांकन जांच
  • भविष्य में निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए

न्यूज़ देखो: प्राकृतिक संसाधनों और भूमि सुरक्षा पर गंभीर सवाल

जयत्री नदी क्षेत्र में सामने आया यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और भूमि संरक्षण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो न केवल प्राकृतिक जल स्रोत प्रभावित होंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव और संघर्ष की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और पारदर्शी कार्रवाई बेहद आवश्यक है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

ग्रामीण सुरक्षा और भूमि संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी

भूमि और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।
ऐसे मामलों में जागरूकता और एकजुटता ही सबसे बड़ा समाधान बन सकती है।
जरूरत है कि लोग नियमों के पालन के साथ-साथ अपने अधिकारों के प्रति भी सजग रहें।
इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज मजबूत करें।

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