#खलारी #प्रेरक_संवाद : जस्टिस दीपक रौशन ने छात्राओं को अनुशासन और आत्मविश्वास का संदेश दिया।
रांची जिले के मैकलुस्कीगंज स्थित आर्नघ गर्ल्स हॉस्टल में झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रौशन ने छात्राओं के साथ प्रेरणादायक संवाद किया। इस सत्र में उन्होंने सफलता के लिए अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास पर जोर दिया। छात्राओं ने करियर और पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे। यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए मार्गदर्शक और प्रेरक साबित हुआ।
- जस्टिस दीपक रौशन ने छात्राओं को सफलता का मूलमंत्र दिया।
- आयोजन आर्नघ गर्ल्स हॉस्टल, मैकलुस्कीगंज में हुआ।
- डॉन बॉस्को और जेनेट एकेडमी की छात्राएं शामिल रहीं।
- छात्राओं ने करियर व पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे।
- जस्टिस ने खेलकूद के महत्व पर भी दिया जोर।
- कार्यक्रम में कृष्णा श्रीवास्तव सहित शिक्षकगण उपस्थित।
रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत मैकलुस्कीगंज स्थित आर्नघ गर्ल्स हॉस्टल में आयोजित एक विशेष मोटिवेशनल इंटरेक्शन सत्र में झारखंड हाई कोर्ट के माननीय जस्टिस दीपक रौशन ने छात्राओं को सफलता का मूलमंत्र दिया। कार्यक्रम में उनके आगमन पर छात्राओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और पूरे उत्साह के साथ सत्र में भाग लिया।
छात्राओं के साथ खुला संवाद
इस सत्र में डॉन बॉस्को एकेडमी और जेनेट एकेडमी में अध्ययनरत छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। छात्राओं ने पढ़ाई, करियर और भविष्य से जुड़े कई सवाल जस्टिस दीपक रौशन के सामने रखे।
जस्टिस दीपक रौशन ने कहा: “अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली कुंजी है।”
उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि निरंतर प्रयास और सही दिशा से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
आत्मविश्वास बढ़ाने पर दिया जोर
इंटरेक्शन सत्र के दौरान जस्टिस रौशन ने छात्राओं को अपनी बात खुलकर रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास के बिना कोई भी लक्ष्य प्राप्त करना कठिन होता है।
इस संवाद के माध्यम से छात्राओं में न केवल आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि उन्होंने अपने विचार स्पष्ट रूप से रखने का साहस भी विकसित किया।
पढ़ाई के साथ खेलकूद भी जरूरी
जस्टिस दीपक रौशन ने अपने संबोधन में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि केवल मानसिक विकास ही नहीं, बल्कि शारीरिक विकास भी उतना ही जरूरी है।
इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं के बीच खेलकूद सामग्री का वितरण किया और उन्हें नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा: “शारीरिक और मानसिक विकास दोनों ही संतुलित जीवन के लिए आवश्यक हैं।”
शिक्षकों की सहभागिता से बढ़ी प्रभावशीलता
कार्यक्रम में दोनों विद्यालयों के शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। जेनेट एकेडमी के शिक्षक कृष्णा श्रीवास्तव ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए सत्र को और अधिक प्रभावी बनाया।
उनके अनुभवों ने छात्राओं को वास्तविक जीवन की चुनौतियों और अवसरों को समझने में मदद की।
सकारात्मक माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम
पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा। छात्राओं ने खुलकर संवाद किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया।
यह सत्र सभी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक और यादगार अनुभव साबित हुआ।
व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इससे उन्हें न केवल शिक्षा के क्षेत्र में मार्गदर्शन मिलता है, बल्कि जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर भी मिलता है।

न्यूज़ देखो: सही मार्गदर्शन से बदलती है दिशा
मैकलुस्कीगंज में आयोजित यह सत्र दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन और प्रेरणा से छात्राओं का आत्मविश्वास और दृष्टिकोण दोनों विकसित होते हैं। ऐसे प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। क्या इस तरह के कार्यक्रम अन्य संस्थानों में भी नियमित रूप से होंगे, यह देखना जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सीख और प्रेरणा से बनाएं मजबूत भविष्य
जीवन में आगे बढ़ने के लिए केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सही सोच और आत्मविश्वास भी जरूरी है। ऐसे प्रेरणादायक सत्र हमें यह सिखाते हैं कि हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
आइए हम भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और लगातार आगे बढ़ते रहें।
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