#केरसई #विधिक_जागरूकता : मजदूर दिवस पर कानून और अधिकारों की जानकारी दी गई।
सिमडेगा जिले के केरसई पंचायत अंतर्गत सारनटोली गांव में मजदूर दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में मजदूरों को उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी दी गई। बाल विवाह, बाल श्रम और नशाखोरी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों को जागरूक बनने और कानून का पालन करने की अपील की गई।
- सारनटोली गांव (केरसई पंचायत) में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
- जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा के निर्देश पर आयोजन।
- उपेंद्र कुमार और विष्णु प्रसाद (PLV) ने दी जानकारी।
- मजदूरी भुगतान और कार्यस्थल अधिकारों पर चर्चा।
- बाल विवाह, बाल श्रम, नशाखोरी पर भी जागरूकता।
- बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता।
मजदूर दिवस के अवसर पर सिमडेगा जिले के केरसई पंचायत अंतर्गत सारनटोली गांव में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों विशेषकर मजदूर वर्ग को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और विभिन्न कानूनों एवं सामाजिक मुद्दों पर जानकारी प्राप्त की।
मजदूरों को अधिकारों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्र (पारा लीगल वॉलंटियर) उपेंद्र कुमार एवं विष्णु प्रसाद ने उपस्थित लोगों को मजदूरों को मिलने वाली कानूनी सुविधाओं और अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया।
उपेंद्र कुमार ने कहा: “हर मजदूर को समय पर मजदूरी और सुरक्षित कार्यस्थल मिलना उसका अधिकार है, इसके लिए जागरूक होना जरूरी है।”
उन्होंने मजदूरी भुगतान, कार्यस्थल सुरक्षा और श्रमिकों के अधिकारों से संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में मजदूर कानूनी सहायता ले सकते हैं।
सामाजिक बुराइयों पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में केवल श्रमिक अधिकारों तक ही सीमित न रहकर कई सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
विष्णु प्रसाद ने बाल विवाह अधिनियम, बाल श्रम निषेध कानून, नशाखोरी के दुष्परिणाम और स्वच्छता जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
विष्णु प्रसाद ने कहा: “समाज की प्रगति के लिए जरूरी है कि हम बाल विवाह और नशाखोरी जैसी बुराइयों से दूर रहें और कानून का पालन करें।”
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इन सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें।
जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में पहल
इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि कानूनी जानकारी के अभाव में मजदूर और ग्रामीण कई बार अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में विधिक जागरूकता अभियान उन्हें सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम है।
ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में रुचि दिखाते हुए कई सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
न्यूज़ देखो: जागरूकता ही सशक्तिकरण की कुंजी
सारनटोली में आयोजित यह कार्यक्रम दिखाता है कि ग्रामीण स्तर पर भी कानून की जानकारी पहुंचाने की पहल हो रही है। हालांकि, केवल एक दिन का अभियान पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे निरंतर बनाए रखना आवश्यक है। क्या हर गांव तक ऐसी जानकारी पहुंच रही है, यह एक महत्वपूर्ण सवाल है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, अपने अधिकार पहचानें
कानून की जानकारी ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है।
अपने अधिकारों को जानें और किसी भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं।
समाज से बुराइयों को खत्म करने के लिए खुद आगे आएं और दूसरों को भी जागरूक करें।
एक जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज की नींव रखता है।
अपनी राय कमेंट में जरूर दें, इस खबर को शेयर करें और जागरूकता की इस मुहिम को हर गांव तक पहुंचाएं।

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