जीवन भर का व्यवहार ही सम्मान का आधार बनता है, रेहला उपडाकघर में सेवानिवृत्त कर्मियों का गरिमामय विदाई समारोह

जीवन भर का व्यवहार ही सम्मान का आधार बनता है, रेहला उपडाकघर में सेवानिवृत्त कर्मियों का गरिमामय विदाई समारोह

author Ram Niwas Tiwary
185 Views Download E-Paper (16)
#विश्रामपुर #डाक_विभाग : रेहला उपडाकघर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा पर जोर।

पलामू जिले के विश्रामपुर अंतर्गत रेहला उपडाकघर में दो डाककर्मियों की सेवानिवृत्ति पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक डाक अधीक्षक सरोज सिंह ने सरकारी सेवा में व्यवहार, संघर्ष और कर्तव्यनिष्ठा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूरे सेवाकाल में अपनाया गया आचरण ही सेवानिवृत्ति के समय सम्मान का आधार बनता है। समारोह में कर्मचारियों, अधिकारियों और संघ प्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी रही।

Join WhatsApp
  • रेहला उपडाकघर में एमटीएस और शाखा डाकपाल की सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह।
  • मुख्य अतिथि सहायक डाक अधीक्षक सरोज सिंह ने व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा पर दिया संदेश।
  • अनिरुद्ध तिवारी एवं अयोध्या प्रसाद चौधरी का सेवाकाल पूर्ण होने पर सम्मान।
  • इंडिया पोस्टल ऑडर यूनियन के पदाधिकारियों और डाककर्मियों की सहभागिता।
  • शॉल, माला और गुलाब भेंट कर दी गई भावभीनी विदाई।

डाक विभाग में वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों के योगदान को याद करते हुए रेहला उपडाकघर परिसर में एक भावनात्मक और गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सेवाकाल, संघर्ष और कार्य संस्कृति पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल विदाई देना था, बल्कि डाक सेवा से जुड़े मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी रहा।

मुख्य अतिथि का प्रेरक संबोधन

कार्यक्रम में सहायक डाक अधीक्षक सरोज सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि

सरोज सिंह ने कहा: “सरकारी नौकरी में जीवन भर का व्यवहार ही यह तय करता है कि सेवानिवृत्ति के समय व्यक्ति को किस प्रकार याद किया जाएगा और कितना सम्मान मिलेगा।”

उन्होंने बताया कि डाक विभाग में सेवा करना केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। घर-घर पत्र और संदेश पहुंचाने का कार्य कठिन जरूर है, लेकिन यह विभागीय सेवा लोगों के जीवन से गहराई से जुड़ी होती है। श्री सिंह ने कहा कि संघर्षों से गुजरकर जब कोई कर्मचारी सम्मान के साथ सेवानिवृत्त होता है, तो वही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।

सेवानिवृत्त कर्मियों का सेवाकाल

इस अवसर पर अनिरुद्ध तिवारी, एमटीएस रेहला, तथा अयोध्या प्रसाद चौधरी, शाखा डाकपाल लालगढ़ के सेवानिवृत्त होने की जानकारी दी गई। दोनों कर्मचारियों ने अपने कार्यकाल में कर्तव्यनिष्ठा, समयपालन और ईमानदारी की मिसाल पेश की। सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए गए अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उनका व्यवहार हमेशा सहयोगपूर्ण और प्रेरणादायी रहा।

अन्य वक्ताओं के विचार

कार्यक्रम को रेहला में पदस्थापित उपडाकपाल अजय पासवान ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी विभाग की अमूल्य धरोहर होते हैं, जिनके अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनते हैं।
वहीं इंडिया पोस्टल ऑडर यूनियन के सचिव सोनू मिश्रा ने कर्मचारियों के अधिकार, संगठन की भूमिका और सेवा के दौरान आपसी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सेवानिवृत्त दोनों कर्मचारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सम्मान और विदाई का क्षण

समारोह के दौरान सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी प्रेम और सम्मान के प्रतीक स्वरूप सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, गुलाब के फूल और माला भेंट कर सम्मानित किया। यह क्षण भावुक भी रहा, जब सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए वर्षों को याद किया।

उपस्थित गणमान्य लोग

इस अवसर पर ओवरसियर मनोज कुमार तिवारी, धीरज तिवारी, अनिश तिवारी, लक्ष्मीकांत टुडू, सुशील तिवारी, सुजीत तिवारी, अमित कुमार, राहुल दुबे, राजू कुमार विश्वकर्मा, रमाकांत पाण्डेय, संजय कुमार चौधरी, मुन्द्रिका राम, रश्मि कुमारी, निकिता कुमारी, पल्लवी कुमारी और नेहा कुमारी सहित बड़ी संख्या में डाककर्मी उपस्थित थे। सभी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के योगदान को सराहा।

न्यूज़ देखो: सेवा संस्कृति का सम्मान जरूरी

रेहला उपडाकघर का यह विदाई समारोह यह दर्शाता है कि डाक विभाग में आज भी मानवीय मूल्यों और व्यवहार को सर्वोपरि माना जाता है। सेवानिवृत्ति केवल नौकरी का अंत नहीं, बल्कि सेवा और अनुभव की विरासत है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी के कर्मचारियों को प्रेरित करते हैं कि वे भी अपने कार्यकाल में ईमानदारी और समर्पण को प्राथमिकता दें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सम्मान वही पाता है जो सेवा को मूल्य मानता है

सरकारी सेवा में वर्षों तक किया गया कार्य और अपनाया गया व्यवहार ही असली पहचान बनता है। ऐसे आयोजनों से यह संदेश मिलता है कि मेहनत और सादगी कभी व्यर्थ नहीं जाती।
आप इस खबर पर क्या सोचते हैं, अपनी राय कमेंट में साझा करें। खबर को आगे बढ़ाएं और सकारात्मक कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

बिश्रामपुर, पलामू

🔔

Notification Preferences

error: