जलडेगा में वज्रपात का कहर, एक ही रात में 20 मवेशियों की मौत से पशुपालकों पर टूटा आर्थिक संकट

जलडेगा में वज्रपात का कहर, एक ही रात में 20 मवेशियों की मौत से पशुपालकों पर टूटा आर्थिक संकट

author Satyam Kumar Keshri
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#सिमडेगा #प्राकृतिकआपदा #वज्रपात_घटना : आकाशीय बिजली गिरने से 20 गाय-बैलों की मौत, गांव में मातम।

सिमडेगा जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र के सिलिंगा सोनमेंजरा गांव में शनिवार रात वज्रपात की बड़ी घटना हुई। आकाशीय बिजली गिरने से एक साथ 20 गाय और बैलों की मौत हो गई। घटना के बाद रविवार सुबह ग्रामीणों ने मवेशियों को मृत अवस्था में पाया। इस हादसे से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और गांव में शोक का माहौल है।

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  • सिलिंगा सोनमेंजरा गांव में वज्रपात से 20 मवेशियों की मौत।
  • शनिवार रात तेज बारिश और गरज-चमक के बीच गिरी आकाशीय बिजली
  • मवेशी पेड़ के नीचे खड़े थे, वहीं हुई मौके पर मौत
  • संजय जोंको, फुलो रूनी सहित कई पशुपालकों की गाय-बैल शामिल।
  • ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे और सर्वे की मांग की।

जलडेगा थाना क्षेत्र के सिलिंगा सोनमेंजरा गांव में शनिवार रात प्रकृति के कहर ने भारी तबाही मचा दी। तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान हुई वज्रपात की घटना में एक ही स्थान पर खड़े 20 गाय और बैलों की मौत हो गई। रविवार सुबह जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में मवेशियों को मृत पाया गया, जिससे पूरे गांव में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

रात में गिरी बिजली, सुबह सामने आया दर्दनाक मंजर

ग्रामीणों के अनुसार शनिवार रात कई पशुपालकों के मवेशी गांव के पास स्थित एक पुटकल पेड़ के नीचे खड़े थे। अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली उसी स्थान पर गिरी, जिसकी चपेट में सभी पशु आ गए। रात के समय किसी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी।

सुबह जब लोग पशुओं को देखने पहुंचे तो सभी मवेशी मृत अवस्था में पड़े मिले। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और कई पशुपालक रोने लगे।

एक झटके में खत्म हुई आजीविका

इस घटना में कई ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। पशुपालन ही इन परिवारों की मुख्य आय का साधन था।

हादसे में संजय जोंको, फुलो रूनी, सिसी देवी, फुलजेंस सोरंग, फिलोनुस डुंगडुंग, नवान कुंडुंग, निर्मला केरकेट्टा, संतोषी सोरंग, बासील डुंगडुंग और सुधीर डुंगडुंग के मवेशियों की मौत हुई है। कुल मिलाकर 20 गाय और बैल वज्रपात की चपेट में आए।

गांव में शोक, प्रशासन से मुआवजे की मांग

घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से घटनास्थल का सर्वे कर प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े नुकसान से कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं और तुरंत राहत की आवश्यकता है।

मुखिया ने की त्वरित सहायता की मांग

टीनगिना पंचायत की मुखिया कल्याण गुड़िया ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि एक ही रात में इतने पशुओं की मौत से कई परिवारों की आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराकर प्रभावित पशुपालकों को मुआवजा देने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।

प्राकृतिक आपदा से बढ़ी चिंता

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है। वज्रपात जैसी घटनाएं न केवल जनजीवन बल्कि पशुधन को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि मौसम के दौरान सुरक्षा उपायों और जागरूकता की कमी के कारण ऐसे हादसे अक्सर जान-माल का बड़ा नुकसान कर जाते हैं।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण जीवन पर प्राकृतिक आपदा का असर

जलडेगा की यह घटना बताती है कि प्राकृतिक आपदाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कितनी गहराई से प्रभावित कर सकती हैं। पशुपालन पर निर्भर परिवारों के लिए एक ही झटके में सब कुछ खत्म हो जाना बेहद दर्दनाक स्थिति है।

अब जरूरी है कि प्रशासन केवल मुआवजे तक सीमित न रहकर, वज्रपात जैसी घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता और सुरक्षा उपायों पर भी ध्यान दे।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्रकृति से जूझता गांव, राहत और सुरक्षा की उम्मीद

ग्रामीण जीवन अक्सर प्रकृति पर निर्भर होता है, लेकिन जब यही प्रकृति प्रचंड रूप लेती है तो सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं समुदायों को होता है। ऐसे में समय पर राहत और दीर्घकालिक सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं।

आइए, हम ऐसी घटनाओं से सीख लें और आपदा प्रबंधन व सतर्कता को प्राथमिकता दें। अपनी राय साझा करें और इस खबर को आगे बढ़ाएं ताकि प्रभावित परिवारों तक मदद की आवाज पहुंच सके।

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Written by

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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