#गुमला #दवादुकानबंद : ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में जिलेभर में बंद का फैसला।
गुमला जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने 20 मई 2026 को जिले की सभी दवा दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऑनलाइन दवा बिक्री और राष्ट्रीय दवा नीति के विरोध में आयोजित आम सभा में सर्वसम्मति से लिया गया। संगठन ने देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में गुमला बंद को सफल बनाने की घोषणा की। बैठक में दवा विक्रेताओं ने कई मांगों को लेकर केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील भी की।
- 20 मई 2026 को गुमला जिले की सभी दवा दुकानें बंद रहेंगी।
- ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन का निर्णय।
- बैठक में AIOCD मुंबई के देशव्यापी बंद का समर्थन किया गया।
- ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी डिस्काउंट के खिलाफ प्रस्ताव पारित।
- जिले के दर्जनों दवा विक्रेता और पदाधिकारी आम सभा में शामिल हुए।
गुमला जिले में आगामी 20 मई 2026 को सभी मेडिकल दुकानें बंद रहेंगी। ऑनलाइन दवा बिक्री और राष्ट्रीय दवा नीति के विरोध में यह निर्णय गुमला जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन की आम सभा में लिया गया। रविवार को बस स्टैंड स्थित मुड़ी धर्मशाला में आयोजित इस बैठक में जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने हिस्सा लिया और देशव्यापी आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विनोद कुमार ने की, जबकि संचालन सचिव संजय कुमार द्वारा किया गया। सभा में मौजूद सदस्यों ने ऑनलाइन दवा बिक्री को पारंपरिक दवा व्यवसाय और मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया।
देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में लिया गया फैसला
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD), मुंबई द्वारा देशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। इसी के समर्थन में गुमला जिले की सभी दवा दुकानों को 20 मई को पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया।
सभा में उपस्थित छोटे और बड़े सभी दवा दुकानदारों ने इस आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। संगठन ने कहा कि यह आंदोलन दवा व्यवसाय और मरीजों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
जिला अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा: “ऑनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक दवा व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और मरीजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।”
ऑनलाइन दवा बिक्री पर जताई चिंता
बैठक के दौरान दवा विक्रेताओं ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री में कई प्रकार की अनियमितताओं की आशंका रहती है।
सदस्यों ने कहा कि बिना उचित निगरानी के ऑनलाइन दवा बिक्री से नकली और प्रतिबंधित दवाओं के प्रसार का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा भारी छूट देकर दवाओं की बिक्री छोटे दवा व्यवसायियों के लिए भी चुनौती बनती जा रही है।
केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें
आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से कई मांगें की गईं। इनमें मुख्य रूप से ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग शामिल रही।
इसके अलावा कॉर्पोरेट घरानों द्वारा दवाओं पर भारी डिस्काउंट देने को अवैध घोषित करने, नकली दवाओं के कारोबार पर रोक लगाने और नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री बंद करने की मांग भी उठाई गई।
बैठक में रखी गई प्रमुख मांगें
- ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध।
- दवाओं पर भारी डिस्काउंट को अवैध घोषित किया जाए।
- नकली दवाओं के कारोबार पर सख्त कार्रवाई हो।
- नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री तुरंत बंद हो।
दवा कंपनियों को भी दी गई चेतावनी
सभा के दौरान दवा कंपनियों को भी संगठन के आंदोलन में सहयोग करने की अपील की गई।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि कंपनियां गुमला एसोसिएशन का सहयोग नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ जिले में मार्केटिंग बंद करने जैसा निर्णय लिया जा सकता है।
इस मुद्दे पर सदस्यों ने एकजुटता दिखाते हुए संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
संगठनात्मक मजबूती पर भी हुई चर्चा
बैठक सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चली। इस दौरान सत्र 2025-2028 के लिए जिला समिति के सुदृढ़ीकरण और कार्यकारिणी विस्तार पर भी चर्चा की गई।
सभा में स्वागत भाषण, सचिव की प्रगति रिपोर्ट और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न हुई।
बड़ी संख्या में शामिल हुए दवा विक्रेता
बैठक में जिला अध्यक्ष विनोद कुमार, सचिव संजय कुमार, उपाध्यक्ष आशुतोष कुमार, राज किशोर साहू, रंजीत कुमार भगत, मनोज गुप्ता सहित जिले के कई दवा विक्रेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा राधेश्याम भगत, बिनय कुमार गुप्ता, प्रिया रंजन, सौरव कुमार, सनत महतो, अमरेश कुमार, किशोर कुमार, बिमल सरकार, गोपाल प्रसाद, त्रिपुरारी प्रसाद सिंह, शिवपाल शर्मा, नितेश कुमार, विकास कुमार गुप्ता, संजय कुमार सिंह, राकेश कुमार, नवल किशोर अग्रवाल, अंजनी कुमार, अभिजीत कुमार सिंह, अमित साहू, इफ्तिखार अनवर, विवेक अधिकारी, सहदेव उरांव और धरम सिंह समेत बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे।

न्यूज़ देखो: दवा कारोबार और मरीजों की सुरक्षा दोनों अहम
ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर देशभर में दवा विक्रेताओं की चिंता लगातार बढ़ रही है। गुमला में लिया गया यह निर्णय बताता है कि छोटे व्यवसायी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
साथ ही मरीजों की सुरक्षा, नकली दवाओं की रोकथाम और नियंत्रित दवा वितरण जैसे मुद्दे भी गंभीर हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इन मांगों पर क्या कदम उठाती हैं।
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