#बरवाडीह #स्कूल_हादसा : मिड डे मील के दौरान छज्जा गिरने से कई छात्र घायल।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय लुहुर में मिड डे मील के दौरान छज्जा गिरने से 6 छात्र घायल हो गए। इस हादसे में दो छात्राओं को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए भेजा गया। घटना ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा मामले की जानकारी ली जा रही है।
- राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय लुहुर, बरवाडीह में हुआ हादसा।
- मिड डे मील के दौरान छज्जा गिरने से 6 छात्र घायल।
- काजल कुमारी और दिव्या कुमारी को आई गंभीर चोट।
- दोनों छात्राएं कक्षा 5 की छात्रा, अस्पताल में इलाज जारी।
- स्कूल भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय लुहुर में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मिड डे मील के दौरान अचानक स्कूल का छज्जा गिर पड़ा, जिससे वहां मौजूद छात्र-छात्राओं में अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में कुल 6 छात्र घायल हो गए, जिनमें दो छात्राओं की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और स्कूल कर्मियों ने घायलों को बाहर निकाला और इलाज के लिए भेजा। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है।
मिड डे मील के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सभी छात्र मिड डे मील के समय एक स्थान पर मौजूद थे, तभी अचानक छज्जा भरभराकर गिर गया। घटना इतनी अचानक हुई कि बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
इस हादसे में कई छात्र घायल हो गए, जिनमें से कुछ को हल्की चोटें आईं, जबकि दो छात्राओं की हालत गंभीर हो गई।
दो छात्राओं की हालत गंभीर
घायल छात्राओं में काजल कुमारी (पिता बह्मदेव राम) और दिव्या कुमारी (पिता बबलू राम) शामिल हैं। दोनों छात्राएं कक्षा 5 की हैं और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार: “घटना के बाद बच्चों में डर का माहौल है और परिजन बेहद चिंतित हैं।”
दोनों छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

स्कूल भवन की हालत पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद स्कूल भवन की स्थिति और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन की स्थिति पहले से जर्जर थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई।
यह घटना प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करती है, जहां बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से इस मामले की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही स्कूल भवनों की स्थिति की जांच कर सुधार करने की भी अपील की जा रही है।
प्रशासन द्वारा मामले की जानकारी ली जा रही है और आगे की कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यूज़ देखो: बच्चों की सुरक्षा पर कब जागेगा सिस्टम
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर लापरवाही का नतीजा है। स्कूल जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना बेहद चिंताजनक है। अगर समय रहते भवन की जांच और मरम्मत होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था। अब जरूरी है कि प्रशासन त्वरित कार्रवाई करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अब जरूरी है सुरक्षित स्कूल का संकल्प
बच्चों की सुरक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।
ऐसे हादसे हमें चेतावनी देते हैं कि अब लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।
हर स्कूल की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
अभिभावकों और नागरिकों को भी इस दिशा में सजग रहना होगा।
आइए, हम सब मिलकर सुरक्षित स्कूल और बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं।
इस खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाएं।

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