#लातेहार #हीटवेव_तैयारी : बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
लातेहार में बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद की अध्यक्षता में हुई बैठक में अस्पतालों की तैयारी, दवाओं की उपलब्धता और संवेदनशील मरीजों की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। इस पहल का उद्देश्य गर्मी से होने वाली बीमारियों पर समय रहते नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
- उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक।
- सभी PHC, CHC और जिला अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित।
- 108 एंबुलेंस सेवा को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश।
- गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार मरीजों पर विशेष निगरानी।
- जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक यूनिट स्थापित करने का निर्देश।
लातेहार जिले में भीषण गर्मी और संभावित हीटवेव के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के आलोक में उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गर्मी से निपटने की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि हीटवेव के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी स्वास्थ्य संस्थानों को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहना होगा।
अस्पतालों में जरूरी दवाओं और सुविधाओं पर जोर
उप विकास आयुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC/UPHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC/UCHC) और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इसके तहत IV फ्लूड्स, ORS पैकेट्स और कूलिंग ट्रीटमेंट की व्यवस्था हर हाल में उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि हीटवेव से प्रभावित मरीजों को तुरंत राहत मिल सके।
सैय्यद रियाज अहमद ने कहा: “हीटवेव से निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी और तत्परता जरूरी है।”
एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों को किया गया अलर्ट
बैठक में 108 एंबुलेंस सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही एंबुलेंस में आइस क्यूब, तौलिया और हाइड्रेशन सपोर्ट जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।
इसके अलावा डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को हीटवेव केस मैनेजमेंट के लिए प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि आपात स्थिति में त्वरित उपचार संभव हो सके।
संवेदनशील वर्गों पर विशेष निगरानी
प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं, हृदय रोगियों, मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों के साथ-साथ कुपोषित बच्चों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी हीट स्ट्रोक यूनिट स्थापित करने और मेडिकल मोबाइल यूनिट के माध्यम से बाजारों और निर्माण स्थलों पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई गई है।
जागरूकता और सर्विलांस सिस्टम पर फोकस
हीटवेव से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने, ORS वितरण केंद्र स्थापित करने और HRI सर्विलांस सिस्टम लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा अस्पतालों में बिजली आपूर्ति, इंटरनेट कनेक्टिविटी, CCTV व्यवस्था और OPD सेवाओं को सुचारू रखने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस बैठक में सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो, डीआरडीबी निदेशक प्रभात रंजन चौधरी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन और विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता राजदेव मेहता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
न्यूज़ देखो: तैयारी कितनी कारगर साबित होगी?
लातेहार प्रशासन की यह तैयारी सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब हीटवेव का प्रभाव बढ़ेगा। क्या सभी अस्पताल जमीनी स्तर पर तैयार हैं? क्या ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंच पाएंगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
गर्मी में सावधानी ही सुरक्षा
भीषण गर्मी में लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
खुद भी सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।
पानी पीते रहें और धूप से बचाव करें।
इस महत्वपूर्ण खबर को अपने परिवार और दोस्तों तक जरूर पहुंचाएं।
कमेंट में बताएं क्या आपके क्षेत्र में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं हैं।
सुरक्षित रहें, जागरूक बनें और दूसरों की भी मदद करें।

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