मजदूर दिवस समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला, 14 मई से अनिश्चितकालीन धरना का ऐलान

मजदूर दिवस समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला, 14 मई से अनिश्चितकालीन धरना का ऐलान

author Surendra Verma
8 Views
#गिरिडीह #मजदूर_आंदोलन : महुवाटांड़ माले कार्यालय में बैठक—चार मजदूरों की छंटनी के विरोध में धरना।

गिरिडीह के मुफ्फसिल क्षेत्र स्थित महुवाटांड़ माले कार्यालय में मजदूर दिवस कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बालमुकुंद फैक्ट्री में चार मजदूरों की छंटनी के विरोध में 14 मई से अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया गया। विभिन्न नेताओं ने संगठन विस्तार और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया। बैठक में जिले के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

Join WhatsApp
  • महुवाटांड़, गिरिडीह में माले कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित।
  • 14 मई से अनिश्चितकालीन धरना का निर्णय।
  • चार मजदूरों की छंटनी के विरोध में आंदोलन तेज।
  • संगठन विस्तार और सदस्यता बढ़ाने पर जोर।
  • किशोर राय, मसूदन कोल समेत कई नेताओं ने रखी बात।
  • जिले के कई पूर्व विधायक और नेता बैठक में शामिल।

गिरिडीह के मुफ्फसिल क्षेत्र स्थित महुवाटांड़ माले कार्यालय में मजदूर दिवस कार्यक्रम की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड कमिटी के सभी नेतृत्वकर्ताओं ने भाग लिया और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन के विस्तार के साथ-साथ हाल ही में बालमुकुंद फैक्ट्री में हुई मजदूरों की छंटनी का विरोध करना रहा।

14 मई से धरना का ऐलान

प्रखंड सचिव मसूदन कोल ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि 14 मई से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। यह धरना बालमुकुंद फैक्ट्री के प्रबंधन द्वारा बिना नोटिस चार मजदूरों को हटाए जाने के विरोध में किया जाएगा।

मसूदन कोल ने कहा: “बिना किसी नियम और सूचना के मजदूरों को हटाना अन्याय है, इसके खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए संगठन हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगा।

संगठन विस्तार पर जोर

असंगठित मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष किशोर राय ने संगठन को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

किशोर राय ने कहा: “गिरिडीह विधानसभा को लाल झंडामय करना हमारा लक्ष्य है और इसके लिए हर कार्यकर्ता को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।”

उन्होंने कहा कि हर बस्ती में जाकर सदस्यता अभियान चलाना होगा और लोगों को संगठन से जोड़ना होगा।

नेताओं के विचार और रणनीति

माले नेता कन्हाई पांडेय ने कहा कि पीरटांड़, मुफ्फसिल और शहर क्षेत्रों में संगठन का कार्य तेजी से बढ़ रहा है और इसे और मजबूत करने की जरूरत है।

कन्हाई पांडेय ने कहा: “हर घर तक संगठन को पहुंचाना हमारा उद्देश्य है, तभी मजदूरों की आवाज मजबूत होगी।”

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि आने वाले समय में संगठन को और व्यापक रूप से मजबूत किया जाएगा और बड़े स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा।

प्रमुख नेताओं की उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण बैठक में कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से राजधनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह, असंगठित मजदूर मोर्चा के महासचिव नीताय महतो, जिला सचिव अशोक पासवान, गांडेय व गिरिडीह प्रभारी पूरन महतो, गांडेय प्रभारी उस्मान अंसारी सहित अन्य नेताओं ने भाग लिया और कार्यक्रम की सराहना की।

कार्यकर्ताओं की भागीदारी

बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इनमें मोहन कोल्ह, गुलाब कोल्ह, धनेश्वर कोल्ह, प्रसादी राय, हुबलाल राय, सरिता देवी, सीता देवी, कामनी देवी, बालेशर मुर्मू, निमिया देवी, किशोर राय, नवीन पांडेय, लखन कोल्ह, सुनील ठाकुर, लूटना दास, सोनू दास, शिवनाथ सिंह, हीरालाल पंडित, बबलू राय, राजन तुरी, तुलसी तुरी सहित अन्य लोग शामिल थे।

बैठक में उपस्थित लोगों ने यह भी कहा कि पहले जहां मजदूरों से काम लिया जाता था, वहां अब मशीनों का उपयोग बढ़ गया है, जिससे मजदूरों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। उन्होंने मजदूरों को पुनः काम पर रखने के लिए दबाव बनाने की बात कही।

आंदोलन की तैयारी

बैठक में यह स्पष्ट संकेत दिया गया कि आने वाले दिनों में मजदूरों के अधिकारों को लेकर आंदोलन और तेज किया जाएगा। संगठन के नेताओं ने कहा कि यदि मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

न्यूज़ देखो: मजदूरों की आवाज बन रहा संगठन

महुवाटांड़ में हुई यह बैठक दर्शाती है कि मजदूरों के मुद्दों को लेकर संगठन सक्रिय भूमिका निभा रहा है। बिना नोटिस मजदूरों की छंटनी जैसे मामलों पर सख्त रुख अपनाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन के लिए यह जरूरी है कि वे मजदूरों के अधिकारों का सम्मान करें और न्यायपूर्ण समाधान निकालें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संघर्ष से ही मिलेगा न्याय

मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता और संघर्ष सबसे बड़ा हथियार है। जब मजदूर संगठित होते हैं, तभी अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद होती है।

अपने अधिकारों के लिए जागरूक बनें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और मजदूरों की आवाज को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

डुमरी, गिरिडीह

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: