
#बानो #सिमडेगा #धार्मिक_समिति : केतुंगाधाम मंदिर में सर्वसम्मति से नई समिति का गठन।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड स्थित केतुंगाधाम मंदिर परिसर में धार्मिक एवं सामाजिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से मानव धर्म रक्षक संघ का गठन किया गया। इस प्रक्रिया में न्यास समिति, गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों ने भाग लिया। नवगठित समिति मंदिर की गरिमा और परंपराओं की सुरक्षा में सहयोग करेगी। पदाधिकारियों की घोषणा सर्वसम्मति से की गई।
- केतुंगाधाम मंदिर परिसर में सर्वसम्मति से समिति का गठन।
- धार्मिक व सामाजिक मूल्यों की रक्षा रहेगा मुख्य उद्देश्य।
- सुबास साहू अध्यक्ष, कर्मवीर साहू महासचिव नियुक्त।
- न्यास समिति के साथ समन्वय में कार्य करेगी नई टीम।
- बड़ी संख्या में श्रद्धालु व ग्रामीण रहे उपस्थित।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध केतुंगाधाम मंदिर परिसर में धार्मिक और सामाजिक हितों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मानव धर्म रक्षक संघ नामक नई समिति का गठन किया गया। इस अवसर पर केतुंगाधाम न्यास समिति के सदस्यों, स्थानीय गणमान्य नागरिकों और ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। सर्वसम्मति से समिति का गठन कर पदाधिकारियों की घोषणा की गई।
धार्मिक मूल्यों की रक्षा पर विशेष बल
गठन कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि केतुंगाधाम मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों को संरक्षित रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से मानव धर्म रक्षक संघ का गठन किया गया है, जो न्यास समिति के साथ मिलकर मंदिर की व्यवस्था और गरिमा को बनाए रखने में सहयोग करेगा।
नवगठित समिति के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे न्यास समिति द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सभी धार्मिक आयोजनों और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
सर्वसम्मति से पदाधिकारियों की घोषणा
मानव धर्म रक्षक संघ (केतुंगाधाम) के लिए निम्नलिखित पदाधिकारियों का चयन किया गया—
अध्यक्ष: सुबास साहू
उपाध्यक्ष: अरविंद साहु, फिरू बड़ाईक, अंकित साहु
महासचिव: कर्मवीर साहू
सचिव: रामेश्वर सिंह, जतरू अहीर
कोषाध्यक्ष: राजेंद्र बड़ाईक
संरक्षक: मनोज गोस्वामी
सदस्य: अयोध्या सोनार, कृष्णा सिंह, केशव चंद्र पाणीग्राही, केदार नाथ सिंह
गठन प्रक्रिया के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने नवचयनित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आशा जताई कि यह समिति मंदिर परिसर में अनुशासन, स्वच्छता और धार्मिक सौहार्द को और मजबूत करेगी।
श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने समिति गठन का समर्थन करते हुए इसे क्षेत्र के धार्मिक विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। उपस्थित लोगों ने कहा कि संगठित प्रयास से ही मंदिर की परंपराओं और मूल्यों की रक्षा संभव है।
न्यूज़ देखो: संगठित प्रयास से सशक्त होगी आस्था
केतुंगाधाम जैसे आस्था केंद्रों में संगठित और जिम्मेदार समितियों का गठन धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यदि समिति पारदर्शिता और समन्वय के साथ कार्य करे तो इससे न केवल धार्मिक व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि सामाजिक एकता भी बढ़ेगी। आगे यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि समिति अपने उद्देश्यों को किस प्रकार जमीन पर उतारती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
धार्मिक स्थल केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का केंद्र भी होते हैं। ऐसे प्रयासों में समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है। आप भी अपने क्षेत्र की सकारात्मक पहलों से जुड़ें, जागरूक रहें और जिम्मेदार नागरिक बनें। अपनी राय कमेंट में साझा करें और खबर को आगे बढ़ाकर समाज में जागरूकता फैलाएं।







