News dekho specials
West Singhbhum

मनोहरपुर की महिला नक्सली ने ओडिशा में किया आत्मसमर्पण, मुख्यधारा में लौटने का लिया निर्णय

#मनोहरपुर #नक्सल_सरेंडर : पुलिस दबाव और नीति से प्रभावित होकर महिला ने छोड़ा संगठन।

पश्चिम सिंहभूम के मनोहरपुर क्षेत्र की एक 19 वर्षीय महिला नक्सली ने ओडिशा के राउरकेला में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। वह पिछले दो वर्षों से माओवादी गतिविधियों में सक्रिय थी। पुलिस दबाव और सरकार की सरेंडर नीति से प्रभावित होकर उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। प्रशासन ने उसे पुनर्वास की सुविधा देने की बात कही है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • मोगड़ी होनहागा (19 वर्ष) ने राउरकेला में आत्मसमर्पण किया।
  • मनोहरपुर के मारंगपोंगा गांव की निवासी है युवती।
  • दो वर्षों से सारंडा क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों में सक्रिय
  • कई घटनाओं में संलिप्तता की पुष्टि
  • सरकार की सरेंडर पॉलिसी से प्रेरित होकर लिया निर्णय

पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत छोटानागरा थाना क्षेत्र के मारंगपोंगा गांव की निवासी 19 वर्षीय महिला नक्सली मोगड़ी होनहागा ने सोमवार को ओडिशा के राउरकेला में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। यह आत्मसमर्पण नक्सल विरोधी अभियानों और सरकारी नीतियों के प्रभाव का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

मोगड़ी पिछले दो वर्षों से माओवादी संगठन से जुड़ी हुई थी और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।

माओवादी संगठन से जुड़ने की पृष्ठभूमि

जानकारी के अनुसार, मोगड़ी कुख्यात माओवादी नेता अनमोल उर्फ सुशांत के संपर्क में आकर संगठन से जुड़ी थी। इसके बाद उसने सारंडा क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए नक्सली गतिविधियों में भाग लिया।

वह न केवल भर्ती अभियान में सहयोग कर रही थी, बल्कि नए सदस्यों को प्रशिक्षण देने का कार्य भी कर रही थी।

कई घटनाओं में रही शामिल

पुलिस जांच में यह सामने आया है कि मोगड़ी कई नक्सली घटनाओं में शामिल रही है। जनवरी 2026 में कुमडीह जंगल (मनोहरपुर) में हुए मुठभेड़ (ऑपरेशन मेघाबुरु) में भी उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार: “मुठभेड़ के दौरान वह अन्य नक्सलियों के साथ भागने में सफल हो गई थी।”

इसके अलावा मई 2025 में ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के बांको पत्थर खदान विस्फोटक लूट कांड में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है।

News dekho specials

पुलिस दबाव और नीति का असर

केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान और लगातार पुलिस दबाव के कारण मोगड़ी का संगठन से मोहभंग हो गया।

उसे ओडिशा सरकार की सरेंडर पॉलिसी की जानकारी मिली, जिससे प्रभावित होकर उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

गुप्त संपर्क के बाद किया आत्मसमर्पण

मोगड़ी ने गुप्त माध्यमों से राउरकेला पुलिस से संपर्क स्थापित किया और फिर औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया।

यह कदम नक्सलवाद के खिलाफ चल रही रणनीति की सफलता को दर्शाता है।

सरकार देगी पुनर्वास सहायता

इस मामले में डीआईजी बृजेश कुमार राय ने बताया कि राज्य सरकार की सरेंडर नीति के तहत मोगड़ी को सभी आवश्यक सुविधाएं और पुनर्वास सहायता दी जाएगी।

डीआईजी बृजेश कुमार राय ने कहा: “जो भी नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

मुख्यधारा में लौटने की पहल

यह आत्मसमर्पण न केवल एक व्यक्ति का निर्णय है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना संभव है।

न्यूज़ देखो: नीति और प्रयास से बदल रही तस्वीर

मोगड़ी होनहागा का आत्मसमर्पण यह दर्शाता है कि सरकार की नीतियां और पुलिस की कार्रवाई मिलकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव ला रही हैं। हालांकि, यह भी जरूरी है कि पुनर्वास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि लौटे हुए लोग समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

हिंसा छोड़ें, विकास की राह अपनाएं

जीवन में सही दिशा चुनना सबसे बड़ा निर्णय होता है।
हिंसा और भय का रास्ता कभी समाधान नहीं होता।
जरूरी है कि हम शिक्षा, विकास और शांति की राह अपनाएं।
समाज तभी आगे बढ़ेगा जब हर व्यक्ति सकारात्मक सोच के साथ जुड़ेंगे।

अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को शेयर करें और शांति व विकास के इस संदेश को आगे बढ़ाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Pramod Mishra

आनंदपुर, पश्चिम सिंहभूम

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: