
#ठेठईटांगर #मनरेगा_जनसुनवाई : पंचायत स्तर पर समस्याओं की सुनवाई—जवाबदेही और सुधार पर चर्चा हुई।
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर पंचायत में मनरेगा योजना को लेकर जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ग्रामीणों ने मजदूरी भुगतान और कार्यस्थल से जुड़ी समस्याएं रखीं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायतों को सुनकर समाधान का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना रहा।
- ठेठईटांगर पंचायत में मनरेगा जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित।
- मुखिया, सचिव, रोजगार सेवक सहित कई अधिकारी रहे मौजूद।
- ग्रामीणों ने मजदूरी भुगतान और कार्य से जुड़ी समस्याएं उठाईं।
- जूरी में प्रखंड प्रमुख, ग्राम प्रधान और महिला समूह प्रतिनिधि शामिल।
- योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर।
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर पंचायत में मनरेगा योजना के तहत पंचायत स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखीं। इस कार्यक्रम में पंचायत के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई और लाभुकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया।
पंचायत स्तर पर हुआ जनसुनवाई का आयोजन
जनसुनवाई कार्यक्रम में पंचायत के मुखिया, सचिव, रोजगार सेवक, मेट, वार्ड सदस्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रखने का अवसर देना था।
इस पहल से ग्रामीणों को अपनी बात रखने का मंच मिला और प्रशासनिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हुई।
ग्रामीणों ने उठाए प्रमुख मुद्दे
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मनरेगा से जुड़ी कई समस्याओं को सामने रखा। इनमें प्रमुख रूप से—
- मजदूरी भुगतान में देरी
- कार्यस्थल पर सुविधाओं की कमी
- योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता
जैसे मुद्दे शामिल थे।
ग्रामीणों ने कहा: “समय पर मजदूरी नहीं मिलने से हमें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।”
इन मुद्दों पर अधिकारियों ने गंभीरता से चर्चा की।
जूरी की भूमिका रही अहम
जनसुनवाई में एक ग्राम प्रधान जूरी का गठन किया गया, जिसमें प्रखंड प्रमुख, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम प्रधान, प्रखंड पर्यवेक्षक, महिला समूह की प्रतिनिधि और मनरेगा लाभुक शामिल थे।
इस जूरी ने निष्पक्ष तरीके से मामलों की सुनवाई की और सभी पक्षों को ध्यान से सुना।
अधिकारियों ने दिया समाधान का आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को नोट करते हुए कहा कि सभी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा: “जनसुनवाई का उद्देश्य ही समस्याओं को पहचानकर उनका समाधान करना है।”
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार किया जाएगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
इस जनसुनवाई में विशेष रूप से योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से न केवल समस्याएं सामने आती हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में भी सुधार होता है।
ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण पहल
पंचायत स्तर पर आयोजित यह जनसुनवाई कार्यक्रम ग्रामीण विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति को सामने लाने का एक प्रभावी माध्यम साबित हुआ। इससे लाभुकों की समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंची और समाधान की दिशा में पहल हुई।

न्यूज़ देखो: जनसुनवाई से ही बनेगी जवाबदेही
ठेठईटांगर की यह जनसुनवाई दिखाती है कि जब लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, तो योजनाओं में सुधार संभव होता है। पारदर्शिता और जवाबदेही तभी सुनिश्चित होगी जब ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं। अब यह देखना होगा कि दिए गए आश्वासन कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
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जन समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब लोग जागरूक होकर अपनी बात रखें।
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