
#मेदिनीनगर #नगरनिगमचुनाव : वार्ड नंबर 4 में जनसंपर्क के दौरान सड़क, नाली, पानी और सफाई को लेकर जनता की नाराजगी सामने आई।
मेदिनीनगर नगर निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। महापौर पद की उम्मीदवार पूनम सिंह ने वार्ड नंबर 4 में डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में विकास नहीं होने का आरोप लगाया। स्थानीय समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाते हुए जनता से समर्थन मांगा।
- महापौर प्रत्याशी पूनम सिंह का वार्ड नंबर 4 में घर-घर जनसंपर्क अभियान।
- क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल और सफाई की समस्या प्रमुख रूप से उठाई गई।
- निगम में शामिल होने के बावजूद विकास नहीं होने का आरोप।
- स्थानीय लोगों में टैक्स व मूलभूत सुविधाओं को लेकर असंतोष।
- चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों के क्षेत्र में नहीं आने की शिकायत।
मेदिनीनगर, पलामू में नगर निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न पदों के प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर मतदाताओं से सीधा संपर्क साध रहे हैं। इसी क्रम में महापौर पद की उम्मीदवार पूनम सिंह वार्ड नंबर 4 में लगातार जनसंपर्क कर रही हैं। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात की और अपने पक्ष में समर्थन व वोट की अपील की।
वार्ड नंबर 4 में विकास को लेकर उठे सवाल
जनसंपर्क अभियान के दौरान पूनम सिंह ने कहा कि वह वार्ड नंबर 4 में भ्रमण कर रही हैं और यहां विकास की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उनके अनुसार क्षेत्र में अब तक अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है और क्षेत्र की जनता बदलाव चाहती है।
“अभी तक हम वार्ड नंबर 4 में भ्रमण कर रहे हैं। यहां पर कोई विकास नहीं हुआ है। लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। यहां समस्या ही समस्या है। एक भी सड़क ठीक नहीं है, कहीं पोल पर लाइट नहीं है, नाली और पानी की समस्या है, साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं है।”
उन्होंने कहा कि जब मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं तो केवल नगर निगम में जोड़ देने से लोगों को क्या लाभ मिला। उनके अनुसार क्षेत्र की जनता परेशान है और उन्हें टैक्स का बोझ झेलना पड़ रहा है, जबकि सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
सड़क, लाइट और सफाई बनी मुख्य समस्या
जनसंपर्क के दौरान स्थानीय लोगों ने भी सड़क, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं की चर्चा की। पूनम सिंह ने कहा कि वार्ड में एक भी सड़क व्यवस्थित नहीं है और कई जगहों पर लाइट की व्यवस्था नहीं है। नालियों की सफाई नियमित नहीं होने से गंदगी की समस्या बनी रहती है। पेयजल की भी दिक्कत बताई जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता की स्थिति ठीक नहीं है और जब साफ-सफाई ही नहीं होगी तो नगर निगम में शामिल होने का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। उनके अनुसार क्षेत्र में विकास के नाम पर अपेक्षित कार्य नहीं हुए हैं।
चुनाव के समय ही सक्रिय होते हैं जनप्रतिनिधि
पूनम सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि जनता के बीच पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव के बाद क्षेत्र की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि आज तक कोई भी जनप्रतिनिधि नियमित रूप से क्षेत्र की स्थिति जानने नहीं आया।
“निगम में चुनाव जब-जब आता है, तब तक जनप्रतिनिधि लोग जनता के बीच पहुंचते हैं। चुनाव के बाद क्यों नहीं आते, यह उनसे पूछिए। हम नेता नहीं हैं, लेकिन सुख-दुख में हमेशा लोगों के साथ रहते हैं और आगे भी रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जनता का आशीर्वाद मिलता है तो प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य किए जाएंगे। उनके अनुसार निगम में जुड़े क्षेत्रों को उनका अधिकार मिलना चाहिए और इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम होगा।
प्राथमिकता के आधार पर विकास का वादा
महापौर प्रत्याशी ने कहा कि नगर निगम में जुड़े क्षेत्रों के लिए फंड आता है और जनता का अधिकार है कि उस फंड का उपयोग विकास कार्यों में हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि उन्हें जिम्मेदारी मिलती है तो सड़क, नाली, पानी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता पर टैक्स का बोझ तभी उचित है जब बदले में उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिलें। जनसंपर्क अभियान के दौरान उन्होंने लोगों से समर्थन की अपील की और विकास के मुद्दे पर मतदान करने की बात कही।

न्यूज़ देखो: मुद्दों पर केंद्रित हो रहा चुनावी अभियान
मेदिनीनगर नगर निगम चुनाव में इस बार विकास, बुनियादी सुविधाएं और स्थानीय समस्याएं प्रमुख मुद्दे बनते दिख रहे हैं। वार्ड स्तर पर उठ रहे सवाल यह संकेत दे रहे हैं कि मतदाता अब ठोस काम और जवाबदेही चाहते हैं। आने वाले दिनों में अन्य प्रत्याशियों की रणनीति भी इन्हीं मुद्दों के इर्द-गिर्द रहने की संभावना है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आपका वोट, आपके वार्ड का भविष्य
नगर निगम चुनाव सिर्फ प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के भविष्य का निर्णय है। सड़क, पानी, सफाई और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं।
मतदान से पहले अपने वार्ड की जरूरतों और प्रत्याशियों के वादों पर जरूर विचार करें।
आपकी जागरूकता ही बेहतर शहर की नींव रख सकती है।
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