
#डुमरी #फाइलेरियामुक्तअभियान : घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाने और जागरूकता बढ़ाने का निर्देश
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्यकर्मियों और सहियाओं को निर्देश दिया गया कि गांव-गांव और घर-घर जाकर छूटे हुए लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाए तथा लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि क्षेत्र को जल्द से जल्द फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
- सीएचसी डुमरी में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर आयोजित हुई बैठक
- सहिया और एएनएम को घर-घर जाकर दवा खिलाने का निर्देश
- जिला मलेरिया सलाहकार ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
- जागरूकता की कमी और भ्रांतियों को दूर करने पर दिया गया जोर
- 25 मार्च तक चलेगा विशेष फाइलेरिया दवा वितरण अभियान
डुमरी (गुमला) स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य छूटे हुए लोगों तक पुनः पहुंचकर उन्हें फाइलेरिया की दवा खिलाने तथा इस बीमारी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करना था।
सहियाओं की भूमिका अहम : जिला मलेरिया सलाहकार
बैठक में उपस्थित जिला मलेरिया सलाहकार शर्मीला शर्मा ने सहिया और एएनएम को संबोधित करते हुए कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोके जाने योग्य बीमारी है। सरकार द्वारा समय-समय पर दवा वितरण अभियान चलाया जाता है, इसलिए यह जरूरी है कि गांव का एक भी व्यक्ति इस दवा से वंचित न रहे।
उन्होंने सहियाओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करें और सभी को निर्धारित मात्रा में दवा अवश्य खिलाएं।
भ्रांतियों को दूर करना जरूरी
उन्होंने बताया कि कई बार जागरूकता की कमी और गलत धारणाओं के कारण लोग दवा लेने से बचते हैं। ऐसे में सहियाओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे लोगों को दवा के फायदे और बीमारी से होने वाले नुकसान के बारे में समझाएं।
25 मार्च तक चलेगा अभियान
बैठक में जानकारी दी गई कि यह विशेष फाइलेरिया उन्मूलन अभियान 25 मार्च तक चलाया जाएगा। इस दौरान छूटे हुए लोगों को चिन्हित कर उन्हें दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि क्षेत्र को जल्द से जल्द फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
स्वास्थ्यकर्मियों से जिम्मेदारी निभाने की अपील
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अलबेल केरकेट्टा ने भी बैठक में उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी को जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि छूटे हुए लोगों को चिन्हित कर उन्हें दवा खिलाने का यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य को जल्द से जल्द प्राप्त किया जा सके।
बैठक में स्वास्थ्य केंद्र के लेखापाल इंदु कुमारी, बीपीएम राजेश केरकेट्टा, एमपीडब्ल्यू अनूप कुमार, ओम प्रकाश मिस्त्री, सचित सलिल कुजूर सहित बड़ी संख्या में सहिया और एएनएम उपस्थित थीं।
न्यूज़ देखो : जागरूकता से ही संभव है फाइलेरिया मुक्त समाज
फाइलेरिया जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए केवल दवा वितरण ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता भी बेहद जरूरी है। यदि हर व्यक्ति निर्धारित समय पर दवा ले और अभियान में सहयोग करे, तो समाज को इस बीमारी से मुक्त किया जा सकता है।
स्वस्थ समाज के लिए जरूरी है जागरूकता
फाइलेरिया की दवा अवश्य लें
स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करें
बीमारी से बचाव के उपाय अपनाएं
और अपने गांव को फाइलेरिया मुक्त बनाने में भागीदार बनें।






