#सिमडेगा #वनदुर्गा_समिति : बैठक में पेयजल, लेखा और प्रबंधन सुधार पर जोर दिया गया।
सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड कार्यालय में वनदुर्गा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ सुषमा आनंद ने समिति की गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में मंदिर परिसर की सुविधाओं, विशेषकर पेयजल व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। समिति को आय-व्यय के पारदर्शी संचालन और सभी अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी बैठक में पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने को कहा गया।
- बोलबा प्रखंड कार्यालय में वनदुर्गा समिति की बैठक आयोजित।
- बीडीओ डॉ सुषमा आनंद ने गतिविधियों की समीक्षा की।
- मंदिर परिसर में डीप बोरिंग और जलमीनार की मांग उठी।
- समिति को कैशबुक, रजिस्टर और बैंक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश।
- सचिव द्वारा रजिस्टर नहीं लाने पर प्रशासन ने जताई नाराजगी।
सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड कार्यालय में आयोजित वनदुर्गा समिति की बैठक में मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और समिति के संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ सुषमा आनंद ने की, जिन्होंने समिति के कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
पेयजल और बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा
बैठक के दौरान वनदुर्गा मंदिर परिसर में पेयजल सुविधा की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। समिति के सदस्यों ने परिसर में डीप बोरिंग और जलमीनार स्थापित करने की मांग रखी, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
बीडीओ ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रस्तावों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करने को कहा, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
पारदर्शिता के लिए सख्त निर्देश
बैठक में समिति के वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए। डॉ सुषमा आनंद ने स्पष्ट कहा कि समिति को अपने आय-व्यय का प्रतिदिन कैशबुक संधारण करना होगा और सभी रजिस्टरों को अद्यतन रखना अनिवार्य है।
इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं से प्राप्त आय, बैंक खातों का विवरण और दैनिक खर्च का पूरा रिकॉर्ड तैयार कर आगामी 12 मई को प्रखंड कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए।
डॉ सुषमा आनंद ने कहा: “समिति का संचालन पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से होना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।”
विद्यालय संचालन पर भी मांगी रिपोर्ट
वनदुर्गा मंदिर परिसर में संचालित विद्यालय की स्थिति पर भी बैठक में चर्चा हुई। बीडीओ ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से विस्तृत जानकारी लेते हुए दो दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
यह कदम शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यालय के संचालन में सुधार लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सचिव के रवैये पर जताई नाराजगी
बैठक में समिति के सचिव द्वारा आवश्यक रजिस्टर और अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने पर प्रशासन ने नाराजगी जताई। बीडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा।
उन्होंने समिति को कई सुझाव भी दिए, जिससे संगठन को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।
अधिकारियों और सदस्यों की रही उपस्थिति
बैठक में दीपक साहू (बीपीआरओ सह पंचायत सचिव), जहुरन सिंह (अध्यक्ष), जगरनाथ सिंह (सचिव), महेंद्र सिंह (कोषाध्यक्ष), कैलाश सिंह (उपाध्यक्ष), ललन सिंह और कलिंदर सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सभी ने मिलकर समिति के बेहतर संचालन और मंदिर परिसर की सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति जताई।
न्यूज़ देखो: जवाबदेही से ही बनेगी मजबूत व्यवस्था
वनदुर्गा समिति की बैठक यह दर्शाती है कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी जरूरी है। प्रशासन द्वारा दिए गए सख्त निर्देश यह संकेत देते हैं कि अब अनियमितताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। क्या समिति समय पर सभी निर्देशों का पालन कर पाएगी, यह देखने वाली बात होगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदारी निभाएं, व्यवस्था को बेहतर बनाएं
समाज के विकास में हर संस्था की अहम भूमिका होती है। जब हम पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य करते हैं, तभी विश्वास मजबूत होता है।
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