चंदवा में मजदूर दिवस पर सम्मान और एकता का संदेश, रैली निकाल श्रमिकों ने दिखाई ताकत

चंदवा में मजदूर दिवस पर सम्मान और एकता का संदेश, रैली निकाल श्रमिकों ने दिखाई ताकत

author Ravikant Kumar Thakur
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#चंदवा #मजदूर_दिवस : कुसुम टोली में समारोह और रैली—श्रमिक एकता का दिया मजबूत संदेश।

लातेहार जिले के चंदवा में 1 मई 2026 को मजदूर दिवस के अवसर पर झारखंड दैनिक मजदूर यूनियन द्वारा सम्मान समारोह और रैली का आयोजन किया गया। कुसुम टोली स्थित कृषि फार्म मैदान में आयोजित कार्यक्रम में श्रमिकों को सम्मानित किया गया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान मजदूर एकता और अधिकारों को लेकर संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में श्रमिकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

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  • कुसुम टोली, चंदवा में आयोजित हुआ सम्मान समारोह।
  • झारखंड दैनिक मजदूर यूनियन के तत्वावधान में कार्यक्रम।
  • मोहम्मद अलाउद्दीन पप्पू की अध्यक्षता, धनेश्वर तुरी ने किया संचालन।
  • श्रमिकों को अंगवस्त्र और लाल झंडा देकर सम्मानित किया गया।
  • ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य रैली, बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी।

लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिकों ने एकजुटता और सम्मान का अनूठा उदाहरण पेश किया। कुसुम टोली स्थित कृषि फार्म मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में मजदूरों के अधिकारों, संघर्ष और एकता पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम का आयोजन झारखंड दैनिक मजदूर यूनियन, चंदवा के तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिक, समाजसेवी और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम ने मजदूरों के संघर्ष और उनके योगदान को सम्मान देने का एक मजबूत संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत और श्रद्धांजलि

कार्यक्रम की शुरुआत साथी गुरमीत जी द्वारा लाल झंडा फहराकर की गई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रमिक आंदोलनों में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी।

यह क्षण पूरे कार्यक्रम का भावनात्मक और प्रेरणादायक हिस्सा रहा, जहां श्रमिकों ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले शहीदों को याद किया।

श्रमिकों का सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुति

कार्यक्रम के दौरान भारतीय जन नाटक संघ (इप्टा) के प्रदेश सचिव प्रेम प्रकाश गुरमीत सिंह और यूनियन अध्यक्ष प्रमोद साहू ने सक्रिय श्रमिक साथियों को अंगवस्त्र और लाल झंडा देकर सम्मानित किया।

इसी दौरान प्रेम प्रकाश ने प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किया:

प्रेम प्रकाश ने कहा: “झूठ से टक्कर लेने को सच्चाई जोश में आई है, ये हक की लड़ाई है।”

इस गीत ने उपस्थित श्रमिकों में जोश और उत्साह भर दिया।

मजदूर दिवस के महत्व पर वक्ताओं के विचार

सभा को संबोधित करते हुए यूनियन अध्यक्ष प्रमोद साहू ने मजदूर दिवस के महत्व को विस्तार से समझाया।

प्रमोद साहू ने कहा: “मजदूर दिवस मजदूरों के संघर्ष और उनके अधिकारों की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है।”

उन्होंने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद मजदूरों को 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन का अधिकार मिला। साथ ही उन्होंने मजदूरों से एकता बनाए रखने और संघर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियां मजदूर वर्ग के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, ऐसे में एकजुटता और भी जरूरी हो जाती है।

सिकनी कोलियरी को लेकर चिंता

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मोहम्मद अलाउद्दीन पप्पू ने सिकनी कोलियरी के पिछले दो वर्षों से बंद रहने पर चिंता व्यक्त की।

मोहम्मद अलाउद्दीन ने कहा: “जहां दुनिया मजदूर दिवस मना रही है, वहीं सिकनी के मजदूरों के घरों में चूल्हा तक नहीं जल रहा है।”

उन्होंने सभी मजदूर संगठनों से एकजुट होकर इस समस्या के समाधान के लिए संघर्ष करने की अपील की।

भव्य रैली और जनभागीदारी

कार्यक्रम के अंत में ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ एक भव्य रैली निकाली गई। यह रैली मुख्य बाजार का भ्रमण करते हुए संपन्न हुई।

रैली में बड़ी संख्या में मजदूरों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया और मजदूर एकता के नारे लगाए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।

उपस्थित प्रमुख लोग

इस कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें अनिल साहू, ओम प्रकाश साहू, बाबूलाल गंझू, नंदलाल सिंह, अहलाद यादव, राजेंद्र तुरी, राजेश कुमार शर्मा, अल्बर्ट उरांव, आनंद मासी कुजूर, संजय गोप, सुनील उरांव, सावित्री देवी, पार्वती देवी, कुंती देवी, नेहा कुमारी, पुष्पा देवी, सुनीता कुमारी सहित कई लोग शामिल हुए।

सभी ने मजदूरों के अधिकार और एकता पर अपने विचार साझा किए।

न्यूज़ देखो: संघर्ष और एकता ही मजदूरों की असली ताकत

चंदवा का यह आयोजन बताता है कि मजदूर वर्ग आज भी अपने अधिकारों के प्रति सजग है। सम्मान समारोह और रैली के माध्यम से एकजुटता का जो संदेश दिया गया, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। हालांकि, सिकनी कोलियरी जैसे मुद्दे यह भी दिखाते हैं कि कई समस्याएं अब भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। क्या इन आवाजों को सरकार तक सही तरीके से पहुंचाया जाएगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

एकजुट मजदूर ही मजबूत समाज की नींव

मजदूर समाज की असली ताकत हैं, जिनके बिना विकास अधूरा है।
एकता और संघर्ष ही उनके अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत है।
जरूरत है कि हर मजदूर अपने अधिकारों को समझे और उनके लिए आवाज उठाए।
समाज को भी उनके योगदान का सम्मान करना चाहिए।

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अपनी राय कमेंट में जरूर दें और श्रमिकों के अधिकारों के समर्थन में आगे आएं।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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