#चैनपुर #मनरेगा_अनियमितता : एक सप्ताह में रॉयल्टी डीएमएफटी जमा नहीं करने पर कार्रवाई तय।
गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में मनरेगा वेंडरों द्वारा रॉयल्टी और डीएमएफटी राशि जमा नहीं करने का मामला सामने आया है। डीडीसी ने सख्त रुख अपनाते हुए एक सप्ताह में बकाया जमा करने का अल्टीमेटम दिया है। जांच में लाखों रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। प्रशासन ने कार्रवाई नहीं होने पर ब्लैकलिस्ट और एफआईआर की चेतावनी दी है।
- चैनपुर प्रखंड में मनरेगा वेंडरों की गड़बड़ी उजागर।
- डीडीसी गुमला ने दिया 1 सप्ताह का अल्टीमेटम।
- लाखों रुपये की रॉयल्टी और डीएमएफटी बकाया।
- जमा नहीं करने पर ब्लैकलिस्ट और एफआईआर की चेतावनी।
- कई प्रमुख वेंडरों के नाम सूची में शामिल।
गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड में मनरेगा योजनाओं के तहत काम करने वाले वेंडरों द्वारा सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए राजस्व को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है। जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान वेंडरों को भुगतान तो किया गया, लेकिन रॉयल्टी और डीएमएफटी की राशि पूरी तरह जमा नहीं की गई।
डीडीसी का सख्त रुख
उप विकास आयुक्त सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी चैनपुर को सख्त निर्देश जारी किया है। पत्रांक 303 और 292 के माध्यम से स्पष्ट कहा गया है कि एक सप्ताह के भीतर सभी बकाया राशि जमा कराई जाए।
डीडीसी ने निर्देश दिया: “निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं होने पर संबंधित वेंडरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
जांच में सामने आई लापरवाही
जिला स्तरीय जांच दल द्वारा समीक्षा में यह पाया गया कि कई बार निर्देश देने के बावजूद वेंडरों द्वारा राशि जमा करने में लापरवाही बरती जा रही है। इस कारण सरकार को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
प्रमुख बकायेदारों की सूची
जांच रिपोर्ट में कई वेंडरों के नाम सामने आए हैं, जिन पर लाखों रुपये बकाया हैं:
- एम/एस वेरायटी स्टोर: ₹8,84,957 रॉयल्टी और ₹88,141 डीएमएफटी (2024-25)।
- अमित एक्का: ₹2,00,001 (2023-24) और ₹2,84,046 (2024-25) रॉयल्टी बकाया।
- शहनाज बेगम: ₹4,99,290 (2023-24) और ₹3,96,127 (2024-25) रॉयल्टी बकाया।
- एम/एस जयसवाल ट्रेडर्स: ₹2,17,672 (2023-24) और ₹65,139 (2024-25) बकाया।
इसके अलावा क्रिस्टोफर लकड़ा, कंचन तिग्गा और अजय साहू के नाम भी सूची में शामिल हैं।
भुगतान की प्रक्रिया तय
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रॉयल्टी की राशि चालान के माध्यम से संबंधित विभाग में जमा करनी होगी। वहीं डीएमएफटी की राशि ‘गुमला जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट’ के भारतीय स्टेट बैंक, गुमला स्थित खाते में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं की जाती है, तो संबंधित वेंडरों को काली सूची में डाल दिया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
प्रशासनिक हलचल तेज
इस कार्रवाई के बाद प्रखंड के वेंडरों और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। सभी पर अब बकाया राशि जमा करने का दबाव बढ़ गया है।
न्यूज़ देखो: लापरवाही पर सख्ती जरूरी
चैनपुर का यह मामला सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है। मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में गड़बड़ी गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासन का सख्त रुख जरूरी है, लेकिन क्या इससे भविष्य में ऐसी घटनाएं रुकेंगी? जवाबदेही तय करना अब सबसे बड़ा सवाल है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूकता और जवाबदेही से ही होगा बदलाव
सरकारी योजनाएं जनता के हित के लिए होती हैं, इनका सही उपयोग जरूरी है।
लापरवाही और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सभी को जागरूक रहना होगा।
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