#गुमला #आम_विपणन : महिला समूहों और किसानों के उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार अवसर।
गुमला के नए समाहरणालय परिसर में सांसद सुखदेव भगत ने उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की उपस्थिति में कैनोपी आम स्टॉल का उद्घाटन किया। स्टॉल का संचालन जेएसएलपीएस द्वारा समर्थित गुमला रायडीह फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी करेगी। इस पहल का उद्देश्य किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराना है। जिले में इस वर्ष लगभग 2500 मीट्रिक टन आम उत्पादन की संभावना के बीच यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- सांसद सुखदेव भगत ने नए समाहरणालय परिसर में कैनोपी आम स्टॉल का उद्घाटन किया।
- उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की उपस्थिति में किसानों और महिला समूहों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने की पहल शुरू हुई।
- गुमला रायडीह फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी स्टॉल का संचालन करेगी।
- जिले में इस वर्ष लगभग 2500 मीट्रिक टन आम उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।
- विभिन्न एफपीओ और सहकारी समितियों द्वारा अब तक करीब 350 मीट्रिक टन आम का विपणन किया जा चुका है।
- कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और किसान संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।
गुमला जिले में किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नए समाहरणालय परिसर में शनिवार को कैनोपी आम स्टॉल का उद्घाटन कर स्थानीय उत्पादों के विपणन को नई गति देने का प्रयास किया गया। इस पहल से किसानों को बिचौलियों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
कार्यक्रम में सांसद सुखदेव भगत, उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो सहित जिले के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। उद्घाटन के दौरान किसानों, महिला समूहों और किसान उत्पादक संगठनों की भूमिका को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया गया।
किसानों को मिलेगा सीधा बाजार
नए समाहरणालय परिसर में शुरू किए गए कैनोपी आम स्टॉल का संचालन जेएसएलपीएस द्वारा सुपोषित गुमला रायडीह फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों द्वारा उत्पादित आम और अन्य कृषि उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।
इस पहल से किसानों को अपने उत्पादों के विपणन के लिए एक स्थायी मंच मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर उत्पादों की बिक्री बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जिले में 2500 मीट्रिक टन आम उत्पादन की संभावना
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत गुमला जिले में इस वर्ष लगभग 2500 मीट्रिक टन आम उत्पादन होने की संभावना है।
इस बड़े उत्पादन को देखते हुए किसानों को उचित बाजार उपलब्ध कराना प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं की प्राथमिकता बनी हुई है। इसी उद्देश्य से जेएसएलपीएस, प्रदान और नाबार्ड के सहयोग से विभिन्न किसान उत्पादक कंपनियों और सहकारी समितियों को विपणन व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।
350 मीट्रिक टन आम का हो चुका है सफल विपणन
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि जिले की विभिन्न फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) द्वारा अब तक लगभग 350 मीट्रिक टन आम का सफल विपणन किया जा चुका है।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि संगठित प्रयासों के माध्यम से किसान उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है। प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं का मानना है कि आने वाले समय में यह आंकड़ा और बढ़ेगा तथा किसानों की आय में सकारात्मक वृद्धि होगी।
महिला समूहों की भूमिका को सांसद ने सराहा
उद्घाटन समारोह के दौरान सांसद सुखदेव भगत ने महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों की विशेष सराहना की।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा: “महिलाओं की भागीदारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है और इससे किसानों तथा महिला समूहों दोनों को आर्थिक लाभ मिलेगा।”
उन्होंने लोगों से स्थानीय स्तर पर उत्पादित वस्तुओं की खरीदारी करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने स्टॉल से आम और अन्य उत्पाद खरीदकर महिला समूहों का उत्साहवर्धन भी किया।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
कैनोपी आम स्टॉल के माध्यम से न केवल आम की बिक्री होगी, बल्कि भविष्य में स्थानीय स्तर पर तैयार अन्य कृषि एवं ग्रामीण उत्पादों को भी बाजार उपलब्ध कराने की योजना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहलें किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा करती हैं। इससे महिला समूहों को भी अपने उत्पादों के लिए स्थायी बाजार मिलने की संभावना बढ़ती है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
उद्घाटन कार्यक्रम में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जेएसएलपीएस गुमला के पदाधिकारी, प्रदान संस्था के प्रतिनिधि, किसान उत्पादक संगठनों के सदस्य, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सभी ने इस पहल को किसानों और महिला समूहों के लिए लाभकारी बताते हुए इसे सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
न्यूज़ देखो: बाजार से सीधे जुड़ेंगे किसान तो बढ़ेगी आय
गुमला में कैनोपी आम स्टॉल की शुरुआत केवल एक बिक्री केंद्र नहीं, बल्कि किसानों और महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जब उत्पादक सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ते हैं तो उन्हें बेहतर मूल्य मिलता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। जिले में बढ़ते आम उत्पादन को देखते हुए ऐसी पहलें किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। अब आवश्यकता इस मॉडल को और अधिक गांवों तथा उत्पादों तक विस्तार देने की है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्थानीय उत्पाद अपनाएं, किसानों का उत्साह बढ़ाएं
जब हम स्थानीय किसानों और महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पाद खरीदते हैं, तब हम केवल एक वस्तु नहीं खरीदते बल्कि किसी परिवार की मेहनत और उम्मीदों को भी समर्थन देते हैं।
आत्मनिर्भर गांव और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सपना तभी साकार होगा जब स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता मिले। आप भी स्थानीय किसानों के उत्पाद खरीदें, उन्हें प्रोत्साहित करें और ग्रामीण विकास की इस मुहिम का हिस्सा बनें। अपनी राय कमेंट में साझा करें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).