#बरवाडीह #कृषिमुद्दा : किसानों को समय पर खाद-बीज और बेहतर सिंचाई सुविधा देने की मांग उठी।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड से जुड़े किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अर्शदुल कादरी ने कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था की कमी, खाद-बीज की उपलब्धता और लैम्पस व्यवस्था को मजबूत करने की मांग रखी गई। मंत्री ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया। किसानों को राहत दिलाने की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- अर्शदुल कादरी ने कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से शिष्टाचार मुलाकात कर किसानों की समस्याएं रखीं।
- बरवाडीह एवं लातेहार क्षेत्र में सिंचाई, खाद-बीज और लैम्पस व्यवस्था की समस्याओं पर चर्चा हुई।
- किसानों को समय पर कृषि संसाधन उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
- मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का भरोसा दिलाया।
- क्षेत्र के किसानों के हित में इस पहल को सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
बरवाडीह प्रखंड सहित लातेहार जिले के किसानों की समस्याओं को लेकर झारखंड कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अर्शदुल कादरी ने राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खेती-किसानी से जुड़ी जमीनी समस्याओं को विस्तारपूर्वक मंत्री के समक्ष रखा। किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं होने, सिंचाई व्यवस्था कमजोर होने तथा लैम्पस प्रणाली में सुधार की आवश्यकता जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा की गई।
अर्शदुल कादरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेती के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। समय पर कृषि संसाधन उपलब्ध नहीं होने से खेती प्रभावित होती है और किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की मांग
मुलाकात के दौरान अर्शदुल कादरी ने क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बरसात पर निर्भर खेती होने के कारण किसानों को हर साल परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि सिंचाई की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए तो किसानों की उत्पादन क्षमता में काफी वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने कहा कि कई गांवों में आज भी पर्याप्त सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण किसान आधुनिक खेती करने में असमर्थ हैं। समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं।
खाद और बीज की समय पर उपलब्धता का मुद्दा
कादरी ने कृषि मंत्री को बताया कि किसानों को समय पर खाद और बीज नहीं मिलने से खरीफ और रबी सीजन में काफी कठिनाइयां होती हैं। कई बार किसानों को निजी दुकानों से अधिक कीमत पर खाद और बीज खरीदना पड़ता है, जिससे उनकी लागत बढ़ जाती है।
उन्होंने मांग की कि सरकारी स्तर पर ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे किसानों को सही समय पर उचित दर पर खाद और बीज उपलब्ध कराया जा सके। इससे किसानों को राहत मिलेगी और खेती को बढ़ावा मिलेगा।
अर्शदुल कादरी ने कहा: “किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। समय पर संसाधन मिलने से किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे।”
लैम्पस व्यवस्था में सुधार की मांग
मुलाकात के दौरान लैम्पस (LAMPs) व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई। अर्शदुल कादरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लैम्पस की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
उन्होंने कहा कि कई किसानों को जानकारी और संसाधनों के अभाव में योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। यदि लैम्पस प्रणाली को मजबूत किया जाए तो किसानों को राहत मिल सकती है।
कृषि मंत्री ने दिया आश्वासन
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अर्शदुल कादरी द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने का आश्वासन दिया।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों से जुड़े मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा।
किसानों में जगी उम्मीद
इस मुलाकात के बाद क्षेत्र के किसानों में उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सिंचाई, खाद-बीज और कृषि योजनाओं की व्यवस्था मजबूत होती है तो किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि खेती इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलना जरूरी है। समय पर सरकारी सहायता मिलने से खेती को नई दिशा मिल सकती है।
न्यूज़ देखो: किसानों की आवाज सरकार तक पहुंचाने की पहल
बरवाडीह और लातेहार जैसे कृषि आधारित क्षेत्रों में किसानों की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक नेताओं की सक्रियता महत्वपूर्ण मानी जाती है। अर्शदुल कादरी द्वारा कृषि मंत्री के समक्ष क्षेत्रीय समस्याओं को उठाना किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने की एक सकारात्मक पहल है।
सिंचाई, खाद-बीज और लैम्पस जैसी व्यवस्थाएं सीधे किसानों की आजीविका से जुड़ी हैं। यदि इन मुद्दों पर गंभीरता से काम होता है तो क्षेत्र के हजारों किसानों को राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासनिक स्तर पर इन समस्याओं के समाधान के लिए कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसानों की मजबूती से ही मजबूत होगा गांव और देश
खेती केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है। किसानों की समस्याओं का समाधान समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। जब किसान मजबूत होंगे तभी गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और विकास की गति तेज होगी।
जरूरत है कि किसान जागरूक रहें, योजनाओं की जानकारी लें और अपनी समस्याओं को मजबूती से उठाएं। सरकार और प्रशासन को भी जमीनी जरूरतों के अनुसार काम करना होगा।
आपकी क्या राय है? क्या किसानों को समय पर खाद, बीज और सिंचाई सुविधा मिल पा रही है? अपनी राय कमेंट में जरूर दें, खबर को शेयर करें और किसानों की आवाज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).