डुमरी और चैनपुर के किसानों के लिए जगी नई उम्मीद, 40 साल बाद नवगई डैम से खेतों तक पहुंचेगा पानी

डुमरी और चैनपुर के किसानों के लिए जगी नई उम्मीद, 40 साल बाद नवगई डैम से खेतों तक पहुंचेगा पानी

author Aditya Kumar
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#गुमला #सिंचाई_परियोजना : नवगई डैम निरीक्षण से किसानों में सिंचाई और रोजगार की उम्मीद बढ़ी।

गुमला जिले के डुमरी और चैनपुर प्रखंड में वर्षों से सिंचाई संकट झेल रहे किसानों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। मंगलवार को जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय टीम ने नवगई डैम और राइट कैनल का निरीक्षण किया। विधायक भूषण तिर्की की पहल पर सरकार ने कैनल मरम्मत प्रक्रिया तेज की है। इससे हजारों किसानों को सिंचाई, रोजगार और बेहतर खेती का लाभ मिलने की संभावना बढ़ गई है।

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  • नवगई डैम की राइट कैनल के निरीक्षण के लिए पहुंची जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय टीम।
  • विधायक भूषण तिर्की के प्रयास के बाद सरकार ने 40 साल पुरानी सिंचाई समस्या पर लिया संज्ञान।
  • 12.93 किलोमीटर लंबी राइट कैनल की स्थिति का अधिकारियों ने किया भौतिक निरीक्षण।
  • किसानों को हर मौसम में खेती और पलायन रोकने की उम्मीद जगी।
  • निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों और विधायक का गाजे-बाजे के साथ स्वागत किया।
  • विभाग ने जल्द कैनल की सफाई और मरम्मत कार्य शुरू करने का भरोसा दिया।

गुमला जिले के डुमरी और चैनपुर प्रखंड के किसानों के लिए मंगलवार का दिन उम्मीदों से भरा रहा। लगभग चार दशक पहले बने अपर शंख जलाशय की राइट कैनल से अब तक खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाने के कारण हजारों किसान सिंचाई संकट झेल रहे थे। लेकिन अब इस लंबे इंतजार के खत्म होने की संभावना दिखाई देने लगी है। जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय टीम ने नवगई डैम पहुंचकर राइट कैनल और जलाशय की स्थिति का निरीक्षण किया। विधायक भूषण तिर्की की पहल और विधानसभा में उठाए गए मुद्दे के बाद सरकार की सक्रियता ने किसानों के बीच नई उम्मीद पैदा कर दी है।

40 वर्षों से अधूरी थी किसानों की उम्मीद

डुमरी और चैनपुर क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि अपर शंख जलाशय बनने के समय किसानों ने अपनी जमीन इस उम्मीद से दी थी कि उन्हें सालभर सिंचाई की सुविधा मिलेगी। लेकिन समय बीतने के बावजूद राइट कैनल की स्थिति खराब बनी रही और खेतों तक पानी नहीं पहुंच सका। इसका सबसे बड़ा असर खेती और रोजगार पर पड़ा।

पानी की कमी के कारण अधिकांश किसान केवल धान की एक फसल पर निर्भर रहे। गर्मी और रबी सीजन में खेती लगभग बंद जैसी स्थिति में रही। इससे आर्थिक संकट बढ़ा और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ा।

विधायक भूषण तिर्की की पहल के बाद बढ़ी उम्मीद

स्थानीय विधायक भूषण तिर्की ने इस मुद्दे को विधानसभा के मानसून सत्र के शून्य काल में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद राज्य सरकार ने मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों को निरीक्षण का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि क्षेत्र के किसानों ने वर्षों तक उपेक्षा झेली है और अब समय आ गया है कि उन्हें उनका अधिकार मिले।

विधायक भूषण तिर्की ने कहा: “इस डैम को बने हुए 40 साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन आज तक राइट कैनल की हालत नहीं सुधरी। किसानों ने अपनी जमीन इसलिए दी थी कि उन्हें सिंचाई सुविधा मिले, लेकिन पानी के अभाव में लोग पलायन करने को मजबूर हो गए।”

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मामले को गंभीरता से लेना क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है और आने वाले समय में इसका लाभ हजारों परिवारों को मिलेगा।

ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

जब जल संसाधन विभाग की टीम गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। गाजे-बाजे और स्थानीय संस्कृति के साथ ग्रामीणों ने अधिकारियों और विधायक का अभिनंदन किया। गांव के लोगों में इस बात को लेकर उत्साह देखा गया कि शायद अब वर्षों पुरानी सिंचाई समस्या का समाधान हो सकेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि कैनल से नियमित पानी मिलने लगे तो खेती की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। इससे धान के अलावा सब्जी, दलहन और अन्य फसलों की खेती भी संभव हो सकेगी।

कैनल की जर्जर स्थिति का हुआ निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान विभाग के चीफ इंजीनियर पी.डी. राम और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कंचन ज्योति किंडो ने 12.93 किलोमीटर लंबी राइट कैनल का जायजा लिया। कैनल में भारी मात्रा में गाद जमा होने और कई हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी अधिकारियों को दी गई।

अधिकारियों ने मौके पर कैनल की स्थिति का तकनीकी निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों से भी जानकारी ली। विभागीय टीम ने माना कि लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण नहर की स्थिति खराब हो चुकी है।

विभागीय अधिकारियों ने कहा: “वस्तुस्थिति का आकलन कर लिया गया है। बहुत जल्द विभागीय प्रक्रिया पूरी कर कैनल की सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।”

किसानों को होगा बड़ा लाभ

यदि राइट कैनल का जीर्णोद्धार कार्य समय पर पूरा हो जाता है तो इसका सीधा लाभ हजारों किसानों को मिलेगा। किसानों को सालभर सिंचाई सुविधा मिलने से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। क्षेत्र में बहु-फसली खेती को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि पानी की उपलब्धता बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे बाहर काम करने के लिए होने वाला पलायन कम हो सकता है।

पलायन रोकने में मिलेगी मदद

डुमरी और चैनपुर क्षेत्र लंबे समय से रोजगार और सिंचाई संकट से जूझता रहा है। पानी की कमी के कारण खेती सीमित रहने से बड़ी संख्या में युवा मजदूरी के लिए महानगरों की ओर जाते रहे हैं।

अब यदि परियोजना पूरी तरह चालू हो जाती है तो स्थानीय स्तर पर कृषि आधारित रोजगार बढ़ सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को गांव में ही काम मिलने की संभावना बढ़ेगी।

सरकार और विभाग से बढ़ी अपेक्षाएं

निरीक्षण के बाद अब किसानों की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार योजनाओं की घोषणा तो होती है, लेकिन काम जमीन पर नहीं उतर पाता। ऐसे में इस बार वे चाहते हैं कि जल्द से जल्द कैनल की सफाई और मरम्मत कार्य शुरू हो।

स्थानीय किसानों ने कहा कि यदि परियोजना सही तरीके से लागू होती है तो आने वाले वर्षों में डुमरी और चैनपुर की तस्वीर बदल सकती है।

न्यूज़ देखो: 40 साल का इंतजार अब खत्म होने की उम्मीद

डुमरी और चैनपुर के किसानों की समस्या केवल सिंचाई का मुद्दा नहीं, बल्कि यह ग्रामीण विकास, रोजगार और सामाजिक स्थिरता से जुड़ा बड़ा सवाल है। वर्षों तक अधूरी पड़ी परियोजनाएं अक्सर ग्रामीणों के विश्वास को कमजोर करती हैं, लेकिन इस निरीक्षण ने उम्मीद की नई किरण दिखाई है। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि विभागीय प्रक्रिया कितनी तेजी और पारदर्शिता से आगे बढ़ती है। यदि सरकार समय पर काम पूरा कराती है तो यह क्षेत्र कृषि विकास का नया उदाहरण बन सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

खेतों तक पानी पहुंचेगा तो गांवों में लौटेगी खुशहाली

ग्रामीण इलाकों की असली ताकत खेती और किसान हैं। जब खेतों में पानी पहुंचता है तो केवल फसल नहीं उगती, बल्कि रोजगार, आत्मविश्वास और गांव की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। डुमरी और चैनपुर के किसानों की यह उम्मीद पूरे क्षेत्र के विकास से जुड़ी हुई है।

जरूरी है कि ऐसी योजनाओं की नियमित निगरानी हो और काम समय पर पूरा किया जाए। स्थानीय लोगों की भागीदारी भी इस परियोजना की सफलता में अहम भूमिका निभा सकती है।

आप भी अपने क्षेत्र की विकास योजनाओं पर नजर रखें, सवाल पूछें और जनहित के मुद्दों को सामने लाएं। अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर किसानों की आवाज को मजबूत बनाएं।

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Written by

डुमरी, गुमला

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