डायन-बिसाही और मॉब लिंचिंग के खिलाफ लातेहार पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान

डायन-बिसाही और मॉब लिंचिंग के खिलाफ लातेहार पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान

author Ravikant Kumar Thakur
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#लातेहार #जागरूकता_अभियान : पुलिस ने ग्रामीणों को कानून और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।

लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के चेटर गांव में पुलिस ने डायन-बिसाही, मॉब लिंचिंग और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को कानून की जानकारी देते हुए सामाजिक भाईचारा बनाए रखने की अपील की। अभियान के दौरान लोगों को अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तुरंत पुलिस को देने का संदेश दिया गया।

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  • चंदवा थाना क्षेत्र के चेटर गांव में पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाया।
  • ग्रामीणों को डायन-बिसाही और मॉब लिंचिंग के दुष्परिणाम बताए गए।
  • पुलिस ने कहा कि किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना गंभीर अपराध है।
  • अफवाहों और अंधविश्वास से बचने की अपील ग्रामीणों से की गई।
  • बीमारी होने पर अस्पताल और योग्य चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई।

लातेहार जिले में सामाजिक कुरीतियों और अफवाह आधारित हिंसा को रोकने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के निर्देश पर चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत चेटर पंचायत के ग्राम चेटर में ग्रामीणों के बीच विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को कानून, सामाजिक सौहार्द और अंधविश्वास के खतरों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए बताया कि समाज में फैल रही अफवाहें, अंधविश्वास और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं सामाजिक शांति और मानवता के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने लोगों से समझदारी और कानून का पालन करने की अपील की।

डायन-बिसाही को बताया गंभीर सामाजिक अपराध

अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को विस्तार से बताया कि किसी भी महिला को ‘डायन’ कहकर प्रताड़ित करना, अपमानित करना या उसके साथ हिंसा करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है।

पुलिस ने स्पष्ट कहा कि कई बार अंधविश्वास और अफवाहों के कारण निर्दोष महिलाओं को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, जो बेहद अमानवीय है। अधिकारियों ने कहा कि समाज को इस तरह की कुप्रथाओं से बाहर निकलने की जरूरत है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा: “किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करना गंभीर अपराध है और इसमें कठोर सजा का प्रावधान है।”

बीमारी और घटनाओं को अंधविश्वास से जोड़ना गलत

कार्यक्रम में ग्रामीणों को यह भी समझाया गया कि बीमारी, प्राकृतिक आपदा या किसी व्यक्ति की अचानक मृत्यु जैसी घटनाओं को जादू-टोना या अंधविश्वास से जोड़ना वैज्ञानिक सोच के खिलाफ है।

पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी बीमारी की स्थिति में ओझा-गुनी या पाखंडियों के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे अस्पताल या योग्य चिकित्सकों से संपर्क करें। अधिकारियों ने कहा कि सही इलाज और जागरूकता ही समाज को सुरक्षित बना सकती है।

मॉब लिंचिंग पर पुलिस ने दी चेतावनी

जागरूकता अभियान के दौरान मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर भी विशेष चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चा चोरी या संदिग्ध व्यक्ति की अफवाह फैलाकर भीड़ द्वारा हमला करना कानूनन अपराध है।

ग्रामीणों को बताया गया कि यदि गांव में कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो खुद कानून हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस या जनप्रतिनिधियों को सूचना दें। पुलिस ने कहा कि अफवाहों पर भरोसा करने से कई बार निर्दोष लोग हिंसा का शिकार हो जाते हैं।

सामाजिक भाईचारा बनाए रखने की अपील

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से आपसी विवादों को बातचीत और समझदारी से सुलझाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को शांतिपूर्ण समाज निर्माण, कानून के सम्मान और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। पुलिस ने कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज की नींव तैयार करते हैं।

गांवों में लगातार चल रहा जागरूकता अभियान

लातेहार पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न गांवों में लगातार इस प्रकार के अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में फैली कुप्रथाओं और अफवाहों को रोकना है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि केवल कानूनी कार्रवाई से समाज नहीं बदलता, बल्कि जागरूकता और संवाद भी बेहद जरूरी है। यही कारण है कि पुलिस अब गांव स्तर पर सीधे लोगों से संवाद कर रही है।

ग्रामीणों ने भी दिखाई रुचि

कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस की पहल की सराहना की। कई लोगों ने माना कि गांवों में आज भी अंधविश्वास और अफवाहों के कारण तनाव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की जागरूकता पहल समाज के लिए जरूरी है।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रम होते रहें तो लोगों में कानून और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

न्यूज़ देखो: जागरूक समाज ही अंधविश्वास पर रोक लगा सकता है

लातेहार पुलिस का यह अभियान केवल कानून की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को मानवीय सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की ओर ले जाने का प्रयास भी है। डायन-बिसाही और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर जागरूकता फैलाने की जरूरत है। सामाजिक सौहार्द और कानून का सम्मान ही सुरक्षित समाज की असली पहचान है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें और अफवाहों से दूर रहें

अंधविश्वास और अफवाहें समाज को कमजोर बनाती हैं।
किसी भी घटना पर बिना जांच के प्रतिक्रिया देना कई निर्दोष लोगों की जिंदगी प्रभावित कर सकता है।
बीमारी या संकट की स्थिति में वैज्ञानिक सोच और सही इलाज को अपनाएं।
कानून का सम्मान करें और समाज में भाईचारा बनाए रखें।

यदि आपके आसपास कोई अफवाह या संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
इस खबर को ज्यादा से ज्यादा साझा करें ताकि जागरूकता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचे।
अपनी राय कमेंट में जरूर दें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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