#बानो #पोषण_पखवाड़ा : संतुलित आहार, गोद भराई और अन्नप्राशन के जरिए जागरूकता बढ़ाने की पहल
सिमडेगा जिले के बानो प्रखण्ड स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में पोषण पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, बच्चों और समुदाय को संतुलित आहार, कुपोषण से बचाव तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। गोद भराई और अन्नप्राशन दिवस के आयोजन ने इस पहल को और प्रभावी बनाया।
- बाल विकास परियोजना कार्यालय बानो में पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम आयोजित।
- बीडीओ नईमुद्दीन अंसारी ने संतुलित आहार पर दिया जोर।
- गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण पर विशेष चर्चा।
- गोद भराई एवं अन्नप्राशन दिवस भी मनाया गया।
- घर-घर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
बानो प्रखण्ड में पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम समाज में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। बाल विकास परियोजना कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं, बच्चों और समुदाय के लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के बीच सही पोषण के महत्व को समझाना था, ताकि कुपोषण जैसी समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
संतुलित आहार पर विशेष जोर
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सही पोषण सबसे जरूरी है।
उन्होंने कहा कि संतुलित आहार और आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी हर परिवार तक पहुंचनी चाहिए, ताकि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
व्यवहारिक जानकारी से बढ़ी समझ
कार्यक्रम में ICDS की महिला प्रवेक्षिकाएं मेरी तोपनो, नैना कुमारी, बानो प्रखण्ड की आंगनवाड़ी सेविकाएं और सिनी संस्था के क्षेत्र समन्वयक सुधाकर साहू भी उपस्थित रहे।
इस दौरान पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा लोगों को व्यवहारिक जानकारी दी गई, ताकि वे अपने दैनिक जीवन में बेहतर खानपान और स्वच्छता की आदतें अपना सकें।
गोद भराई और अन्नप्राशन का आयोजन
पोषण पखवाड़ा के तहत गोद भराई एवं अन्नप्राशन दिवस का भी आयोजन किया गया। गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई रस्म निभाई गई, वहीं छोटे बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराए गए।
इस आयोजन का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति परिवारों को अधिक संवेदनशील और जागरूक बनाना था।
घर-घर जागरूकता फैलाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। यह निर्णय लिया गया कि घर-घर जाकर लोगों को संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही मिटेगा कुपोषण
बानो में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत पहल है। मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर केंद्रित ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यदि घर-घर तक यह संदेश पहुंचे, तो इसका प्रभाव आने वाले वर्षों में साफ दिखाई देगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा, स्वस्थ समाज
पोषण हर परिवार की पहली जरूरत है।
सही जानकारी और संतुलित आहार से कुपोषण को हराया जा सकता है।
जरूरत है जागरूकता को जन-आंदोलन बनाने की।
आइए, हम भी अपने आसपास पोषण का संदेश फैलाएं।
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