
#सिमडेगा #महिलाखेलप्रतियोगिता : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिमडेगा जिले में ASMITA लीग के अंतर्गत जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में भारतीय खेल प्राधिकरण और मेरा युवा भारत के सहयोग से यह प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें मुझे कुछ करना है डिफेंस एकेडमी लचरागढ़ की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक हासिल किए। विजेता छात्राओं को उपायुक्त कंचन सिंह द्वारा सम्मानित किया गया।
- सिमडेगा जिला में ASMITA लीग के अंतर्गत जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता आयोजित।
- मुझे कुछ करना है डिफेंस एकेडमी लचरागढ़ की छात्राओं का शानदार प्रदर्शन।
- शोभा कुमारी ने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में दो स्वर्ण पदक जीते।
- चांदों ने 400 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
- शालू टोपनो ने 100 मीटर में द्वितीय और 200 मीटर में तृतीय स्थान हासिल किया।
- विजेता छात्राओं को उपायुक्त कंचन सिंह ने मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सिमडेगा जिले में आयोजित जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रतिभाशाली छात्राओं ने अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) तथा मेरा युवा भारत (MY Bharat) के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों की छात्राओं ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में मुझे कुछ करना है डिफेंस एकेडमी लचरागढ़ की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कई पदक अपने नाम किए और अपने संस्थान के साथ-साथ क्षेत्र का भी नाम रोशन किया।
महिला खिलाड़ियों को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित हुई प्रतियोगिता
सिमडेगा में आयोजित यह जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता ASMITA लीग के अंतर्गत आयोजित की गई थी। इस लीग का उद्देश्य महिला खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करना है।
प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों, प्रशिक्षण केंद्रों और खेल संस्थानों की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। खेल मैदान में छात्राओं की ऊर्जा, उत्साह और प्रतिस्पर्धा ने पूरे आयोजन को रोमांचक बना दिया।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर देती हैं और भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डिफेंस एकेडमी लचरागढ़ की छात्राओं का शानदार प्रदर्शन
प्रतियोगिता में मुझे कुछ करना है डिफेंस एकेडमी लचरागढ़ की छात्राओं ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई पदक हासिल किए। संस्थान की छात्रा शोभा कुमारी ने अपनी तेज रफ्तार का शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
वहीं छात्रा चांदों ने 400 मीटर दौड़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा शालू टोपनो ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 मीटर दौड़ में द्वितीय स्थान और 200 मीटर दौड़ में तृतीय स्थान हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया।
इन छात्राओं के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि सही प्रशिक्षण और मेहनत से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
उपायुक्त कंचन सिंह ने किया सम्मानित
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विजेता छात्राओं को सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह के द्वारा मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों और दर्शकों ने विजेता खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
सम्मान समारोह के दौरान छात्राओं के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवार, संस्थान और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई।
प्रशिक्षकों ने जताई खुशी
छात्राओं की इस उपलब्धि पर मुझे कुछ करना है डिफेंस एकेडमी लचरागढ़ के संचालक रवि सर और सह-संचालक अविनाश सर ने खुशी व्यक्त की।
संचालक रवि सर ने कहा:
“हमारे संस्थान के छात्र-छात्राएं लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी कर रहे हैं।”सह-संचालक अविनाश सर ने कहा:
“सही मार्गदर्शन, अनुशासन और कड़ी मेहनत के बल पर हमारे खिलाड़ी आने वाले समय में राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।”
उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए निरंतर अभ्यास, समर्पण और सकारात्मक सोच आवश्यक है। संस्थान भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
छात्राओं को मिल रही प्रेरणा
इस प्रतियोगिता में मिली सफलता से अन्य छात्राओं को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रतिभाएं छिपी होती हैं जिन्हें सही मंच और मार्गदर्शन मिलने पर वे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देती हैं और उन्हें बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करती हैं।
न्यूज़ देखो: खेल के मैदान में बेटियों की बढ़ती ताकत
सिमडेगा में आयोजित इस एथलेटिक्स प्रतियोगिता ने यह दिखा दिया कि आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। खेल के मैदान में उनका आत्मविश्वास और मेहनत यह साबित करती है कि यदि सही अवसर और प्रशिक्षण मिले तो वे राज्य और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं का इस तरह आगे आना समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। यह भी जरूरी है कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को निरंतर प्रशिक्षण और संसाधन मिलते रहें ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकें।
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खेल के मैदान से बदल रही बेटियों की पहचान
आज की बेटियां खेल के मैदान से लेकर शिक्षा और हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। यदि उन्हें सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे असंभव को भी संभव बना सकती हैं।
समाज की जिम्मेदारी है कि वह बेटियों के सपनों को आगे बढ़ाने में उनका साथ दे और उन्हें प्रोत्साहित करे। खेल केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व की सीख भी देता है।आपके आसपास भी ऐसी प्रतिभाशाली बेटियां हैं जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, तो उनकी कहानी दुनिया तक पहुंचाना जरूरी है।






