श्रावणी मेले के 21वें दिन बाबा नगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब 1 लाख 78 हजार कांवड़ियों ने किया जलार्पण

श्रावणी मेले के 21वें दिन बाबा नगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब 1 लाख 78 हजार कांवड़ियों ने किया जलार्पण

author News देखो Team
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#देवघर #श्रावणमेला : बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जयकारों के बीच भक्तों ने गंगा जल से किया अभिषेक, प्रशासन ने दी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था।
  • 21वें दिन 1,78,439 श्रद्धालुओं ने जल अर्पित किया।
  • सुबह 4:15 बजे से शुरू हुआ जलार्पण का सिलसिला।
  • बीएड कॉलेज तक लगी भक्तों की लंबी कतार।
  • 52,856 ने बाह्य अर्घा, 1,16,375 ने आंतरिक अर्घा से किया जलार्पण।
  • 9,208 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शनम का लाभ लिया।
  • प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी रखी।

अहले सुबह हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा देवघर

देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेले का 21वां दिन पूरी तरह से भक्तिभाव में डूबा रहा। जैसे ही सुबह 4:15 बजे जलार्पण प्रक्रिया शुरू हुई, मंदिर प्रांगण में हर-हर महादेव के जयकारे गूंज उठे। हजारों कांवड़िए गंगा जल से बाबा का अभिषेक करने के लिए कतारबद्ध खड़े रहे।

1 लाख 78 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अर्पित किया जल

आज कुल 1,78,439 कांवड़ियों ने जलार्पण किया। इनमें 52,856 श्रद्धालु बाह्य अर्घा, 1,16,375 आंतरिक अर्घा और 9,208 भक्तों ने शीघ्र दर्शनम के माध्यम से जल अर्पित किया। यह संख्या पिछले दिनों की तुलना में अधिक रही, जिससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में गहमागहमी बनी रही।

मेला क्षेत्र में दिखी प्रशासन की सख्ती और सतर्कता

श्रावणी मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए। रास्तों पर लगातार निगरानी रखी गई। बीएड कॉलेज तक बैरिकेडिंग के बीच लंबी कतारें लगी रहीं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पुलिस और स्वयंसेवक लगातार लोगों की मदद करते रहे।

भक्तिमय माहौल में सुचारु रूप से संपन्न हुई जलार्पण प्रक्रिया

दिनभर कांवड़ियों के समूह में जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालु बाबा की नगरी में डमरू और ढोल की थाप पर नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। श्रद्धा और आस्था का यह अद्भुत संगम देवघर में हर ओर देखने को मिला

न्यूज़ देखो: आस्था और अनुशासन का संगम

आज का दृश्य इस बात का प्रमाण है कि भक्ति के साथ अनुशासन भी जरूरी है। प्रशासन की चौकसी और श्रद्धालुओं के सहयोग ने एक बड़ा आयोजन बिना किसी अव्यवस्था के संपन्न कराया। श्रावणी मेले में बढ़ती भीड़ के बीच यह समन्वय एक मिसाल पेश करता है
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था को सुरक्षित रखने में हम सबकी जिम्मेदारी

श्रद्धा का पर्व तभी सफल होता है जब भीड़ के बीच भी नियम और संयम बना रहे। अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों और परिवार तक जरूर पहुंचाएं और अपनी राय कॉमेंट में साझा करें।

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