श्रावणी मेला 2026 को लेकर दुमका प्रशासन अलर्ट, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष फोकस

श्रावणी मेला 2026 को लेकर दुमका प्रशासन अलर्ट, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष फोकस

author Saroj Verma
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#दुमका #श्रावणी_मेला : बासुकीनाथ धाम में व्यवस्थाओं को समयसीमा में पूरा करने का निर्देश।

दुमका समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बासुकीनाथ धाम में चल रहे विकास कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रशासन ने शिवगंगा सफाई, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी और आपातकालीन सेवाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश देते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।

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  • उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में श्रावणी मेला 2026 को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित।
  • 15 जून तक शिवगंगा की सफाई पूरी करने का निर्देश दिया गया।
  • मेला क्षेत्र में केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्णय।
  • पंडा समाज और कर्मियों को CPR एवं फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और ट्रैफिक रूट चार्ट पर जोर।
  • प्रशासन ने कहा — श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम व्यवस्था देना सर्वोच्च प्राथमिकता।

राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर दुमका जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दुमका समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में बासुकीनाथ धाम में चल रहे विकास कार्यों, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और यातायात प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। प्रशासन ने साफ किया कि इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बासुकीनाथ धाम में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा

बैठक के दौरान उपायुक्त ने बासुकीनाथ धाम में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण और मरम्मत कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

विशेष रूप से मेला क्षेत्र की सड़क व्यवस्था, पेयजल, बिजली और स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला राज्य का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है और यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा: “श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

15 जून तक शिवगंगा सफाई पूरी करने का निर्देश

बैठक में शिवगंगा की सफाई को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि 15 जून तक शिवगंगा की पूरी सफाई सुनिश्चित की जाए

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस स्थल की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई अभियान चलाने और कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

प्रशासन ने मेला क्षेत्र में अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती और कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क

श्रावणी मेला में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुलिस बल की तैनाती और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीकृत कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।

इसके अलावा आपदा प्रबंधन और फायर सेफ्टी को लेकर भी तैयारी मजबूत करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने कहा: “सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि मेला के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे।”

पंडा समाज और कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मेला क्षेत्र में कार्यरत पंडा समाज और अन्य कर्मियों को CPR और फायर सेफ्टी का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में प्राथमिक उपचार और त्वरित प्रतिक्रिया से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को संयुक्त रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया।

इसके साथ ही एम्बुलेंस सेवा, मेडिकल टीम और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

यातायात व्यवस्था के लिए बनेगा विस्तृत रूट चार्ट

श्रावणी मेला के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना होता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विस्तृत ट्रैफिक रूट चार्ट तैयार करने का निर्णय लिया है।

बैठक में कहा गया कि भारी भीड़ के दौरान वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने, पार्किंग व्यवस्था बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं की पैदल आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएंगे।

इसके अलावा प्रमुख मार्गों पर पुलिस और स्वयंसेवकों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि जाम और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

स्वास्थ्य और आपात सेवाओं पर रहेगा विशेष ध्यान

मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बैठक में दवा उपलब्धता, मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस सेवा की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाएं और मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहें। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष मेडिकल टीम तैयार रखने को कहा गया।

प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या में तत्काल सहायता मिल सके।

समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश

बैठक के अंत में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने सभी विभागों को आपसी समन्वय और समयबद्ध कार्यशैली अपनाने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और व्यवस्था प्रबंधन की बड़ी परीक्षा भी है। ऐसे में हर विभाग को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे तथा तैयारियों को लेकर आवश्यक सुझाव भी दिए गए।

न्यूज़ देखो: आस्था के महापर्व में बेहतर व्यवस्था प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी

श्रावणी मेला हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा आयोजन होता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा समय रहते तैयारियों की समीक्षा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाना सकारात्मक पहल है। शिवगंगा की सफाई, कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य सेवाएं और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देना यह दर्शाता है कि इस बार व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है। अब जरूरी यह है कि सभी निर्देश केवल बैठकों तक सीमित न रहें बल्कि समय पर धरातल पर भी नजर आएं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आस्था के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी

श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिक अनुशासन और सहयोग का भी प्रतीक है। प्रशासन, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं के सामूहिक प्रयास से ही मेला सुरक्षित और सफल बन सकता है।

साफ-सफाई बनाए रखना, यातायात नियमों का पालन करना और सुरक्षा निर्देशों का सहयोग करना हर श्रद्धालु की जिम्मेदारी है। छोटी-छोटी सावधानियां बड़े हादसों को रोक सकती हैं।

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Written by

दुमका/देवघर

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