News dekho specials
Garhwa

गढ़वा में धान खरीद पर उठा बड़ा सवाल, किसानों ने अनियमितताओं के खिलाफ डीएसओ को दी अंतिम चेतावनी

#गढ़वा #धान_खरीद : किसानों ने कथित गड़बड़ियों पर प्रशासन को सौंपी चेतावनी।

गढ़वा जिले में धान खरीद प्रक्रिया को लेकर किसानों का असंतोष तेज हो गया है। 10 फरवरी 2026 को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी से मिलकर कथित अनियमितताओं की शिकायत की। किसानों ने अतिरिक्त धान कटौती और रसीद नहीं मिलने का आरोप लगाया है। प्रशासन को दो दिनों के भीतर पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की चेतावनी दी गई है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • 10 फरवरी 2026 को प्रतिनिधिमंडल ने डीएसओ देवानंद से की मुलाकात।
  • नेतृत्व किया पंकज कुमार यादव, जिला सचिव, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा।
  • प्रति 100 किलो पर 5–6 किलो अतिरिक्त धान लेने का आरोप।
  • 40–50 दिन बाद भी किसानों को रसीद नहीं मिलने की शिकायत।
  • दो दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन की चेतावनी।

गढ़वा जिले में धान खरीद प्रक्रिया को लेकर किसानों का आक्रोश अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गया है। 10 फरवरी 2026 को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा, गढ़वा के जिला सचिव पंकज कुमार यादव के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद से मिला। इस दौरान किसानों ने धान क्रय केंद्रों पर कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और त्वरित कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से बिशुनपुरा प्रखंड के सारांग पैक्स सहित जिले के अन्य प्रखंडों में धान खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।

अतिरिक्त धान कटौती का आरोप

किसानों ने आरोप लगाया कि धान क्रय के दौरान प्रति 100 किलो पर लगभग 5 से 6 किलो अतिरिक्त धान लिया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल किसानों का कहना था कि इस तरह की कटौती से उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

जिला सचिव पंकज कुमार यादव ने कहा:

“यदि दो दिनों के भीतर वास्तविक किसानों से पारदर्शी तरीके से धान खरीद सुनिश्चित नहीं की गई, तो राज्यपाल सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाएगी और जिला स्तर पर जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।”

किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बावजूद यदि वजन में अतिरिक्त कटौती की जाती है तो इसका असर उनकी आय पर पड़ता है।

News dekho specials

रसीद नहीं मिलने से भुगतान अटका

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि धान जमा किए हुए 40 से 50 दिन बीत जाने के बाद भी किसानों को रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई है।

रसीद नहीं मिलने के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। किसानों के अनुसार, भुगतान में देरी से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि खेती के अगले चक्र के लिए उन्हें तत्काल धन की आवश्यकता होती है।

मिलीभगत का आरोप

किसानों ने धान खरीद प्रक्रिया में पैक्स अध्यक्ष, समिति के कुछ सदस्यों और कथित दलालों की मिलीभगत का आरोप लगाया।

उनका कहना है कि सारांग पैक्स से जुड़े कुछ लोग बिशुनपुरा प्रखंड के निवासी नहीं हैं, फिर भी वे खरीद प्रक्रिया में शामिल हैं। इस संबंध में पूर्व में भी आवेदन दिया गया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई।

मुलाकात के दौरान अनिल कुमार यादव, विजय यादव, अमरेन्द्र उपाध्याय, नंदू यादव, जितेंद्र, राहुल सिंह, अंबिका यादव, कंचन कुमार और पंकज कुशवाहा सहित कई किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में पारदर्शी और निष्पक्ष धान खरीद व्यवस्था की मांग की।

प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर

किसानों का कहना है कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी संबंधित पदाधिकारी सक्रिय नहीं हुए हैं। इससे उनका आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस निर्णय लिया जाता है।

न्यूज़ देखो: समर्थन मूल्य की व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी

धान खरीद प्रक्रिया किसानों की आय और कृषि अर्थव्यवस्था से सीधा जुड़ा विषय है। यदि वजन कटौती और रसीद वितरण में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो यह व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़े करता है। प्रशासन के लिए आवश्यक है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करे। पारदर्शिता और समय पर भुगतान ही किसानों का भरोसा मजबूत कर सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

किसान की मेहनत का पूरा हक मिले

अन्नदाता की मेहनत पर किसी भी तरह की अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए।
समर्थन मूल्य की व्यवस्था तभी सार्थक है जब प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो।
किसानों की आवाज को सुनना और समाधान देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सजग रहें, तथ्य जानें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें।

यदि आप भी इस मुद्दे से जुड़े हैं या आपके पास तथ्यात्मक जानकारी है, तो अपनी राय कमेंट में साझा करें। खबर को आगे बढ़ाएं ताकि जिम्मेदार संवाद मजबूत हो और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Shashi Bhushan Mehta

डंडई, गढ़वा

Related News

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: