
#पलामू #महिला_सशक्तिकरण : ग्रासिम सीएसआर केंद्र बिशुनपुर में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश।
पलामू जिले के विश्रामपुर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड रेहला के सीएसआर प्रशिक्षण केंद्र बिशुनपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इकाई प्रमुख हितेंद्र अवस्थी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं और कंपनी की महिला कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
- ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड रेहला के सीएसआर केंद्र बिशुनपुर में आयोजित हुआ कार्यक्रम।
- मुख्य अतिथि इकाई प्रमुख हितेंद्र अवस्थी ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर दिया जोर।
- कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं और कंपनी की महिला कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन से जुड़ी योजनाओं की दी गई जानकारी।
- कार्यक्रम के अंत में महिलाओं के बीच हाइजीन किट का वितरण किया गया।
पलामू जिले के विश्रामपुर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड रेहला के सीएसआर प्रशिक्षण केंद्र बिशुनपुर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और जागरूकता के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में आसपास के गांवों की महिलाओं के साथ-साथ ग्रासिम इंडस्ट्रीज में कार्यरत महिला कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपने जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार शिक्षा, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर वे जीवन की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। इन अनुभवों ने उपस्थित महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
इकाई प्रमुख हितेंद्र अवस्थी ने दिया सशक्तिकरण का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड रेहला के इकाई प्रमुख हितेंद्र अवस्थी ने अपने संबोधन में महिलाओं के सशक्तिकरण को समाज के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इकाई प्रमुख हितेंद्र अवस्थी ने कहा: “महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज के समग्र विकास की आधारशिला है। ग्रासिम का सदैव यह प्रयास रहा है कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जाए।”
उन्होंने कहा कि चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो, स्वास्थ्य हो या आर्थिक स्वावलंबन, हर क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए संस्थान लगातार प्रयास कर रहा है।
सीएसआर के माध्यम से कई योजनाएं संचालित
कार्यक्रम के दौरान ग्रासिम द्वारा सीएसआर के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सीएसआर के अंतर्गत शिक्षा के क्षेत्र में ग्रासिम स्कॉलरशिप और डिजिटल एजुकेशन, स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष महिला स्वास्थ्य शिविर और उपचार, तथा आर्थिक स्वावलंबन के लिए सिलाई-कटाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
इसके अलावा उद्यमी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दीदी की दुकान योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने का भी कार्य किया जा रहा है।
शिक्षा को बताया सबसे महत्वपूर्ण साधन
कार्यक्रम के दौरान विभागाध्यक्ष कर्मचारी संबंध श्रीमती निमिषा सिंह ने महिलाओं को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया।
श्रीमती निमिषा सिंह ने कहा: “जीवन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने की सबसे प्रभावी कुंजी शिक्षा है। यदि महिलाएं शिक्षित होंगी तो वे न केवल स्वयं सशक्त बनेंगी बल्कि अपने परिवार और समाज को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”
उन्होंने महिलाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और अपने बच्चों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की अपील की।
महिला कर्मचारियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में ग्रासिम की महिला कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार मेहनत और समर्पण से महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।
इस अवसर पर इशमीत कौर, प्रांजलि तिवारी, मानसी शर्मा, रुबीना लकड़ा, डॉली कुमारी, श्रेया सिंह, कीर्ति मिश्रा, प्रियंका कुमारी, पूजा सिंह, रागिनी वर्मा और सावनी शुक्ला ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महिलाओं को प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन सीएसआर अधिकारी अनिल गिरि और मानव संसाधन अधिकारी अभय द्विवेदी ने संयुक्त रूप से किया।
हाइजीन किट का किया गया वितरण
कार्यक्रम के अंत में आसपास के गांवों से आई महिलाओं के बीच हाइजीन किट का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
ग्रामीण महिलाओं ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें नई जानकारी और प्रेरणा प्रदान करते हैं।

न्यूज़ देखो: सामाजिक विकास में कॉर्पोरेट जिम्मेदारी की अहम भूमिका
विश्रामपुर में आयोजित यह कार्यक्रम दर्शाता है कि यदि उद्योग और समाज मिलकर काम करें तो सामाजिक विकास की दिशा में सकारात्मक बदलाव संभव है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसर प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। ग्रासिम द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल माने जा सकते हैं। अब जरूरत है कि ऐसे प्रयासों का दायरा और व्यापक हो ताकि अधिक से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब महिलाएं मजबूत बनती हैं तो समाज भी मजबूत बनता है
किसी भी समाज की प्रगति का वास्तविक पैमाना वहां की महिलाओं की स्थिति से तय होता है। यदि महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी हों तो पूरा समाज विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ता है।
आज जरूरत है कि हर परिवार और हर संस्था महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे। शिक्षा, कौशल और अवसर के माध्यम से महिलाएं न केवल अपने जीवन को बल्कि पूरे समाज को बदलने की क्षमता रखती हैं।
आइए हम सभी मिलकर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक कदम उठाएं।
सजग बनें, समानता का समर्थन करें और महिलाओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों में भागीदार बनें। अपनी राय कमेंट में लिखें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और जागरूक समाज के निर्माण में योगदान दें।






