
#देवघर #सरस्वती_पूजा : ओपी प्रभारी की अध्यक्षता में शांतिपूर्ण आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा।
देवघर जिले के पत्थरड्डा ओपी परिसर में सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ओपी प्रभारी शामू बांडो ने की, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, पूजा समिति के सदस्य और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए। बैठक में विधि व्यवस्था बनाए रखने, असामाजिक तत्वों पर नजर रखने और आपसी समन्वय से पर्व मनाने पर जोर दिया गया। सरस्वती पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
- पत्थरड्डा ओपी परिसर में आयोजित हुई शांति समिति की बैठक।
- ओपी प्रभारी शामू बांडो ने की बैठक की अध्यक्षता।
- सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर जोर।
- असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश।
- पूजा समितियों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील।
देवघर जिले में सरस्वती पूजा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में पत्थरड्डा ओपी परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रशासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया।
शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए ओपी प्रभारी शामू बांडो ने कहा कि सरस्वती पूजा ज्ञान, सद्भाव और संस्कार का पर्व है, जिसे सभी को मिल-जुलकर शांतिपूर्ण माहौल में मनाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अफवाह, हुड़दंग या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पूजा समितियों से आग्रह किया कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
विधि व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा
बैठक में विधि व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। पूजा पंडालों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और रात्रि गश्ती को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
ओपी प्रभारी ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जाएगी और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पूजा समितियों की भूमिका पर प्रकाश
बैठक में मौजूद पूजा समिति के सदस्यों से अपील की गई कि वे आयोजन के दौरान अनुशासन बनाए रखें और स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करें। पंडालों में निर्धारित समय सीमा के भीतर पूजा-अर्चना, विसर्जन और अन्य गतिविधियां संपन्न कराने पर सहमति बनी।
साथ ही यह भी कहा गया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए, ताकि किसी को असुविधा न हो।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की सहभागिता
बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का समर्थन किया और प्रशासन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
गणमान्य लोगों ने कहा कि पर्व के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए समाज को सजग और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी।
आपसी समन्वय से ही सफल होगा पर्व
बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रशासन, पूजा समिति और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय से ही त्योहार को सफल बनाया जा सकता है। किसी भी प्रकार की समस्या या विवाद की स्थिति में संवाद के माध्यम से समाधान निकालने पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने यह भरोसा दिलाया कि पुलिस बल पूरी तरह सतर्क रहेगा और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़ देखो: पर्व और शांति का संतुलन जरूरी
पत्थरड्डा ओपी में आयोजित यह शांति समिति की बैठक बताती है कि प्रशासन सरस्वती पूजा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। समय रहते की गई ऐसी बैठकें न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करती हैं, बल्कि समाज में विश्वास भी पैदा करती हैं। अब यह जिम्मेदारी समाज और पूजा समितियों की भी है कि वे प्रशासन के साथ सहयोग कर पर्व को शांतिपूर्ण बनाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सौहार्द से ही त्योहार की सच्ची सुंदरता
सरस्वती पूजा ज्ञान और संस्कार का प्रतीक है, जिसे शांति और आपसी सम्मान के साथ मनाया जाना चाहिए। जब प्रशासन और समाज मिलकर जिम्मेदारी निभाते हैं, तब ही पर्व का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है।
आप भी अपने आसपास शांति और सौहार्द बनाए रखने में योगदान दें और किसी भी अफवाह या अव्यवस्था से दूर रहें।
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