
#देवघर #जनता_दरबार : अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में समस्याओं पर त्वरित समाधान के स्पष्ट निर्देश।
देवघर समाहरणालय सभागार में जिलावासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जनता दरबार का आयोजन किया गया। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर आयोजित इस जनता दरबार की अध्यक्षता अपर समाहर्ता हीरा कुमार ने की। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे, जिन्होंने विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं रखीं। अपर समाहर्ता ने सभी मामलों में एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देते हुए त्वरित निष्पादन पर जोर दिया।
- समाहरणालय सभागार, देवघर में आयोजित हुआ जनता दरबार।
- अपर समाहर्ता हीरा कुमार ने की जनता दरबार की अध्यक्षता।
- उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर हुआ आयोजन।
- भू अर्जन, मुआवजा, पेंशन, आवास सहित कई मुद्दों पर सुनवाई।
- सभी विभागों को एक सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का आदेश।
- जिला जन शिकायत कोषांग सहित सभी विभागों के अधिकारी रहे मौजूद।
देवघर जिले में जनसमस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता एक बार फिर देखने को मिली। समाहरणालय सभागार में आयोजित जनता दरबार में सुबह से ही फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन के समक्ष रखा। जनता दरबार का उद्देश्य शिकायतों को लंबित रखने के बजाय मौके पर ही सुनवाई कर त्वरित समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना रहा।
डीसी के निर्देश पर आयोजित हुआ जनता दरबार
यह जनता दरबार उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश पर आयोजित किया गया, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर समाहर्ता हीरा कुमार ने की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समस्याओं के वास्तविक समाधान का माध्यम है। इसी उद्देश्य से जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी और कर्मी जनता दरबार में उपस्थित रहे।
एक-एक फरियादी की सुनी गई समस्या
जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों ने भू अर्जन और मुआवजा भुगतान, अनुकंपा नियुक्ति, बिजली बिल माफी, झारखंड मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना, फसल बीमा योजना, भू राजस्व, पेंशन और आवास से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया।
अपर समाहर्ता ने एक-एक कर सभी फरियादियों की बातें गंभीरता से सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
विभागों को भौतिक जांच और शीघ्र निष्पादन के निर्देश
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कई आवेदन और शिकायतें प्राप्त हुईं। अपर समाहर्ता ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आवेदनों की भौतिक जांच कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
एक सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का आदेश
जनता दरबार की सबसे अहम बात यह रही कि अपर समाहर्ता हीरा कुमार ने सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को सौंपने का आदेश दिया।
इसका उद्देश्य शिकायतों के निष्पादन की नियमित निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि जनता दरबार में दिए गए आश्वासन कागजों तक सीमित न रह जाएं।
जिला जन शिकायत कोषांग की भूमिका
जनता दरबार में जिला जन शिकायत कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी ओम प्रियदर्शी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
जन शिकायत कोषांग के माध्यम से शिकायतों को दर्ज कर उनके समाधान की प्रक्रिया को ट्रैक करने पर भी जोर दिया गया, ताकि फरियादियों को समय पर जानकारी मिल सके।
फरियादियों में दिखी उम्मीद
जनता दरबार के आयोजन से फरियादियों में एक नई उम्मीद नजर आई। लोगों का कहना था कि सीधे अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने से उन्हें राहत महसूस हुई है।
कई फरियादियों ने उम्मीद जताई कि इस बार समस्याओं का समाधान वास्तव में धरातल पर उतरेगा और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
न्यूज़ देखो: समयसीमा तय होना सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत
देवघर में आयोजित जनता दरबार यह दर्शाता है कि प्रशासन अब शिकायतों को लेकर गंभीर है। एक सप्ताह की स्पष्ट समयसीमा तय करना जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम है। अब असली परीक्षा यह होगी कि कितनी शिकायतों का समाधान तय समय में होता है। जनता दरबार तभी सार्थक होगा जब निर्देशों का असर जमीन पर दिखे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जवाबदेही से ही मजबूत होता है जनविश्वास
जब प्रशासन समयबद्ध समाधान का भरोसा देता है, तभी जनता का विश्वास मजबूत होता है। जनता दरबार जैसे मंच आम नागरिकों को अपनी आवाज उठाने का अवसर देते हैं।
आप भी अपनी समस्या को सही मंच पर रखें और समाधान की प्रक्रिया पर नजर बनाए रखें।
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