
#देवघर #सरस्वती_पूजा : प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण आयोजन पर सहमति बनी।
देवघर जिले के सारठ थाना क्षेत्र में सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शांति समिति के सदस्यों ने भाग लिया। पूजा के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध, अश्लील गीतों पर रोक और विसर्जन को अनुशासित ढंग से कराने पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन ने असामाजिक तत्वों पर सख्त निगरानी रखने की बात दोहराई।
- सारठ थाना परिसर में आयोजित हुई शांति समिति की बैठक।
- सारठ विधायक उदय शंकर सिंह सहित प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति।
- डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध और अश्लील गीत–नृत्य पर रोक का निर्देश।
- अंचलाधिकारी कृष्णचन्द सिंह मुंडा ने सुरक्षा व्यवस्था पर दिया जोर।
- विसर्जन शांतिपूर्ण माहौल में कराने की अपील।
- असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रखने के निर्देश।
देवघर जिले में सरस्वती पूजा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को सारठ थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूजा को शांतिपूर्ण और मर्यादित ढंग से मनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज के बीच समन्वय स्थापित कर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचना रहा।
जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, अंचलाधिकारी कृष्णचन्द सिंह मुंडा, प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन कुमार सिंह, पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी सारठ रंजीत लकड़ा और थाना प्रभारी दीपक शाह की उपस्थिति रही।
इनके अलावा शांति समिति के सदस्य और क्षेत्र के गणमान्य लोग भी बैठक में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में पूजा को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
डीजे और अश्लील गीतों पर सख्त प्रतिबंध
बैठक में अंचलाधिकारी कृष्णचन्द सिंह मुंडा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरस्वती पूजा के दौरान डीजे का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि पूजा पंडालों में किसी भी प्रकार के अश्लील गीत या नृत्य की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पूजा धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा पर्व है, इसलिए इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
विसर्जन को लेकर विशेष निर्देश
अंचलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में किया जाना आवश्यक है। विसर्जन के दौरान किसी भी तरह का हुड़दंग या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया गया कि तय मार्ग और समय का पालन करना सभी पूजा समितियों के लिए अनिवार्य होगा।
असामाजिक तत्वों पर रहेगी पैनी नजर
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पूजा के दौरान किसी भी असामाजिक तत्व पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी रंजीत लकड़ा और थाना प्रभारी दीपक शाह ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का हंगामा, अफवाह फैलाने या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूजा समितियों से सहयोग की अपील
प्रशासनिक अधिकारियों ने पूजा समितियों से अपील की कि वे स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करें और किसी भी समस्या की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदन कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन और समाज के आपसी सहयोग से ही पर्व को सफल और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
सौहार्द और अनुशासन का संदेश
बैठक के दौरान सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सरस्वती पूजा ज्ञान, संस्कृति और सद्भाव का पर्व है। इसे किसी भी प्रकार के दिखावे या अव्यवस्था से दूर रखते हुए शांतिपूर्ण ढंग से मनाना चाहिए।
शांति समिति के सदस्यों ने भी प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
न्यूज़ देखो: नियमों के साथ उत्सव ही सही संदेश
सारठ थाना में हुई यह शांति समिति की बैठक बताती है कि प्रशासन सरस्वती पूजा को लेकर पहले से ही सतर्क है। डीजे पर प्रतिबंध और अश्लीलता पर रोक जैसे फैसले पर्व की गरिमा बनाए रखने की दिशा में अहम हैं। अब यह समाज और पूजा समितियों की जिम्मेदारी है कि वे इन निर्देशों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शांति और मर्यादा से ही पर्व की असली पहचान
त्योहार तभी आनंद देते हैं जब वे शांति और आपसी सम्मान के साथ मनाए जाएं। सरस्वती पूजा ज्ञान और संस्कार का प्रतीक है, जिसे अनुशासन के साथ मनाना हम सभी का कर्तव्य है।
आप भी अपने आसपास शांति बनाए रखने में योगदान दें और किसी भी अफवाह या अव्यवस्था से दूर रहें।
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