सलैया रेलवे स्टेशन रोड की बदहाली पर भड़के लोग, राजेश सिन्हा ने आंदोलन की चेतावनी दी

सलैया रेलवे स्टेशन रोड की बदहाली पर भड़के लोग, राजेश सिन्हा ने आंदोलन की चेतावनी दी

author Surendra Verma
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#गिरिडीह #सड़क_समस्या : सलैया स्टेशन रोड जर्जर—जनता परेशान, एक सप्ताह में समाधान नहीं तो आंदोलन।

गिरिडीह के सलैया रेलवे स्टेशन के समीप स्थित जर्जर सड़क को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सामाजिक प्रतिनिधि राजेश सिन्हा ने बैठक कर सड़क की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में विभिन्न प्रतिनिधियों और युवाओं ने सड़क के कारण हो रही परेशानियों को साझा किया। एक सप्ताह में सुधार नहीं होने पर बड़े स्तर पर आंदोलन करने की बात कही गई।

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  • सलैया रेलवे स्टेशन रोड वर्षों से जर्जर, आवागमन मुश्किल।
  • स्कूल बस, ऑटो, बाइक सहित सभी वाहनों को हो रही परेशानी।
  • राजेश सिन्हा ने सड़क पर आंदोलन की चेतावनी दी।
  • बैठक में कई स्थानीय प्रतिनिधि व युवा शामिल हुए।
  • एक सप्ताह में सुधार नहीं होने पर बड़ा आंदोलन की तैयारी।
  • सांसदों व रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन देने की योजना।

गिरिडीह के सलैया रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे रोड की जर्जर स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। वर्षों से खराब पड़ी इस सड़क के कारण छोटे-बड़े वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सामाजिक प्रतिनिधि राजेश सिन्हा के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क की समस्या और इसके समाधान को लेकर चर्चा की गई।

सड़क की बदहाली से जनजीवन प्रभावित

सलैया स्टेशन के पास की यह सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि उस पर वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी कठिन हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर स्कूल बस, ऑटो, टोटो, बाइक और अन्य वाहनों का संचालन प्रभावित हो रहा है।

राजेश सिन्हा ने कहा: “जब इस सड़क पर जानवर भी नहीं चल सकते हैं, तो जनता को क्यों चलने के लिए मजबूर किया जा रहा है?”

उन्होंने इस समस्या को गंभीर बताते हुए जल्द समाधान की मांग की।

बैठक में बनी आंदोलन की रणनीति

पूर्व सूचना के आधार पर आयोजित इस बैठक में कई सामाजिक प्रतिनिधि और युवा शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुखिया ठाकुर दास ने की। बैठक में प्रमोद कंधवे, पंचायत सचिव अविनाश कुमार, रवि प्रकाश, तुलसी राणा, आयुष, सुंदर पांडेय सहित अन्य लोगों ने अपनी-अपनी बात रखी।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

ठाकुर दास ने कहा: “एक सप्ताह तक स्थिति का इंतजार किया जाएगा, इसके बाद ठोस कदम उठाया जाएगा।”

युवाओं और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

बैठक में उपस्थित युवाओं और ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

सुंदर पांडेय और अविनाश कुमार ने कहा: “लोग परेशान हैं, लेकिन उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।”

वहीं रवि प्रकाश और आयुष ने कहा कि सड़क खराब होने के कारण अब कई यात्री सलैया स्टेशन की बजाय न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन पर उतरने लगे हैं, जिससे स्थानीय क्षेत्र का नुकसान हो रहा है।

रेलवे और जनप्रतिनिधियों पर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क रेलवे के अधीन आती है, लेकिन रेलवे अधिकारी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई बार आवाज उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

राजेश सिन्हा ने बताया कि इस मामले को लेकर सांसद प्रतिनिधि गुड्डू यादव से भी फोन पर बात की गई है और जल्द ही सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही कोडरमा लोकसभा क्षेत्र की सांसद और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी को भी आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया जाएगा।

राजेश सिन्हा ने कहा: “यदि स्थानीय प्रतिनिधि सक्रिय रहते, तो जनता को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।”

बड़े आंदोलन की चेतावनी

राजेश सिन्हा ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो सैकड़ों लोग पुराना जमुआ मार्ग से पैदल मार्च करेंगे और जोरदार आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के जरिए ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जाएगा।

उन्होंने लोगों से आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील की और कहा कि अब समय आ गया है कि जनता अपनी आवाज बुलंद करे।

बैठक में मौजूद लोग

इस बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और युवा उपस्थित थे। इनमें प्रमुख रूप से राजेश राणा, महेंद्र राणा, सत्यम तरवे, विवेक भदानी, सिद्धार्थ कंधवे, अभिषेक कुमार, सनूप कुमार, दीपक पांडेय, साकेभ राम, कन्हैया खेतान, अभय कंधवे, बिट्टू कुमार, मिट्ठू कुमार, कुलदीप कुमार सहित अन्य लोग शामिल हुए।

न्यूज़ देखो: जर्जर सड़क पर कब जागेगा सिस्टम

सलैया रेलवे स्टेशन रोड की बदहाली यह दिखाती है कि बुनियादी सुविधाओं को लेकर अब भी प्रशासनिक उदासीनता बनी हुई है। वर्षों से खराब सड़क पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो यह मुद्दा बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए यह जरूरी है कि वे जल्द संज्ञान लेकर समस्या का समाधान करें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अब वक्त है आवाज उठाने का

जब बुनियादी सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिलतीं, तो समाज को खुद आगे आकर बदलाव की पहल करनी पड़ती है। सलैया की सड़क केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि हजारों लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है।

आप भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज न करें, बल्कि उनके समाधान के लिए आवाज उठाएं। जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज की पहचान होते हैं।
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Written by

डुमरी, गिरिडीह

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