#सिमडेगा #पर्यावरण_संरक्षण : विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर हरित भविष्य का संदेश दिया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सिमडेगा जिले के लचरागढ़ स्थित विवेकानंद शिशु/विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रीहरि वनवासी विकास समिति, झारखंड द्वारा संचालित विद्यालय में सामाजिक वानिकी विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति में 51 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति संवर्धन और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करना था। आयोजन के दौरान सभी ने पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया।
- लचरागढ़ स्थित विवेकानंद शिशु/विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित।
- विद्यालय परिसर में 51 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
- प्रमंडल पदाधिकारी अमरनाथ भगत ने विद्यार्थियों को ‘माँ के नाम एक पेड़’ लगाने का आह्वान किया।
- अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पौधों पर रक्षा सूत्र बांधकर संरक्षण का संकल्प लिया।
- विद्यालय परिसर के साथ-साथ देवनंदी तट पर भी पौधारोपण किया गया।
- कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं विद्यालय परिवार की सक्रिय भागीदारी रही।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सिमडेगा जिले के लचरागढ़ स्थित विवेकानंद शिशु/विद्या मंदिर उच्च विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रीहरि वनवासी विकास समिति, झारखंड द्वारा संचालित इस विद्यालय में वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सामाजिक वानिकी विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय गणमान्य लोग शामिल हुए। वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ सामाजिक वानिकी प्रमंडल, सिमडेगा के प्रमंडल पदाधिकारी अमरनाथ भगत, विद्यालय के संरक्षक नंदकिशोर अग्रवाल तथा प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। सभी अतिथियों ने माँ सरस्वती, ऊँ, भारत माता एवं भगवान बिरसा मुंडा के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत से ही विद्यालय परिसर में उत्साह और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने भी पूरे कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं: अमरनाथ भगत
मुख्य अतिथि अमरनाथ भगत ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
अमरनाथ भगत ने कहा, “वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि मानव जीवन के आधार भी हैं। प्रत्येक विद्यार्थी और नागरिक को ‘माँ के नाम एक पेड़’ अवश्य लगाना चाहिए तथा उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि आज लगाया गया एक छोटा पौधा भविष्य में आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
पर्यावरणीय असंतुलन बड़ी चुनौती: नंदकिशोर अग्रवाल
विद्यालय के संरक्षक नंदकिशोर अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में बढ़ती वन कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन पर चिंता व्यक्त की।
नंदकिशोर अग्रवाल ने कहा, “वर्तमान समय में पर्यावरणीय संकट लगातार बढ़ रहा है। इससे बचने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण और उनके संरक्षण की आवश्यकता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने तथा हरित वातावरण निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय परिसर में लगाए गए 51 पौधे
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में कुल 51 पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण अभियान में अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं वन विभाग के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
विशेष बात यह रही कि सभी उपस्थित लोगों ने पौधों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा और संवर्धन का संकल्प लिया। यह पहल विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी और भावनात्मक जुड़ाव विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।
विद्यालय परिसर के अलावा देवनंदी तट पर भी पौधारोपण किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का दायरा और व्यापक हुआ।
विद्यार्थियों में विकसित हुई पर्यावरणीय चेतना
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरणीय चेतना विकसित करना भी था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि वृक्ष पृथ्वी के संतुलन को बनाए रखने, स्वच्छ वायु प्रदान करने और जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं।
इनकी रही महत्वपूर्ण उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रधान वनरक्षी राजकिशोर सिंह, नितिन होरो, राजीवलोचन साहू, अरविंद तिर्की, प्रभारी बनपाल कुलदीप सिंह, लचरागढ़ पंचायत के मुखिया जिरेन मड़की, कानारोवा पंचायत की मुखिया मैन्सिलीना तिर्की सहित विद्यालय परिवार के सभी आचार्य, आचार्याएं एवं भैया-बहन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन आचार्य प्रमोद पाणिग्राही ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य राजेंद्र साहू ने किया।
सामूहिक संकल्प के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षों की सुरक्षा और हरित वातावरण निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने यह भी सुनिश्चित करने का वादा किया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी ताकि वे भविष्य में बड़े वृक्ष बनकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।

न्यूज़ देखो: पौधारोपण के साथ संरक्षण का संकल्प भी जरूरी
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिक वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरणीय जिम्मेदारी का संदेश देने में सफल रहा। पौधों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लेना इस आयोजन की विशेषता रही। आज जरूरत केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित करने की भी है। यदि ऐसे प्रयास लगातार जारी रहें, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एक पौधा आज, सुरक्षित भविष्य कल
प्रकृति हमें जीवन देती है, इसलिए उसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
एक पौधा लगाने से अधिक महत्वपूर्ण है उसकी देखभाल करना और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना।
यदि प्रत्येक विद्यार्थी और नागरिक हर वर्ष एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान काफी हद तक संभव है।
आइए, हम सभी मिलकर हरित और स्वच्छ भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
आपने इस वर्ष कितने पौधे लगाए? अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और पर्यावरण संरक्षण के इस जनअभियान का हिस्सा बनें।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).