धमधमिया-करकटा जंगल में अवैध कोयला उत्खनन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 18 टन कोयला जब्त

धमधमिया-करकटा जंगल में अवैध कोयला उत्खनन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 18 टन कोयला जब्त

author Jitendra Giri
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#खलारी #अवैध_खनन : जंगल क्षेत्र में चल रहे अवैध उत्खनन पर पुलिस का शिकंजा—खदानें बंद।

रांची जिले के खलारी क्षेत्र अंतर्गत धमधमिया और करकटा जंगल में अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मैकलुस्कीगंज पुलिस ने छापेमारी कर करीब 18 टन कोयला जब्त किया और अवैध खदानों को बंद कराया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई से अवैध खनन में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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  • धमधमिया-करकटा जंगल क्षेत्र में पुलिस की छापेमारी।
  • करीब 18 टन अवैध कोयला जब्त किया गया।
  • मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी धन्नजय बैठा के नेतृत्व में कार्रवाई।
  • जेसीबी से अवैध खदानों को डोजरिंग कर बंद कराया गया।
  • अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी।

रांची जिले के खलारी क्षेत्र में अवैध कोयला उत्खनन के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। धमधमिया और करकटा जंगल क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन के खिलाफ सोमवार को मैकलुस्कीगंज पुलिस ने छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की, जिससे इस अवैध कारोबार में लगे लोगों के बीच हड़कंप मच गया।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी धन्नजय बैठा ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि धमधमिया और करकटा जंगल क्षेत्र में गढ़हा खोदकर अवैध रूप से कोयले की निकासी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

उन्होंने कहा:

“सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी की और अवैध रूप से संचालित खदानों को चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई की गई।”

जेसीबी से अवैध खदानों को किया बंद

पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बनाए गए गढ़हा (छोटे खदान) को चिन्हित किया और जेसीबी मशीन की मदद से उन्हें डोजरिंग कर पूरी तरह बंद करा दिया।

यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जंगल क्षेत्र में अवैध खनन न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण और वन संपदा के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

18 टन कोयला जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने दरहापत्रा खदान के समीप भारी मात्रा में जमा अवैध कोयले को जब्त किया। कुल मिलाकर करीब 18 टन कोयला बरामद किया गया, जिसे जब्त कर थाना लाया गया।

पुलिस के अनुसार, यह कोयला अवैध उत्खनन के जरिए जमा किया गया था और इसे आगे बेचने की तैयारी थी।

आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

थाना प्रभारी ने बताया कि इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। फिलहाल अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई जारी है।

उन्होंने कहा:

“अवैध उत्खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सभी दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

स्थानीय लोगों ने की कार्रवाई की सराहना

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध खनन का काम चल रहा था, जिससे पर्यावरण और सुरक्षा दोनों पर खतरा बना हुआ था।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की कार्रवाई नियमित रूप से की जाए, ताकि अवैध उत्खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

न्यूज़ देखो: अवैध खनन पर कड़ा प्रहार, लेकिन निगरानी जरूरी

धमधमिया-करकटा क्षेत्र में पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ गंभीर है। 18 टन कोयले की जब्ती और खदानों को बंद कराना एक बड़ी सफलता है, लेकिन सवाल यह है कि यह अवैध कारोबार इतने लंबे समय से कैसे चल रहा था? क्या स्थानीय स्तर पर निगरानी में कमी रही? अब जरूरी है कि नियमित मॉनिटरिंग और सख्ती से ऐसी गतिविधियों पर स्थायी रोक लगाई जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अब जिम्मेदारी हमारी भी है, अवैध कार्यों के खिलाफ आवाज उठाएं

प्राकृतिक संसाधन देश की संपत्ति हैं और इनकी रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।
अवैध खनन जैसे कार्य न सिर्फ कानून तोड़ते हैं, बल्कि भविष्य को भी खतरे में डालते हैं।

यदि आपके आसपास भी ऐसी गतिविधियां हो रही हैं, तो चुप न रहें—आवाज उठाएं और प्रशासन को सूचित करें।

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Written by

खलारी, रांची

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