#गढ़वा #सामाजिक_सेवा : साप्ताहिक भंडारे से जरूरतमंदों तक पहुंच रहा भोजन और सेवा का संदेश।
गढ़वा शहर में सोशल वर्कर संस्था द्वारा आयोजित साप्ताहिक भंडारा लगातार 124वें सप्ताह भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। रंका मोड़ स्थित संकट मोचन मंदिर के पास आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में सैकड़ों जरूरतमंदों को भोजन कराया गया। कार्यक्रम विशेष रूप से पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें कई गणमान्य लोग शामिल हुए। यह पहल शहर में सेवा और अन्नदान की मिसाल बनती जा रही है।
- गढ़वा के रंका मोड़ स्थित संकट मोचन मंदिर के पास भंडारा आयोजित।
- 124वें सप्ताह भी सैकड़ों जरूरतमंदों को कराया गया भोजन।
- महेंद्र केशरी, आनंद केशरी, लखन केशरी सहित कई अतिथि शामिल।
- स्व. सरस्वती देवी की 18वीं एवं स्व. शैलेश गौरव की 5वीं पुण्यतिथि पर आयोजन।
- पूड़ी, सब्जी, बूंदी, रसगुल्ला और फल का वितरण किया गया।
गढ़वा शहर में सामाजिक सेवा की मिसाल बन चुकी सोशल वर्कर संस्था द्वारा हर सप्ताह आयोजित किया जाने वाला भंडारा एक बार फिर मानवता और सेवा भाव का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। रंका मोड़ स्थित संकट मोचन मंदिर के समीप आयोजित इस साप्ताहिक भंडारे का 124वां सप्ताह भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों जरूरतमंदों ने भोजन ग्रहण किया।
पुण्यतिथि पर सेवा का आयोजन
इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महेंद्र केशरी, आनंद केशरी, लखन केशरी, विशाल केशरी (टिंकू केशरी), उत्कर्ष केशरी और पवन केशरी उपस्थित रहे। यह भंडारा स्वर्गीय सरस्वती देवी की 18वीं पुण्यतिथि और स्वर्गीय शैलेश गौरव की 5वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया।
इस दौरान श्रद्धांजलि स्वरूप जरूरतमंदों के बीच पूड़ी, सब्जी, बूंदी, रसगुल्ला और फल का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पंक्ति में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।
सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म
मुख्य अतिथि लखन केशरी ने कहा:
“हमारे परिवार द्वारा पहले भी इस संस्था के माध्यम से भंडारा कराया गया है। गढ़वा में इतने लंबे समय से लगातार चल रही यह सेवा अत्यंत प्रेरणादायक है। यहां आकर महसूस हुआ कि वास्तव में जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाना सबसे बड़ी सेवा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि बड़े शहरों और तीर्थ स्थलों पर लंगर की व्यवस्था आम है, लेकिन गढ़वा में इस तरह हर सप्ताह निरंतर सेवा कार्य होना सराहनीय पहल है।
सैकड़ों जरूरतमंदों को मिल रहा लाभ
इस आयोजन के दौरान सैकड़ों जरूरतमंद लोग पंक्ति में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। सभी को सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया, जिससे उनके चेहरे पर संतोष और खुशी झलक रही थी।
लोगों ने कहा कि सप्ताह में एक दिन ही सही, लेकिन यह भंडारा उनके लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आता है।
संस्था का उद्देश्य – बिना भेदभाव सेवा
संस्था के सदस्य शुभम केशरी ने कहा:
“हमारी संस्था की पहचान ही है कि हम बिना किसी भेदभाव के हर सप्ताह लोगों की सेवा करते हैं। आज 124वां सप्ताह पूरा हुआ है और आगे भी यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।”
सक्रिय रही टीम
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के संचालक आकाश केशरी, अनमोल कश्यप, यश गुप्ता, पियूष गुप्ता, विक्की गोंड तथा मीडिया प्रभारी अंशु कश्यप सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।
सभी सदस्यों ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया और सेवा कार्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

न्यूज़ देखो: सेवा की मिसाल बना साप्ताहिक भंडारा
गढ़वा में सोशल वर्कर संस्था का यह प्रयास दिखाता है कि छोटे शहरों में भी बड़े बदलाव संभव हैं। 124 सप्ताह तक लगातार जरूरतमंदों को भोजन कराना केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे प्रयास समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। अब जरूरत है कि और लोग भी इस पहल से जुड़ें और इसे और व्यापक बनाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा से ही बनता है समाज मजबूत, आइए हम भी आगे बढ़ें
जब हम किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं, तो सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे समाज को मजबूती मिलती है।
अन्नदान जैसे कार्य हमें इंसानियत से जोड़ते हैं और जीवन को सार्थक बनाते हैं।
आप भी ऐसे सामाजिक कार्यों में भाग लें, अपने आसपास जरूरतमंदों की मदद करें और सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनें।
अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और सेवा के इस अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग दें।
