#चतरा #अफीम_तस्करी : इटखोरी में पुलिस ने कार्रवाई कर तस्कर को जेल भेजा।
चतरा जिले के इटखोरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध अफीम तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 किलो 28 ग्राम गीला अफीम बरामद किया है। पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से मोबाइल और बेलोनो कार भी जब्त की। एसपी अनिमेश नैथानी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। जब्त अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई जा रही है।
- इटखोरी थाना क्षेत्र के बक्शा पुल के पास पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
- 2 किलो 28 ग्राम गीला अफीम के साथ एक तस्कर गिरफ्तार।
- गिरफ्तार आरोपी विकाश कुमार, निवासी लिपदा गांव, चतरा।
- पुलिस ने आरोपी के पास से रियलमी मोबाइल और सफेद बेलोनो कार भी जब्त की।
- चतरा एसपी अनिमेश नैथानी ने कहा — जिले में तस्करों के लिए कोई जगह नहीं।
- कार्रवाई में डीएसपी अमिता लकड़ा, थाना प्रभारी और सशस्त्र बल की टीम शामिल रही।
चतरा पुलिस ने अवैध अफीम तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए इटखोरी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में गीला अफीम बरामद किया है। पुलिस ने इस दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई जिले में चलाए जा रहे ड्रग-फ्री अभियान के तहत की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आने वाले दिनों में ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
चतरा पुलिस अधीक्षक अनिमेश नैथानी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक चतरा की ओर से सफेद रंग की बेलोनो कार में अवैध अफीम लेकर इटखोरी की ओर जा रहा है। सूचना यह भी थी कि आरोपी अफीम को जिले से बाहर भेजने की तैयारी में था।
सूचना मिलते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। एसपी के निर्देश पर चतरा मुख्यालय डीएसपी अमिता लकड़ा के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
बक्शा पुल के पास पकड़ा गया आरोपी
पुलिस टीम ने इटखोरी थाना क्षेत्र के चतरा रोड स्थित बक्शा पुल के समीप वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान संदिग्ध सफेद बेलोनो कार को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन से 2 किलो 28 ग्राम अर्धगीला भूरा गाढ़ा पदार्थ बरामद हुआ, जिसे जांच में अवैध गीला अफीम पाया गया।
पुलिस ने मौके से आरोपी विकाश कुमार, पिता स्वर्गीय प्रमोद साव, निवासी लिपदा गांव, थाना सदर, जिला चतरा को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन और कार भी जब्त की गई।
एनडीपीएस एक्ट के तहत भेजा गया जेल
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एसपी अनिमेश नैथानी ने कहा: “चतरा जिला अब अफीम तस्करों के लिए सुरक्षित नहीं है। हमारी टीम प्रोफेशनल तरीके से काम कर रही है और लगातार सफलता मिल रही है।”
उन्होंने आगे कहा:
“हम केवल तस्करों को नहीं पकड़ रहे हैं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और आर्थिक स्रोतों को भी ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ड्रग-फ्री चतरा हमारा संकल्प है।”
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 12 लाख कीमत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 12 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब इस मामले में जुड़े अन्य तस्करों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का मानना है कि चतरा और आसपास के इलाकों में अफीम तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है, जिसे खत्म करने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
छापेमारी दल में शामिल रहे ये अधिकारी
इस अभियान में कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छापेमारी दल में शामिल अधिकारियों में:
- डीएसपी अमिता लकड़ा
- इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह
- सब इंस्पेक्टर दुखीराम महतो
- एएसआई पंकज कुमार
- सशस्त्र बल के जवान
शामिल रहे।
जिले में लगातार चल रहा ड्रग-फ्री अभियान
चतरा पुलिस लगातार अवैध अफीम और नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान चला रही है। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने कई तस्करों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में अफीम और अन्य मादक पदार्थ जब्त किए हैं।
प्रशासन का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और जिले को अपराधमुक्त बनाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
न्यूज़ देखो: नशे के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जरूरत
चतरा पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि जिले में सक्रिय नशे के नेटवर्क के खिलाफ मजबूत संदेश है। लगातार बढ़ती अफीम तस्करी समाज और युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। ऐसे में पुलिस का सक्रिय अभियान सराहनीय है, लेकिन केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होगी। जरूरत इस बात की भी है कि तस्करी के पूरे आर्थिक और संगठित नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक समाज ही नशामुक्त भविष्य की सबसे बड़ी ताकत
नशा केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर हमला है। यदि समाज सजग रहेगा, युवाओं को सही दिशा मिलेगी और प्रशासन के साथ आम लोग भी सहयोग करेंगे, तभी ड्रग-फ्री समाज का सपना साकार होगा।
अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्रशासन तक जरूर पहुंचाएं।
युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
अपनी राय कमेंट में साझा करें और खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि समाज जागरूक बने।

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