#गढ़वा #गांजा_तस्करी : मधेया और रंका में छापेमारी कर पुलिस ने नेटवर्क ध्वस्त किया।
गढ़वा पुलिस ने जिले में अवैध गांजा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 6 किलोग्राम गांजा और 72 हजार 597 रुपये नकद बरामद किए हैं। मधेया गांव और रंका थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। मामले में गढ़वा थाना कांड संख्या 324/26 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
- मधेया गांव की किराना दुकान में अवैध गांजा बिक्री का खुलासा।
- पुलिस ने करीब 6 किलोग्राम गांजा और 72,597 रुपये नकद बरामद किए।
- गिरफ्तार आरोपी — चंद्रदेव चौधरी, राजकुमार चौधरी, मनोज कुमार और प्रकाश कुमार।
- कार्रवाई का नेतृत्व एसडीपीओ नीरज कुमार ने किया।
- रंका थाना क्षेत्र से भी पुलिस ने गांजा बरामद कर नेटवर्क का खुलासा किया।
- गढ़वा थाना कांड संख्या 324/26 के तहत मामला दर्ज।
गढ़वा जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मधेया गांव और रंका थाना क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। इस दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक को मिली थी गुप्त सूचना
दिनांक 13 मई 2026 को गढ़वा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर (भा.पु.से.) को सूचना मिली थी कि गढ़वा थाना क्षेत्र के मधेया गांव स्थित एक किराना दुकान में अवैध रूप से गांजा की खरीद-बिक्री की जा रही है।
सूचना मिलते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गढ़वा नीरज कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।
विशेष टीम का हुआ गठन
गठित छापेमारी दल में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल किए गए। टीम में:
- अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नीरज कुमार
- पुलिस उपाधीक्षक चिरंजीव कुमार मंडल
- गढ़वा थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी
- अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल
शामिल रहे।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्धारित स्थान हूर मधेया में छापेमारी शुरू की।
किराना दुकान से 4 किलो गांजा बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने चंद्रदेव चौधरी और राजकुमार चौधरी के घर में संचालित किराना दुकान की तलाशी ली। जांच के दौरान वहां से लगभग 4 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
इसके अलावा पुलिस ने मौके से 72,597 रुपये नकद भी बरामद किए, जिसे अवैध कारोबार से जुड़ी रकम माना जा रहा है।
दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को दी।
रंका से जुड़े नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ के दौरान चंद्रदेव चौधरी और राजकुमार चौधरी ने पुलिस को बताया कि वे रंका थाना क्षेत्र के मनोज कुमार और प्रकाश कुमार से गांजा खरीदकर इलाके में बेचते थे।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रंका क्षेत्र में भी छापेमारी की। मनोज कुमार के घर पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने करीब 2 किलोग्राम गांजा और बरामद किया।

इस कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया और पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में गढ़वा थाना कांड संख्या 324/26 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट के तहत समुचित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि गांजा की सप्लाई कहां से हो रही थी तथा किन-किन क्षेत्रों में इसकी बिक्री की जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा: “जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी हाल में मादक पदार्थों के कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई
गढ़वा पुलिस द्वारा हाल के दिनों में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए यह कार्रवाई बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में किराना दुकानों या छोटे व्यवसायों की आड़ में चल रहे नशे के कारोबार पर सख्त निगरानी आवश्यक है। इससे युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने में मदद मिलेगी।
न्यूज़ देखो: गांवों तक फैलता नशे का जाल गंभीर चिंता
गढ़वा में हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि अब नशे का कारोबार केवल शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांवों तक अपनी जड़ें फैलाने लगा है। किराना दुकानों की आड़ में मादक पदार्थों की बिक्री समाज और युवाओं के भविष्य के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। पुलिस की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर काम करना होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूकता और सहयोग से ही बनेगा नशामुक्त समाज
समाज का हर जिम्मेदार नागरिक यदि नशे के खिलाफ आवाज उठाए, तो अपराधियों के हौसले कमजोर पड़ जाएंगे। युवाओं को सही दिशा देना और नशे के खतरों के प्रति जागरूक करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें।
युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें ताकि समाज जागरूक बने और नशामुक्त भविष्य की दिशा में कदम बढ़े।

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