#सिमडेगा #पशुतस्करी : 227 प्रतिबंधित गोवंशीय पशुओं की बरामदगी मामले में कार्रवाई तेज।
सिमडेगा जिले के बोलबा थाना क्षेत्र में 227 प्रतिबंधित गोवंशीय पशुओं की बरामदगी मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी संगठित पशु तस्करी गिरोह से जुड़ा हुआ है और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले इस मामले में 16 तस्करों की गिरफ्तारी हो चुकी है तथा अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
- बोलबा थाना कांड संख्या-07/2026 में पुलिस को एक और सफलता मिली।
- गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. जियाउद्दीन के रूप में हुई।
- आरोपी को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से गिरफ्तार किया गया।
- मामले में अब तक 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
- पुलिस ने पहले 227 गोवंशीय पशुओं को जंगल क्षेत्र से मुक्त कराया था।
- गिरोह पर पशुओं को अवैध रूप से वधशालाओं तक पहुंचाने का आरोप।
सिमडेगा जिले के बोलबा थाना क्षेत्र अंतर्गत पीडियापोछ जंगल से 227 प्रतिबंधित गोवंशीय पशुओं की बरामदगी मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने इस संगठित पशु तस्करी गिरोह से जुड़े एक और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बोलबा थाना कांड संख्या-07/2026 के तहत लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
ओडिशा से गिरफ्तार हुआ आरोपी
पुलिस ने इस मामले में मो. जियाउद्दीन (39 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पिता का नाम मो. फकरुला बताया गया है। वह ओडिशा राज्य के सुंदरगढ़ जिले के कुतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत खटकुलबहार गांव का निवासी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
संगठित पशु तस्करी गिरोह से जुड़ा है आरोपी
पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित पशु तस्करी गिरोह का सक्रिय सदस्य है। जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह प्रतिबंधित गोवंशीय पशुओं को अवैध रूप से विभिन्न राज्यों के रास्ते वधशालाओं तक पहुंचाने का कार्य करता था।
पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने कहा:
“मामले में शामिल गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।”
मुख्य सरगना की निशानदेही पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक गिरोह के मुख्य सरगना बबलू पासवान की निशानदेही पर मो. जियाउद्दीन की गिरफ्तारी संभव हो सकी। पुलिस अब गिरोह के अन्य नेटवर्क और जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
माना जा रहा है कि यह गिरोह लंबे समय से पशु तस्करी के अवैध कारोबार में सक्रिय था।
पहले 16 तस्करों को भेजा जा चुका है जेल
गौरतलब है कि इससे पहले पुलिस ने पीडियापोछ जंगल क्षेत्र में बड़ी छापेमारी कर 227 गोवंशीय पशुओं को बरामद किया था। मौके से 16 पशु तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
इस कार्रवाई के बाद जिले में पशु तस्करी के नेटवर्क को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी।
कई गंभीर धाराओं में चल रही कार्रवाई
पुलिस ने मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पशु तस्करी के खिलाफ विशेष निगरानी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
सिमडेगा और ओडिशा सीमा क्षेत्र में पशु तस्करी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस लगातार सक्रिय है। सीमावर्ती रास्तों, जंगल क्षेत्रों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
न्यूज़ देखो: संगठित पशु तस्करी नेटवर्क पर सख्ती जरूरी
227 गोवंशीय पशुओं की बरामदगी यह दिखाती है कि पशु तस्करी का नेटवर्क कितना संगठित और सक्रिय है। लगातार गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है, लेकिन ऐसे गिरोहों की जड़ तक पहुंचना भी बेहद जरूरी है। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी, खुफिया तंत्र और स्थानीय सहयोग से ही इस अवैध कारोबार पर स्थायी रोक लगाई जा सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
कानून और जागरूकता से ही रुकेगा अवैध कारोबार
समाज और प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाई जाए। जागरूक नागरिक ही अपराध नियंत्रण में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।
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