#चंदवा #देवनद_हादसा : नदी में डूबकर जान गंवाने वाले बालक के परिवार को सहायता दिलाने की उठी मांग।
चंदवा प्रखंड के रोल गांव में देवनद नदी में डूबकर जान गंवाने वाले बालक प्रिंस कुमार के परिजनों से मिलने भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक उदासीनता पर नाराजगी जताते हुए मृतक परिवार को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। अधिकारियों से बातचीत के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हुई और कर्मी मृतक के घर पहुंचे। प्रतुल शाह देव ने मामले को जरूरत पड़ने पर मंत्रालय स्तर तक उठाने की बात कही।
- भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव अपने पैतृक गांव रोल पहुंचे।
- देवनद नदी में डूबने से मृत प्रिंस कुमार के परिजनों से मुलाकात की।
- प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए तत्काल मुआवजे की मांग की।
- अधिकारियों से बातचीत के बाद कागजी प्रक्रिया शुरू कराई गई।
- मृतक बालक गढ़वा का निवासी था और नानी के घर आया हुआ था।
- जरूरत पड़ने पर मामला मंत्रालय स्तर पर उठाने की चेतावनी दी गई।
चंदवा प्रखंड के रोल गांव में हाल ही में देवनद नदी में डूबकर जान गंवाने वाले बालक प्रिंस कुमार के मामले को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। अपने पैतृक गांव रोल पहुंचे प्रतुल शाह देव ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
परिजनों से बातचीत के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि घटना के कई दिनों बाद भी प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी या कर्मचारी परिवार की स्थिति जानने नहीं पहुंचा था। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क किया।
गरीब परिवार से था मृतक बालक
जानकारी के अनुसार, प्रिंस कुमार मूल रूप से गढ़वा जिले का निवासी था। वह अपनी नानी के घर रोल गांव आया हुआ था। इसी दौरान देवनद नदी में डूबने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई थी।
घटना के बाद परिवार शोक और आर्थिक संकट दोनों से जूझ रहा है। परिजनों का कहना है कि उन्हें प्रशासनिक सहायता और मार्गदर्शन की आवश्यकता है ताकि नियमानुसार मिलने वाली सुविधाएं उन्हें प्राप्त हो सकें।
प्रशासनिक उदासीनता पर जताई नाराजगी
मृतक के घर पहुंचने के बाद प्रतुल शाह देव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक गरीब परिवार के बच्चे की मौत के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई प्रतिनिधि समय पर नहीं पहुंचा।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि मृतक बालक अनुसूचित जाति समुदाय से था और इसके बावजूद परिवार की सुध लेने में प्रशासनिक तंत्र सक्रिय नहीं दिखा।
प्रतुल शाह देव ने कहा: “अनुसूचित जाति से आने वाले इस गरीब परिवार तक प्रशासन का समय पर नहीं पहुंचना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
अधिकारियों से बातचीत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
प्रतुल शाह देव ने मौके से ही जिले के उच्च अधिकारियों से बातचीत की और मामले की जानकारी दी। उनके हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक गतिविधियां तेज हुईं।
बताया गया कि अधिकारियों के निर्देश के बाद प्रखंड के कर्मचारी और अन्य कर्मी मृतक के घर पहुंचे तथा आवश्यक कागजी प्रक्रिया शुरू की गई। परिवार को सरकारी सहायता दिलाने के लिए जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
गढ़वा प्रशासन को भेजने की मांग
प्रतुल शाह देव ने लातेहार जिला प्रशासन से आग्रह किया कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर मामले को गढ़वा जिला प्रशासन को भेजा जाए, क्योंकि मृतक बालक मूल रूप से गढ़वा का निवासी था।
उन्होंने कहा कि यद्यपि घटना चंदवा प्रखंड के रोल गांव में हुई है, फिर भी मुआवजा और अन्य सहायता संबंधी प्रक्रिया में दोनों जिलों के प्रशासन को समन्वय बनाकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा: “नियमानुसार मृतक के परिजनों को मुआवजा मिलना चाहिए और इसके लिए प्रशासन को शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।”
मंत्रालय स्तर पर भी उठाया जा सकता है मामला
प्रतुल शाह देव ने स्पष्ट कहा कि यदि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय और सहायता नहीं मिली तो इस मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार और संबंधित मंत्रालय के समक्ष भी यह विषय रखा जाएगा, ताकि पीड़ित परिवार को उसका अधिकार मिल सके।
बड़ी संख्या में ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरान चंदवा पश्चिमी भाजपा मंडल अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह, विशुन रजवार, किशुन रजवार, रामचंद्र घटवार, राजेंद्र प्रजापति, मुरारी प्रजापति, अमृत प्रजापति, चंद्र देव घटवार, उदित शहदेव, रोहित शहदेव, दीपक शहदेव, राहुल शहदेव सहित कई लोग उपस्थित रहे।
मृतक की नानी मानमती देवी, परिजन सोनल देवी, ममता देवी, हरवंश शाहदेव, गोलू घटवार तथा अन्य ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे।
पीड़ित परिवार को सहायता की उम्मीद
प्रतुल शाह देव के हस्तक्षेप के बाद परिवार को उम्मीद जगी है कि प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी और उन्हें नियमानुसार आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी।
स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि ऐसे मामलों में प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेकर पीड़ित परिवारों तक पहुंचना चाहिए, ताकि उन्हें समय पर सहायता और मार्गदर्शन मिल सके।
न्यूज़ देखो: हादसों के बाद संवेदनशील और सक्रिय प्रशासन की जरूरत
दुर्घटनाओं और आकस्मिक मौतों के बाद पीड़ित परिवारों को केवल संवेदना ही नहीं, बल्कि समय पर प्रशासनिक सहायता की भी आवश्यकता होती है। यदि राहत और मुआवजा संबंधी प्रक्रियाएं समय पर शुरू हों तो संकट की घड़ी में परिवारों को काफी सहारा मिल सकता है। रोल गांव की यह घटना प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता को फिर सामने लाती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित परिवार को नियमानुसार सहायता कितनी जल्द उपलब्ध हो पाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
दुख की घड़ी में सहयोग ही सबसे बड़ी मानवता
किसी परिवार के लिए अपने बच्चे को खोना जीवन की सबसे बड़ी पीड़ा होती है। ऐसे समय में समाज और प्रशासन का सहयोग उनके लिए संबल बन सकता है।
जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आएं, संवेदनशील बनें और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में जागरूक नागरिक की भूमिका निभाएं। इस खबर पर अपनी राय कमेंट में साझा करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और पीड़ित परिवारों के अधिकारों की आवाज बनने में योगदान दें।

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