#गुमला #समाज_कल्याण : समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
गुमला समाहरणालय में जिला समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं, पोषण गतिविधियों, वित्तीय प्रगति और लंबित चयन प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने केंद्रों में बिजली, पानी, शौचालय और पोषण वाटिका जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित।
- आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पेयजल, शौचालय और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश।
- पोषण वाटिका राशि के शीघ्र उपयोग और अनुपयोगी राशि सरेंडर करने को कहा गया।
- एफआरएस उपस्थिति प्रणाली में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी।
- सेविका और सहायिका चयन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का निर्देश।
गुमला। जिले में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने की। इस दौरान जिले में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं, पोषण कार्यक्रमों, वित्तीय प्रगति और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों और लाभुकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं समय पर पूरी की जाएं।
आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और पोषण वाटिका जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने विशेष रूप से किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्रों में बिजली और पेयजल की व्यवस्था हर हाल में उपलब्ध कराई जाए।
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि जिन किराए के भवनों में निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर वैकल्पिक उपयुक्त भवनों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि इस प्रकार के केंद्रों को 30 जून तक आवश्यक कार्रवाई करते हुए बेहतर भवनों में स्थानांतरित किया जाए।
पोषण वाटिका राशि के उपयोग पर जोर
बैठक में पोषण वाटिका के लिए उपलब्ध कराई गई राशि की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पोषण वाटिका के लिए आवंटित राशि का जल्द से जल्द उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में निर्धारित कार्य नहीं किया जाना है, वहां उपलब्ध अप्रयुक्त राशि को नियमानुसार वापस करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
उपायुक्त ने कहा कि पोषण वाटिका का उद्देश्य बच्चों और लाभुकों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है, इसलिए इसके संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
वित्तीय प्रगति और प्रतिवेदन की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं के लिए आवंटित राशि के खर्च से संबंधित प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। इस दौरान पाया गया कि केवल चैनपुर प्रखंड से ही व्यय प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है।
इस पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी शेष प्रखंडों को जल्द से जल्द आवश्यक व्यय प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्ध प्रगति के लिए वित्तीय रिपोर्ट का नियमित रूप से उपलब्ध होना आवश्यक है।
एफआरएस उपस्थिति में सुधार के निर्देश
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में लागू फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) आधारित उपस्थिति व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान पालकोट और गुमला प्रखंड में एफआरएस उपस्थिति प्रतिशत संतोषजनक नहीं पाया गया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रगति नहीं होने की स्थिति में जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वेतन स्थगित करने जैसी कार्रवाई की भी चेतावनी दी।
सेविका और सहायिका चयन प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका और सहायिका के लंबित चयन मामलों की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी लंबित चयन प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन की कमी से योजनाओं के संचालन पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि चयन प्रक्रिया को नियमानुसार जल्द पूरा कर विभागीय कार्यों को गति दी जाए।
बैठक में अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, विभिन्न प्रखंडों की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), महिला पर्यवेक्षिकाएं (एलएस) सहित समाज कल्याण विभाग से जुड़े अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो: बच्चों के पोषण और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर प्रशासन की सख्ती
गुमला जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं को लेकर हुई यह समीक्षा बैठक यह संकेत देती है कि प्रशासन अब योजनाओं के केवल संचालन नहीं बल्कि उनके जमीनी प्रभाव पर भी ध्यान दे रहा है। बिजली, पानी, शौचालय और पोषण जैसी मूलभूत सुविधाएं बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी हैं।
एफआरएस उपस्थिति और वित्तीय उपयोग की समीक्षा से यह स्पष्ट है कि प्रशासन योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। अब देखना होगा कि दिए गए निर्देशों का पालन तय समय सीमा में कितना प्रभावी तरीके से होता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेहतर बचपन और स्वस्थ समाज की दिशा में सामूहिक जिम्मेदारी
बच्चों का पोषण और आंगनबाड़ी सेवाओं की मजबूती समाज के भविष्य से जुड़ा विषय है।
सरकारी योजनाओं का लाभ तभी प्रभावी होगा जब उनका सही क्रियान्वयन जमीन पर दिखाई देगा।
जागरूक नागरिक भी अपने क्षेत्र की व्यवस्थाओं पर नजर रखकर सकारात्मक बदलाव में भागीदार बन सकते हैं।
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