
#हुसैनाबाद #पलामू #रामनवमीतैयारी : महासमिति की बैठक में जुलूस, अखाड़ा प्रदर्शन और व्यवस्था पर चर्चा।
पलामू जिले के हुसैनाबाद शहर में रामनवमी पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। महावीर जी भवन परिसर में रामनवमी पूजा महासमिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पर्व को भव्य, अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की रणनीति बनाई गई। बैठक में अखाड़ा समितियों के साथ समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई।
- महावीर जी भवन, हुसैनाबाद में हुई रामनवमी पूजा महासमिति की महत्वपूर्ण बैठक।
- बैठक की अध्यक्षता बजरंग दल संयोजक आलोक नाथ केशरी ने की।
- 22 मार्च को नगर क्षेत्र के अखाड़ा समितियों के साथ होगी विशेष बैठक।
- 23 मार्च को ग्रामीण अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ होगी चर्चा।
- पर्व को भव्य, अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने पर बनी रणनीति।
- दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा समितियों को भी बैठक में शामिल करने की योजना।
पलामू जिले के हुसैनाबाद शहर स्थित महावीर जी भवन के प्रांगण में रामनवमी पूजा महासमिति की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी रामनवमी पर्व को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा पर्व को शांतिपूर्ण, अनुशासित और हर्षोल्लास के साथ संपन्न कराने की रणनीति बनाई गई।
बैठक की अध्यक्षता बजरंग दल के संयोजक आलोक नाथ केशरी ने की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने आयोजन की तैयारियों, जुलूस व्यवस्था, अखाड़ा प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर अपने-अपने सुझाव रखे।
रामनवमी पर्व को भव्य बनाने की तैयारी
बैठक को संबोधित करते हुए बजरंग दल के संयोजक आलोक नाथ केशरी ने कहा कि रामनवमी पूजा हुसैनाबाद क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक पर्व है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और विभिन्न अखाड़ा समितियों के सदस्य भाग लेते हैं।
आलोक नाथ केशरी ने कहा: “हर वर्ष की तरह इस बार भी रामनवमी पर्व को भव्य और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए महासमिति के सभी सदस्य सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी समितियों और स्थानीय लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है।
22 और 23 मार्च को होंगी महत्वपूर्ण बैठकें
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि रामनवमी पर्व की तैयारियों को और बेहतर बनाने के लिए आगामी दिनों में अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी।
समिति के अनुसार 22 मार्च को हुसैनाबाद नगर क्षेत्र के सभी अखाड़ा समितियों के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जुलूस, अखाड़ा प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा 23 मार्च को ग्रामीण क्षेत्रों के सभी अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
अन्य पूजा समितियों से भी लिया जाएगा सहयोग
महासमिति के संयोजक आलोक नाथ केशरी ने बताया कि हुसैनाबाद प्रखंड क्षेत्र में संचालित दुर्गा पूजा समिति और सरस्वती पूजा समिति के सदस्यों से भी संपर्क किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन समितियों के सदस्यों को भी 22 मार्च को आयोजित बैठक में आमंत्रित किया जाएगा, ताकि रामनवमी पूजा के सफल आयोजन में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा: “सभी समितियों के सहयोग और सामूहिक प्रयास से ही इस धार्मिक पर्व को सफल और यादगार बनाया जा सकता है।”
भाईचारे और सौहार्द का दिया संदेश
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने यह संकल्प लिया कि रामनवमी पर्व को आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनी रहे।
सदस्यों ने कहा कि धार्मिक पर्व केवल आस्था का प्रतीक नहीं होते, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।
कई सदस्य रहे उपस्थित
इस बैठक में समिति के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से दिनेश प्रसाद कश्यप, डॉ. सतेंद्र कुमार चंदेल, शशि कुमार, सुबोध कश्यप, राकेश तिवारी, दीना नाथ सोनी, राज कुमार कश्यप, सुशील कुमार, गौतम कांस्कार, शंभू सोंडिक, अक्षयवर कुमार सिंह, पंकज कुमार गुप्ता, ऋषिकेश कश्यप, राहुल केशरी, सचिन आनंद, संतोष कश्यप, वार्ड पार्षद राजेंद्र पाल, मंटू लाल अग्रवाल, देवेंद्र नाथ गुप्ता, रोहित कुमार, अक्षय कुमार सिंह, जितेन्द्र कुमार सहित कई सदस्य शामिल थे।
न्यूज़ देखो: सामूहिक प्रयास से सफल होते हैं बड़े धार्मिक आयोजन
हुसैनाबाद में रामनवमी पर्व को लेकर शुरू हुई तैयारियां यह दर्शाती हैं कि बड़े धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास और बेहतर समन्वय बेहद जरूरी होता है। यदि सभी समितियां और स्थानीय लोग मिलकर जिम्मेदारी निभाएं, तो आयोजन शांतिपूर्ण और यादगार बन सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
धार्मिक पर्व समाज को जोड़ने का माध्यम
रामनवमी जैसे धार्मिक पर्व केवल पूजा और उत्सव तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह समाज को जोड़ने और एकता का संदेश देने का भी अवसर होते हैं।
यदि हम सभी मिलकर ऐसे आयोजनों को अनुशासन, भाईचारे और सहयोग के साथ मनाएं, तो समाज में सकारात्मक माहौल बनेगा और परंपराएं भी मजबूत होंगी।
आप भी अपने क्षेत्र में होने वाले धार्मिक आयोजनों में भाग लेकर सामाजिक एकता को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।






