बोलबा में विराट हिन्दू सम्मेलन की तैयारी तेज दुर्गा मंदिर में बैठक कर 18 अप्रैल को आयोजन का निर्णय

बोलबा में विराट हिन्दू सम्मेलन की तैयारी तेज दुर्गा मंदिर में बैठक कर 18 अप्रैल को आयोजन का निर्णय

author Shivnandan Baraik
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#बोलबा #धार्मिक_आयोजन : सम्मेलन को सफल बनाने के लिए गांव स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड मुख्यालय में विराट हिन्दू सम्मेलन की तैयारी को लेकर दुर्गा मंदिर परिसर में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से 18 अप्रैल को बाजार टांड चबूतरे पर सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में संत महात्माओं और विभिन्न संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। आयोजन को लेकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं।

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  • बोलबा दुर्गा मंदिर परिसर में सम्मेलन तैयारी को लेकर विशेष बैठक आयोजित।
  • 18 अप्रैल को बाजार टांड चबूतरा में विराट हिन्दू सम्मेलन होगा आयोजित।
  • गांव-गांव जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को आमंत्रित करने का निर्णय।
  • विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, स्वयंसेवक संघ सहित कई संगठन होंगे शामिल।
  • संत महात्माओं और वरिष्ठ अतिथियों को कार्यक्रम में बुलाने की योजना।
  • कार्यकर्ताओं के बीच जिम्मेदारियों का विभाजन कर तैयारियां तेज की गई।

सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड मुख्यालय में धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण विराट हिन्दू सम्मेलन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस संबंध में बोलबा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में सर्वसम्मति से 18 अप्रैल को एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

18 अप्रैल को बाजार टांड चबूतरा में होगा आयोजन

बैठक में तय किया गया कि आगामी 18 अप्रैल को बोलबा प्रखंड मुख्यालय के बाजार टांड चबूतरा में विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन को भव्य और सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

आयोजन समिति का उद्देश्य है कि इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, जिससे सामाजिक और धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा मिल सके।

गांव-गांव तक पहुंचेगा निमंत्रण

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बोलबा प्रखंड के प्रत्येक गांव और बस्ती तक पहुंचकर लोगों को सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और कार्यक्रम में भागीदारी के लिए प्रेरित करें।

इस अभियान के तहत प्रचार-प्रसार को भी तेज किया जाएगा, ताकि अधिक संख्या में लोग सम्मेलन में उपस्थित हो सकें।

संत महात्माओं और संगठनों की होगी भागीदारी

कार्यक्रम को विशेष बनाने के लिए विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा विभिन्न संत महात्माओं को भी आमंत्रण भेजा जाएगा, जो अपने प्रवचनों के माध्यम से धर्म, समाज और संगठन के विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।

इसके साथ ही बजरंग दल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित विभिन्न संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे कार्यक्रम का स्वरूप और व्यापक हो सके।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वागत की तैयारी

सम्मेलन के दिन अतिथियों का जोरदार स्वागत और सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम में ढाक-ढोल, बाजा-गाजा और नृत्य मंडलियों की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।

मंच से संत महात्माओं की अमृत वाणी और वरिष्ठ लोगों के विचारों के माध्यम से धर्म, समाज और संगठन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, जिससे उपस्थित लोगों को प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा।

कार्यकर्ताओं को सौंपी गई जिम्मेदारियां

विश्व हिन्दू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष टकबर सिंह ने बताया कि सम्मेलन की सफलता के लिए कार्यों का विभाजन कर दिया गया है और सभी कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।

टकबर सिंह ने कहा: “सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं और हम सभी मिलकर इसे भव्य रूप देंगे।”

बैठक में मौजूद रहे प्रमुख लोग

इस बैठक में विश्व हिन्दू परिषद सिमडेगा जिला कमिटी के कई सदस्य और स्थानीय पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें सम्मी जी, राधे प्रसाद, अरुण प्रसाद, त्रिलोचन दास, रन्थू मोदी, त्रिलोचन दास, रामप्रसाद सिंह, पुनीत सिंह, गौरीशंकर सिंह, अजय जायसवाल, टकबर सिंह, सुरेश मोदी, इंद्रमोहन सिंह, हीरा प्रधान, भानुप्रताप सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे।

सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए और सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया।

न्यूज़ देखो: धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक एकता को मिल रही मजबूती

बोलबा में आयोजित होने वाला यह विराट हिन्दू सम्मेलन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और जागरूकता का भी माध्यम बन सकता है। ऐसे आयोजनों से समाज में आपसी जुड़ाव और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। हालांकि, आयोजन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसमें सभी वर्गों की सकारात्मक भागीदारी कितनी सुनिश्चित हो पाती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

समाज के साथ जुड़ें और सकारात्मक आयोजनों का हिस्सा बनें

धार्मिक और सामाजिक आयोजन हमारे समाज की पहचान और एकता के प्रतीक होते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेकर हम न केवल अपनी संस्कृति को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज के साथ अपने जुड़ाव को भी गहरा करते हैं।

आइए, हम सभी मिलकर ऐसे आयोजनों को सफल बनाएं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें। अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें और उन्हें ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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