गढ़वा में जनता दरबार का आयोजन: उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने सुनीं आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

गढ़वा में जनता दरबार का आयोजन: उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने सुनीं आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

author News देखो Team
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#गढ़वा #जनतादरबार #समस्या_निवारण : राशन, पेंशन, भूमि विवाद से लेकर शैक्षणिक दस्तावेज़ों की वापसी तक — जनता दरबार में गंभीर मामलों पर दिए गए स्पष्ट निर्देश
  • जनता दरबार में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, योजनाओं से जुड़ी कुल 15+ शिकायतें दर्ज
  • उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने मौके पर ही समस्याएं सुनीं, संबंधित विभागों को दिए निर्देश
  • चिनिया प्रखंड निवासी दीपक रवि व सोनामती कुंवर की शिकायतों पर लिया विशेष संज्ञान
  • शैक्षणिक संस्थानों द्वारा मूल प्रमाणपत्र रोकने पर उपायुक्त ने सख्त निर्देश जारी किए
  • जनता दरबार में भूमि विवाद, धोखाधड़ी, नौकरी, रोजगार भुगतान जैसे गंभीर मुद्दे भी उठे

आमजनों से सीधे संवाद में जुटा प्रशासन

गढ़वा समाहरणालय सभागार में शुक्रवार, 04 जुलाई 2025 को उपायुक्त दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया।
इस दरबार में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए फरियादियों की विविध समस्याओं को सुना गया और तत्काल निवारण के लिए आदेश दिए गए।

जनता दरबार का प्रमुख उद्देश्य प्रशासन को आमजन से सीधे जोड़ना और न्यायिक व प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज़ करना है।

चिनिया से लेकर करुआकलां तक की समस्याएं आईं सामने

दीपक रवि और सोनामती कुंवर की शिकायतों पर विशेष निर्देश

चिनिया प्रखंड के डोल निवासी दीपक रवि ने उपायुक्त के समक्ष आवेदन देकर बताया कि मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत गाय और बकरी शेड निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से लंबित है।
उन्होंने 2024-25 में पुनः आवेदन किया है, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ।

वहीं, डोल की ही सोनामती कुंवर ने अपनी रैयती भूमि पर अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि 11 नवंबर 2022 को उपायुक्त न्यायालय द्वारा दो सप्ताह में कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया गया था, जो अब तक लंबित है।

धोखाधड़ी का शिकार बनी आभा देवी, मांगी न्यायिक कार्रवाई

सदर प्रखंड के करुआकलां निवासी आभा देवी ने शिकायत दी कि उन्हें वर्ष 2015 में जितेंद्र तिवारी द्वारा भूमि बेची गई, जिसे बाद में किसी और को फिर से बिक्री कर दिया गया
उन्होंने मांग की कि या तो भूमि खाली कराई जाए या राशि वापस दिलाई जाए

निजी कॉलेज द्वारा प्रमाणपत्र रोकने पर हुई सख्ती

ध्रुव कुमार ने बताया कि विश्रामपुर स्थित RCIT कॉलेज ने मूल प्रमाणपत्र देने से मना कर दिया है और चार साल की पूरी फीस मांग रहा है।
उपायुक्त ने इसे गंभीर मामला मानते हुए कहा:

दिनेश कुमार यादव ने निर्देशित किया: “कोई भी शैक्षणिक संस्था छात्रों के मूल प्रमाण पत्र या दस्तावेज़ को रोक नहीं सकती। सभी संस्थान इसे तत्काल बिना शर्त लौटाएं।”

सभी शिकायतों के समाधान के निर्देश

जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों में से कई मुद्दे पेंशन, रोजगार सृजन, मुआवजा भुगतान, अनुकंपा नौकरी, और अतिक्रमण से जुड़े रहे।
उपायुक्त ने प्रत्येक मामले पर संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और समस्याओं के निष्पादन की निगरानी की बात कही।

न्यूज़ देखो: जनता की आवाज़ तक प्रशासन की सीधी पहुँच

गढ़वा में आयोजित जनता दरबार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन आमजन से सीधे संवाद करता है, तब समस्याओं का समाधान संभव हो पाता है।
‘न्यूज़ देखो’ इसी तरह के संवादों, जागरूकता और उत्तरदायित्व को केंद्र में रखकर जनता की आवाज़ को बुलंद करता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

लोकतंत्र की असली ताकत — जागरूक नागरिक, सक्रिय प्रशासन

जब जनता अपने अधिकारों को लेकर मुखर होती है और प्रशासन उन्हें गंभीरता से सुनता है, तभी सशक्त लोकतंत्र का निर्माण होता है।
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