#लातेहार #जिला_परिषद : विकास योजनाओं और जनसमस्याओं को लेकर बैठक में हुई गंभीर चर्चा।
लातेहार जिला परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में जनहित और विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी ने शिक्षा, बिजली, योजनाओं की पारदर्शिता और जनसेवकों के स्थानांतरण जैसे विषयों पर सवाल खड़े किए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
- जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी ने कई जनहित मुद्दे उठाए।
- सरकारी विद्यालयों में अवैध शुल्क वसूली का मामला बैठक में उठा।
- डीएमएफटी योजनाओं की सूची और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग।
- बालूमाथ की बिजली व्यवस्था और जाम समस्या पर चिंता व्यक्त।
- जिला परिषद चालकों के न्यूनतम वेतनमान और बकाया भुगतान की मांग।
- “जनसेतु ऐप” की तकनीकी और वित्तीय जांच कराने का प्रस्ताव।
लातेहार जिला परिषद की पूर्व निर्धारित महत्वपूर्ण बैठक में विकास योजनाओं, शिक्षा व्यवस्था, बिजली संकट और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी ने जनहित से जुड़े विषयों को मजबूती के साथ उठाते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगा। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बैठक में उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक पहल और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान जिला परिषद की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नियमित समीक्षा और योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी।
नियमित समीक्षा बैठक और स्थायी समितियों के गठन की मांग
बैठक में यह मांग प्रमुखता से उठाई गई कि जिला परिषद की समीक्षा बैठक प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित की जाए, ताकि विकास योजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी हो सके। साथ ही जिला परिषद की स्थायी समितियों का गठन शीघ्र करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
इसके अलावा 23 अप्रैल 2026 को हुए जनसेवकों के कथित नियमविरुद्ध स्थानांतरण आदेश को रद्द करने की मांग भी उठाई गई। सदस्यों ने कहा कि प्रशासनिक निर्णय पारदर्शी और नियमसम्मत होने चाहिए।
उपाध्यक्ष अनीता देवी ने कहा: “जनप्रतिनिधियों को योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों की समय पर जानकारी मिलनी चाहिए, तभी जनता की समस्याओं का सही समाधान संभव है।”
विद्यालयों में अवैध शुल्क वसूली का मुद्दा गरमाया
बैठक में सरकारी उच्च विद्यालयों एवं प्लस टू विद्यालयों में नामांकन के नाम पर कथित अवैध शुल्क वसूली का मुद्दा गंभीरता से उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि शिक्षा के अधिकार को प्रभावित करने वाली ऐसी व्यवस्था पर रोक लगनी चाहिए।
प्रस्ताव रखा गया कि फिलहाल सभी विद्यालयों में निशुल्क नामांकन सुनिश्चित किया जाए। छात्र कोष से संबंधित किसी भी प्रकार का शुल्क केवल निर्णय होने के बाद ही लिया जाए।
बैठक में यह भी कहा गया कि गरीब और ग्रामीण परिवारों के छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है।
डीएमएफटी योजनाओं में पारदर्शिता की मांग
बैठक में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट यानी डीएमएफटी से संचालित योजनाओं की सूची एवं प्रगति रिपोर्ट सभी जिला परिषद सदस्यों को उपलब्ध कराने की मांग की गई। सदस्यों ने कहा कि योजनाओं से संबंधित जानकारी मांगने पर अधिकतम दो दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों का कहना था कि योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने से विकास कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।
बालूमाथ की बिजली और जाम समस्या पर चिंता
बैठक में बालूमाथ क्षेत्र की खराब बिजली व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से बिजली समस्या से परेशान हैं और संबंधित विभाग को इसमें तत्काल सुधार करना चाहिए।
इसके साथ ही बालूमाथ को जाममुक्त बनाने को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। प्रस्ताव रखा गया कि यात्री बसों का ठहराव बस स्टैंड में सुनिश्चित किया जाए तथा हाईवा वाहनों के परिचालन पर नो एंट्री लागू की जाए। कोयला ढुलाई के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाशने की मांग भी उठाई गई।
चालकों के वेतन और भुगतान प्रक्रिया पर चर्चा
जिला परिषद में कार्यरत चालकों को न्यूनतम वेतनमान और बकाया राशि के साथ भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से उठाई गई। सदस्यों ने कहा कि कर्मचारियों के श्रम का सम्मान होना चाहिए और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
इसके अलावा ढाई लाख रुपये तक की योजनाओं को लाभुक समिति से कराने तथा भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
“जनसेतु ऐप” की जांच का प्रस्ताव
बैठक में “जनसेतु ऐप” की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने का सुझाव भी दिया गया। सदस्यों ने कहा कि किसी भी डिजिटल व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रभावशीलता की समय-समय पर समीक्षा आवश्यक है।
इसके साथ ही विद्यालयों में छात्र कोष के लिए अलग बैंक खाता खोलने पर भी चर्चा हुई, ताकि वित्तीय प्रबंधन अधिक पारदर्शी तरीके से हो सके।
बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों ने सकारात्मक पहल और कार्रवाई करने की बात कही। जनप्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि बैठक में लिए गए सुझावों और प्रस्तावों का जल्द असर धरातल पर दिखाई देगा।
न्यूज़ देखो: जनहित के सवालों पर सक्रियता जरूरी
लातेहार जिला परिषद की बैठक में जिन मुद्दों को उठाया गया, वे सीधे तौर पर आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े हैं। शिक्षा में अवैध शुल्क, खराब बिजली व्यवस्था, योजनाओं में पारदर्शिता और यातायात अव्यवस्था जैसे विषय प्रशासनिक जवाबदेही की मांग करते हैं। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता लोकतंत्र को मजबूत बनाती है, लेकिन असली सफलता तब होगी जब बैठक में उठाए गए मुद्दों पर तय समय में कार्रवाई भी दिखाई दे। अब जनता की नजर प्रशासन और संबंधित विभागों की आगामी पहल पर रहेगी।
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#जागरूकजनप्रतिनिधिमजबूत_व्यवस्था : जनता की आवाज उठाना ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
जब जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाते हैं, तभी व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पारदर्शिता जैसे मुद्दे केवल बहस तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका समाधान भी जमीन पर दिखना चाहिए।
हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सजग रहे और सकारात्मक बदलाव के लिए आवाज उठाए। जागरूक समाज ही बेहतर प्रशासन और मजबूत लोकतंत्र की नींव बनता है।
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