
#बरवाडीह #निर्माण_गड़बड़ी : घटिया सामग्री और मानकों की अनदेखी के आरोप—सुरक्षा को लेकर चिंता।
लातेहार जिले के बरवाडीह स्थित परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के अतिरिक्त भवन निर्माण में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जनप्रतिनिधियों ने निरीक्षण के दौरान घटिया सामग्री उपयोग और मानकों की अनदेखी का मुद्दा उठाया। उन्होंने उपायुक्त से तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों में भी निर्माण गुणवत्ता को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
- बालिका उच्च विद्यालय भवन निर्माण में अनियमितता के आरोप।
- दीपक तिवारी और बीरेंद्र जायसवाल ने उठाए सवाल।
- ढलाई में घटिया सामग्री और गलत अनुपात का उपयोग।
- कॉपर बीम में सरिया का उपयोग नहीं करने का आरोप।
- जनप्रतिनिधियों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
बरवाडीह प्रखंड स्थित परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए निरीक्षण में निर्माण गुणवत्ता को लेकर कई खामियां उजागर हुई हैं, जिससे छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य में तय मानकों और प्राक्कलन का पालन नहीं किया जा रहा है। सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी और प्रखंड उप प्रमुख बीरेंद्र जायसवाल ने आरोप लगाया कि घटिया सामग्री का उपयोग कर भवन निर्माण किया जा रहा है।
बीरेंद्र जायसवाल ने कहा: “इस तरह का निर्माण भवन की मजबूती को खत्म कर देगा और यह छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।”
ढलाई में गलत अनुपात का उपयोग
जनप्रतिनिधियों के अनुसार, ढलाई कार्य में सीमेंट, बालू और छरी का अनुपात निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं रखा गया। बताया गया कि दो तगाड़ी सीमेंट, छह तगाड़ी बालू और चार तगाड़ी छरी के अनुपात में ढलाई की जा रही है, जो गुणवत्ता के लिहाज से कमजोर है।
इससे भवन की दीर्घकालिक मजबूती पर असर पड़ सकता है।
कॉपर बीम में सरिया नहीं
सबसे गंभीर आरोप यह है कि कॉपर बीम की ढलाई बिना सरिया के ही की जा रही है। केवल दो से तीन इंच मोटाई में ढलाई करने से भवन की संरचना कमजोर हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार का निर्माण भविष्य में दुर्घटना का कारण बन सकता है।
विभाग और संवेदक पर मिलीभगत का आरोप
जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग और संवेदक पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका जताई है।
दीपक तिवारी ने कहा: “सरकारी पैसे से हो रहे निर्माण में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।”
जांच और कार्रवाई की मांग
जनप्रतिनिधियों ने जिले के उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
इस मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।
सुरक्षा पर मंडराता खतरा
यह मामला केवल निर्माण गुणवत्ता का नहीं, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में गंभीर हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

न्यूज़ देखो: विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता खतरनाक
बरवाडीह में सामने आया यह मामला दिखाता है कि विकास कार्यों में यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाता है, तो इसका सीधा असर लोगों की सुरक्षा पर पड़ता है। प्रशासन को इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
गुणवत्ता ही सुरक्षा की गारंटी
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होती है।
छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
जरूरी है कि हम ऐसे मामलों पर नजर रखें और आवाज उठाएं।
सुरक्षित भवन ही सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं।
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