#बरवाडीह #निर्माण_अनियमितता : ग्रामीणों ने घटिया ईंट उपयोग का आरोप लगाकर जांच की मांग की।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड के कंचनपुर गांव में चबूतरा निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया ईंट के उपयोग और मानकों की अनदेखी की शिकायत की है। योजना स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं होने से पारदर्शिता पर भी सवाल उठे हैं। मामले को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है।
- कंचनपुर गांव, केचकी पंचायत में चबूतरा निर्माण पर विवाद।
- ग्रामीणों ने घटिया बंगला ईंट उपयोग का लगाया आरोप।
- सूचना बोर्ड नहीं लगाने से पारदर्शिता पर उठे सवाल।
- 15वें वित्त आयोग मद से हो रहा निर्माण कार्य।
- कनीय अभियंता मंटूलाल उरांव ने डी ग्रेड ईंट उपयोग की बात कही।
बरवाडीह प्रखंड के केचकी पंचायत अंतर्गत ग्राम कंचनपुर में 15वें वित्त आयोग मद से चल रहे चबूतरा निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इस मामले के सामने आने के बाद गांव में चर्चा का माहौल है और लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजना के तहत हो रहे इस निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इसकी मजबूती और उपयोगिता पर असर पड़ सकता है।
घटिया ईंट के उपयोग का आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के बजाय निम्न स्तर की बंगला ईंट का उपयोग किया जा रहा है। इससे चबूतरे की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सरकारी राशि से बनने वाले कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा प्रतीत हो रहा है कि केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है: “अगर इसी तरह घटिया सामग्री का उपयोग होता रहा, तो चबूतरा कुछ ही समय में जर्जर हो जाएगा और सरकारी पैसे का नुकसान होगा।”
पारदर्शिता पर भी उठे सवाल
इस निर्माण कार्य को लेकर एक और बड़ा मुद्दा सामने आया है—सूचना बोर्ड का अभाव। ग्रामीणों ने बताया कि योजना स्थल पर किसी भी प्रकार का बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं हो पा रही हैं।
सूचना बोर्ड में आमतौर पर योजना की लागत, प्राक्कलन राशि, कार्य की अवधि और संबंधित अधिकारियों की जानकारी दी जाती है, लेकिन यहां यह पूरी तरह से गायब है। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अधिकारियों से जवाब-तलब
मामले में संबंधित कनीय अभियंता मंटूलाल उरांव से दूरभाष पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्य में डी ग्रेड ईंट लगाने का ही प्रावधान है और लगभग 75 प्रतिशत तक डी ग्रेड ईंट उपयोग की अनुमति होती है।
मंटूलाल उरांव ने कहा: “जैसा कार्य होगा, वैसा ही बिल भुगतान किया जाएगा। जिस गुणवत्ता की ईंट लगेगी, उसी के अनुसार दर तय होगी।”
हालांकि, जब उनसे योजना की प्राक्कलन राशि के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट जानकारी नहीं दी, जिससे संदेह और गहरा गया है।
जांच की मांग हुई तेज
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं की गई, तो निर्माण कार्य में गड़बड़ी जारी रहेगी और सरकारी धन का दुरुपयोग होगा।
लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल
यह मामला केवल एक चबूतरा निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा करता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अन्य परियोजनाओं में भी इसी तरह की अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना होता है, लेकिन अगर गुणवत्ता से समझौता किया जाए, तो इसका लाभ नहीं मिल पाता।

न्यूज़ देखो: क्या विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित हो पाएगी
कंचनपुर का यह मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों पर सवाल खड़ा करता है। अगर ग्रामीणों के आरोप सही हैं, तो यह केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि व्यापक व्यवस्था की खामी को दर्शाता है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करता है और क्या दोषियों पर जवाबदेही तय होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं
हर नागरिक का अधिकार है कि उसे गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों का लाभ मिले।
अगर कहीं भी अनियमितता दिखे, तो उसे नजरअंदाज न करें।
आपकी आवाज ही बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।
सही जानकारी और जागरूकता से ही पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकती है।
अगर आप भी मानते हैं कि विकास कार्यों में गुणवत्ता जरूरी है,
तो इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।
अपनी राय कमेंट में जरूर दें और जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।

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