#गढ़वा #प्रशासनिक_सख्ती : सड़क किनारे वध और गंदगी पर रोक के लिए एसडीएम का निर्देश।
गढ़वा में सड़क किनारे खुले में पशु-पक्षियों के वध और मांस बिक्री पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। एसडीएम संजय कुमार ने नगर निकायों को अभियान चलाकर एक माह के भीतर व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया है। निरीक्षण में गंदगी और अव्यवस्था मिलने पर दुकानदारों को चेतावनी दी गई। तय समय में सुधार नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।
- एसडीएम संजय कुमार ने खुले में वध और बिक्री पर सख्त निर्देश दिए।
- गढ़वा नगर परिषद और मझिआंव नगर पंचायत को अभियान चलाने का आदेश।
- निरीक्षण में मझिआंव मोड़ पर अव्यवस्था और गंदगी पाई गई।
- एक माह में सुधार नहीं होने पर धारा 152 के तहत कार्रवाई होगी।
- अवैध कब्जा मिलने पर दुकानों को हटाने/ध्वस्त करने का निर्देश।
गढ़वा जिले में सार्वजनिक स्वच्छता और व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने अपने अनुमंडल क्षेत्र में सड़क किनारे खुले में मांस, मछली और मुर्गा बिक्री तथा पशु-पक्षियों के वध पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने गढ़वा नगर परिषद और मझिआंव नगर पंचायत को स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस पर तत्काल अभियान चलाकर सुधार सुनिश्चित किया जाए।
खुले में वध और गंदगी पर सख्त निर्देश
एसडीएम ने कहा कि खुले में पशु-पक्षियों का वध और उनके अवशेषों को इधर-उधर फेंकना न केवल अस्वच्छ है, बल्कि यह एक गंभीर सार्वजनिक समस्या (पब्लिक न्यूसेंस) भी है। उन्होंने नगर निकायों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर सड़कों पर इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
संजय कुमार ने कहा: “यह पब्लिक न्यूसेंस का विषय है, एक माह में सुधार नहीं होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
औचक निरीक्षण में सामने आई हकीकत
एसडीएम ने नगर परिषद के नगर प्रबंधक, स्वच्छता पर्यवेक्षक और राजस्व कर्मियों के साथ मझिआंव मोड़ स्थित कई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो स्थिति सामने आई, वह काफी चिंताजनक थी।
करीब आधा दर्जन दुकानों में खुले में ही सैकड़ों मुर्गियों का वध किया जा रहा था। वहीं सड़क पर पंख, पंजे और खून फैला हुआ था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
दुकानदारों को चेतावनी, दोबारा गलती पर कार्रवाई तय
इस स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने संबंधित दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बार निरीक्षण में ऐसी स्थिति पाई गई तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छता और नियमों का पालन करना सभी दुकानदारों की जिम्मेदारी है, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अतिक्रमण पर भी होगी कार्रवाई
एसडीएम ने अंचलाधिकारी, गढ़वा को निर्देश दिया है कि इन दुकानों के भूमि स्वामित्व की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यदि यह दुकानें सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण कर बनाई गई पाई जाती हैं, तो उनके खिलाफ भूमि अतिक्रमण वाद चलाकर उन्हें हटाने या ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील स्थानों के पास दुकानों पर विशेष नजर
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि शहर के मुख्य चौराहों, मंदिरों, पूजा स्थलों और विद्यालयों के आसपास संचालित ऐसी दुकानों को या तो नियमानुसार व्यवस्थित किया जाए या फिर बंद कराया जाए।
इसका उद्देश्य न केवल स्वच्छता बनाए रखना है, बल्कि सार्वजनिक स्थलों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
नगर निकायों की जवाबदेही तय
एसडीएम ने साफ कर दिया है कि यदि एक माह के भीतर संतोषजनक सुधार नहीं हुआ, तो केवल दुकानदारों पर ही नहीं, बल्कि नगर निकायों के संबंधित कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इससे यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा और सभी की जवाबदेही तय की जाएगी।
न्यूज़ देखो: स्वच्छता और कानून के बीच संतुलन की चुनौती
गढ़वा में प्रशासन की यह सख्ती बताती है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता को अब प्राथमिकता दी जा रही है। खुले में वध और गंदगी लंबे समय से समस्या बनी हुई थी, जिस पर अब कार्रवाई की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। सवाल यह है कि क्या नगर निकाय और दुकानदार मिलकर इस बदलाव को स्थायी बना पाएंगे? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वच्छ शहर के लिए जिम्मेदारी निभाएं, नियमों का पालन करें
एक साफ और स्वस्थ शहर बनाना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का कर्तव्य है।
छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी समस्याओं को जन्म देती हैं, इसलिए जागरूक बनें।
नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
अगर आप भी स्वच्छ और व्यवस्थित शहर चाहते हैं,
तो इस खबर को साझा करें और अपनी राय कमेंट में जरूर दें।
जागरूकता फैलाएं और बदलाव का हिस्सा बनें।

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