लचरागढ़ चौराहा मेन रोड पर बारिश का कहर सड़क बनी तालाब छात्रों और ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

लचरागढ़ चौराहा मेन रोड पर बारिश का कहर सड़क बनी तालाब छात्रों और ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

author Birendra Tiwari
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#लचरागढ़ #सड़क_समस्या : जलजमाव से छात्रों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत लचरागढ़ चौराहा मेन रोड पर बारिश के कारण जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सड़क पर नाली निर्माण नहीं होने से पानी भरकर सड़क तालाब में तब्दील हो गई है, जिससे विद्यालय और कॉलेज जाने वाले छात्रों एवं ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या सड़क निर्माण कार्य के बीच उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव को उजागर करती है।

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  • लचरागढ़ चौराहा मेन रोड पर बारिश के बाद सड़क बनी तालाब।
  • छात्र, अभिभावक और ग्रामीण को आवागमन में हो रही भारी परेशानी।
  • एनएच 320G सड़क चौड़ीकरण और अन्य निर्माण कार्य जारी।
  • नाली निर्माण नहीं होने से सड़क पर जलजमाव की समस्या।
  • साइकिल, बाइक और पैदल चलने वालों को मजबूरी में पानी से गुजरना पड़ रहा है।
  • ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई।

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड स्थित लचरागढ़ चौराहा इन दिनों बारिश के कारण गंभीर जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है। यहां मुख्य सड़क पर पानी जमा होने से सड़क पूरी तरह तालाब का रूप ले चुकी है। इस वजह से विद्यालय और कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण कार्य के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और भी खराब हो गई है।

सड़क निर्माण के बीच बढ़ी परेशानी

कोलेबिरा से मनोहरपुर तक एनएच 320G सड़क चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। इसके साथ ही लचरागढ़ चौराहा मेन रोड से करी माटी, पंगुर और बड़ीबीरगा तक सड़क निर्माण कार्य भी जारी है। लेकिन इस निर्माण कार्य के दौरान नाली निर्माण को प्राथमिकता नहीं दी गई, जिसके कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है।

इस लापरवाही के चलते सड़क पर जल निकासी का कोई रास्ता नहीं बचा है और हर बारिश के बाद सड़क तालाब जैसी स्थिति में बदल जाती है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है बल्कि सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

छात्रों और अभिभावकों के लिए चुनौती

लचरागढ़ चौराहा से मिशन और चर्च रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर यह समस्या सबसे अधिक गंभीर हो गई है। विद्यालय और कॉलेज जाने वाले छात्रों को इस पानी भरे रास्ते से गुजरना मजबूरी बन गया है।

कई छात्र पैदल और साइकिल लेकर दुकानों के किनारे-किनारे किसी तरह संतुलन बनाते हुए सड़क पार कर रहे हैं। वहीं, बाइक और स्कूटी सवारों को भी मजबूरी में पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाने के दौरान जोखिम उठाने को विवश हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में यह रास्ता खतरनाक हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि सड़क निर्माण के साथ ही नाली निर्माण कर दिया जाता, तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता था। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द नाली निर्माण कराया जाए या फिर कोई वैकल्पिक जल निकासी व्यवस्था की जाए, ताकि सड़क पर पानी जमा न हो।

एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा: “हर बारिश में यही हाल हो जाता है, बच्चों को स्कूल भेजना भी मुश्किल हो गया है, प्रशासन को जल्द समाधान करना चाहिए।”

ग्रामीणों की मांग और प्रशासन की जिम्मेदारी

ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण कार्य अधूरा और अव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है। खासकर बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से अनुपयोगी हो सकती है।

न्यूज़ देखो: विकास कार्यों में लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही

लचरागढ़ की यह स्थिति साफ तौर पर दर्शाती है कि विकास कार्यों में योजना और क्रियान्वयन के बीच बड़ा अंतर है। सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में यदि जल निकासी की व्यवस्था को नजरअंदाज किया जाता है, तो उसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को इस मामले में जवाबदेह बनना होगा और तत्काल समाधान सुनिश्चित करना होगा। क्या जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान होगा, यह देखने वाली बात होगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें और जिम्मेदारी निभाएं — सड़क समस्या के समाधान में दें अपनी भागीदारी

ऐसी समस्याएं केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी बनती हैं। यदि हम अपनी समस्याओं को सही मंच तक पहुंचाएं और एकजुट होकर आवाज उठाएं, तो बदलाव संभव है। अपने आसपास की समस्याओं को नजरअंदाज न करें, बल्कि उसके समाधान के लिए पहल करें।

आपकी एक आवाज कई लोगों की परेशानी को दूर कर सकती है। स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाएं और जिम्मेदार अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाएं।

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सिमडेगा

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  • ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई।

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड स्थित लचरागढ़ चौराहा इन दिनों बारिश के कारण गंभीर जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है। यहां मुख्य सड़क पर पानी जमा होने से सड़क पूरी तरह तालाब का रूप ले चुकी है। इस वजह से विद्यालय और कॉलेज आने-जाने वाले छात्रों, अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण कार्य के दौरान जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से स्थिति और भी खराब हो गई है।

सड़क निर्माण के बीच बढ़ी परेशानी

कोलेबिरा से मनोहरपुर तक एनएच 320G सड़क चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। इसके साथ ही लचरागढ़ चौराहा मेन रोड से करी माटी, पंगुर और बड़ीबीरगा तक सड़क निर्माण कार्य भी जारी है। लेकिन इस निर्माण कार्य के दौरान नाली निर्माण को प्राथमिकता नहीं दी गई, जिसके कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है।

इस लापरवाही के चलते सड़क पर जल निकासी का कोई रास्ता नहीं बचा है और हर बारिश के बाद सड़क तालाब जैसी स्थिति में बदल जाती है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है बल्कि सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

छात्रों और अभिभावकों के लिए चुनौती

लचरागढ़ चौराहा से मिशन और चर्च रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर यह समस्या सबसे अधिक गंभीर हो गई है। विद्यालय और कॉलेज जाने वाले छात्रों को इस पानी भरे रास्ते से गुजरना मजबूरी बन गया है।

कई छात्र पैदल और साइकिल लेकर दुकानों के किनारे-किनारे किसी तरह संतुलन बनाते हुए सड़क पार कर रहे हैं। वहीं, बाइक और स्कूटी सवारों को भी मजबूरी में पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाने के दौरान जोखिम उठाने को विवश हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में यह रास्ता खतरनाक हो जाता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि सड़क निर्माण के साथ ही नाली निर्माण कर दिया जाता, तो इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता था। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द नाली निर्माण कराया जाए या फिर कोई वैकल्पिक जल निकासी व्यवस्था की जाए, ताकि सड़क पर पानी जमा न हो।

एक स्थानीय ग्रामीण ने कहा: “हर बारिश में यही हाल हो जाता है, बच्चों को स्कूल भेजना भी मुश्किल हो गया है, प्रशासन को जल्द समाधान करना चाहिए।”

ग्रामीणों की मांग और प्रशासन की जिम्मेदारी

ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण कार्य अधूरा और अव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है। खासकर बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से अनुपयोगी हो सकती है।

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लचरागढ़ की यह स्थिति साफ तौर पर दर्शाती है कि विकास कार्यों में योजना और क्रियान्वयन के बीच बड़ा अंतर है। सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में यदि जल निकासी की व्यवस्था को नजरअंदाज किया जाता है, तो उसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को इस मामले में जवाबदेह बनना होगा और तत्काल समाधान सुनिश्चित करना होगा। क्या जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान होगा, यह देखने वाली बात होगी।
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जागरूक बनें और जिम्मेदारी निभाएं — सड़क समस्या के समाधान में दें अपनी भागीदारी

ऐसी समस्याएं केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी बनती हैं। यदि हम अपनी समस्याओं को सही मंच तक पहुंचाएं और एकजुट होकर आवाज उठाएं, तो बदलाव संभव है। अपने आसपास की समस्याओं को नजरअंदाज न करें, बल्कि उसके समाधान के लिए पहल करें।

आपकी एक आवाज कई लोगों की परेशानी को दूर कर सकती है। स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाएं और जिम्मेदार अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाएं।

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